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गरीबों पर जुल्म, रसूखदारों पर मेहरबानी
Updated Sat, 10 Jun 2017 05:19 PM IST
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सरकार व शासन अतिक्रमण को लेकर संवेदनशील है। प्रशासन व पुलिस भी सख्त नजर आ रही है, मगर केवल गरीबों के सामने। शहर का हृदय स्थल गांधी नगर प्रशासन व पुलिस की अतिक्रमण अभियान पर सवालिया निशान लगा दिया है।
गांधीनगर में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के नाम पर कभी कदम भी बढ़ाए तो धन के बल पर सत्ता तक पहुंच रखने वाले इन दबंगों ने आंख तरेर दी। फिर अभियान खत्म हो जाता है। लेकिन दूसरा पहलू ठीक उलटा है। प्रशासन व पुलिस जहां रसूखदारों पर मेहरबानी करती नजर आ रही है वहीं गरीबों के निवाले पर लात मारती दिखती है। प्रदेश में योगी सरकार बनते ही अतिक्रमण पर प्रशासनिक अमला सख्त हो उठा। पटरी दुकान रख कर परिवार का भरण पोषण करने वालों पर यह कहते हुए जुल्म ढाया गया कि इनको पहले से सही नोटिस दी जा चुकी है। छप्पर व टंकी में छिटपुट सामान रखकर व्यवसाय करने वालों को हटा दिया गया, मगर रसूखदारों पर हाथ डालने में तंत्र को पसीना छूट गया। गांधी नगर में ठीक चौकी के सामने दबंगों ने बाइक स्टैंड बनाकर पटरी पर वर्षों से कब्जा जमा रखा है। खबर है कि पुलिस व प्रशासनिक तंत्र इन दबंगों से इस नाते नहीं टकराता क्योंकि इनकी पहुंच सत्ता के गलियारे तक है। पुलिस के सामने ही यह कब्जेदार हर किसी से दबंगई भी करते हैं। कभी कोई आवाज उठी तो वे धन के बल पर ऐसे विरोध को दबा देते हैं।
कोट
गांधी नगर में सूचीबद्ध दुकानदार हैं, जो पटरी पर अतिक्रमण जमाए बैठे हैं। इनके खिलाफ पालिका को नोटिस देने का निर्देश तत्कालीन डीएम प्रभु एन सिंह ने दिया था। अतिक्रमण की सूची में यह सबसे ऊपर हैं। 18 जून के बाद इनके खिलाफ रणनीति बनाकर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीर है।
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: कीर्ति प्रकाश, एसडीएम सदर
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गांधीनगर में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के नाम पर कभी कदम भी बढ़ाए तो धन के बल पर सत्ता तक पहुंच रखने वाले इन दबंगों ने आंख तरेर दी। फिर अभियान खत्म हो जाता है। लेकिन दूसरा पहलू ठीक उलटा है। प्रशासन व पुलिस जहां रसूखदारों पर मेहरबानी करती नजर आ रही है वहीं गरीबों के निवाले पर लात मारती दिखती है। प्रदेश में योगी सरकार बनते ही अतिक्रमण पर प्रशासनिक अमला सख्त हो उठा। पटरी दुकान रख कर परिवार का भरण पोषण करने वालों पर यह कहते हुए जुल्म ढाया गया कि इनको पहले से सही नोटिस दी जा चुकी है। छप्पर व टंकी में छिटपुट सामान रखकर व्यवसाय करने वालों को हटा दिया गया, मगर रसूखदारों पर हाथ डालने में तंत्र को पसीना छूट गया। गांधी नगर में ठीक चौकी के सामने दबंगों ने बाइक स्टैंड बनाकर पटरी पर वर्षों से कब्जा जमा रखा है। खबर है कि पुलिस व प्रशासनिक तंत्र इन दबंगों से इस नाते नहीं टकराता क्योंकि इनकी पहुंच सत्ता के गलियारे तक है। पुलिस के सामने ही यह कब्जेदार हर किसी से दबंगई भी करते हैं। कभी कोई आवाज उठी तो वे धन के बल पर ऐसे विरोध को दबा देते हैं।
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गांधी नगर में सूचीबद्ध दुकानदार हैं, जो पटरी पर अतिक्रमण जमाए बैठे हैं। इनके खिलाफ पालिका को नोटिस देने का निर्देश तत्कालीन डीएम प्रभु एन सिंह ने दिया था। अतिक्रमण की सूची में यह सबसे ऊपर हैं। 18 जून के बाद इनके खिलाफ रणनीति बनाकर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीर है।
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: कीर्ति प्रकाश, एसडीएम सदर