{"_id":"5974da0a4f1c1bb52a8b4650","slug":"141500830218-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साड़ी कल्प गांव का टूटा चैकडैम, फसलों पर खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साड़ी कल्प गांव का टूटा चैकडैम, फसलों पर खतरा
Updated Sun, 23 Jul 2017 10:50 PM IST
विज्ञापन
साड़ी कल्प गांव का चेकडैम टूूटा
टिनिच (बस्ती)।
बारिश के पानी को रोक कर किसानों की फसलों को पानी देने के उद्देश्य से ढाई साल पूर्व बनाया गया चेकडैम टूट गया है। इसके चलते इसके आस-पास के खेतों की फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है। सूचना के बाद भी जिम्मेदार विभाग अब तक कुछ भी नहीं कर सका है।
साड़ी कल्प गांव के पास शिवपुर से भरवलिया गांव को जाने वाले नाले पर वर्ष 2014-15 में लघु सिंचाई विभाग ने 32 लाख रुपये खर्च कर चेकडैम का निर्माण करा दिया। इसका उद्देश्य था कि बारिश के दिनों में पानी रोक लिया जाए और जरूरत पड़ने पर खेतों के सिंचाई में इसका उपयोग हो, मगर उद्देश्य की पूर्ति हो इससे पहले ही चेकडैम टूट गया है। इसके टूटने से आसपास के खेतों में पानी भरने और फसल डूबने की आशंका खड़ी हो गई है।
साड़ी कल्प गांव के बगल रहने वाले राकेश यादव का का कहना है कि इस चेकडैम से आज तक किसी किसान कि फसल की सिंचाई नहीं की गई। बेलवाड के पूर्व प्रधान महेश कहते हैं कि बनते समय ही मानक व गुणवत्ता पर शिकायत की गई थी, क्योंकि सीमेंट और बालू का प्रयोग अधिक हो रहा था, मगर जिम्मेदारों ने शिकायत को अनसुना कर दिया। साड़ी कल्प के पंकज कुमार का कहना है कि चेकडैम टूटने से आसपास के खेतों में बोई गई फसल को खतरा बढ़ गया है। बारिश अगर और हुई, तो फसलें पानी में डूब जाएंगी। गांव के प्रदीप कुमार यादव, राकेश यादव, प्रेम कुमार छोटे लाल, रामशब्द, प्रभात ने चेकडैम टूटने की जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
टिनिच (बस्ती)।
बारिश के पानी को रोक कर किसानों की फसलों को पानी देने के उद्देश्य से ढाई साल पूर्व बनाया गया चेकडैम टूट गया है। इसके चलते इसके आस-पास के खेतों की फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है। सूचना के बाद भी जिम्मेदार विभाग अब तक कुछ भी नहीं कर सका है।
साड़ी कल्प गांव के पास शिवपुर से भरवलिया गांव को जाने वाले नाले पर वर्ष 2014-15 में लघु सिंचाई विभाग ने 32 लाख रुपये खर्च कर चेकडैम का निर्माण करा दिया। इसका उद्देश्य था कि बारिश के दिनों में पानी रोक लिया जाए और जरूरत पड़ने पर खेतों के सिंचाई में इसका उपयोग हो, मगर उद्देश्य की पूर्ति हो इससे पहले ही चेकडैम टूट गया है। इसके टूटने से आसपास के खेतों में पानी भरने और फसल डूबने की आशंका खड़ी हो गई है।
विज्ञापन
साड़ी कल्प गांव के बगल रहने वाले राकेश यादव का का कहना है कि इस चेकडैम से आज तक किसी किसान कि फसल की सिंचाई नहीं की गई। बेलवाड के पूर्व प्रधान महेश कहते हैं कि बनते समय ही मानक व गुणवत्ता पर शिकायत की गई थी, क्योंकि सीमेंट और बालू का प्रयोग अधिक हो रहा था, मगर जिम्मेदारों ने शिकायत को अनसुना कर दिया। साड़ी कल्प के पंकज कुमार का कहना है कि चेकडैम टूटने से आसपास के खेतों में बोई गई फसल को खतरा बढ़ गया है। बारिश अगर और हुई, तो फसलें पानी में डूब जाएंगी। गांव के प्रदीप कुमार यादव, राकेश यादव, प्रेम कुमार छोटे लाल, रामशब्द, प्रभात ने चेकडैम टूटने की जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है।
विज्ञापन