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बिजली कटौती से बढ़ा गुस्सा
Updated Tue, 22 Aug 2017 11:23 PM IST
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बिजली कटौती से बढ़ा गुस्सा
मुंडेरवा/महसों।
प्रदेश शासन का बिजली मामले में आदेश बेमतलब सिद्ध हो रहा है। मुंडेरवा, महसों, बभनान, वाल्टरगंज, विक्रमजोत आदि क्षेत्रों में अंधाधुंध कटौती से लोगों में गुस्सा है।
योगी सरकार के आदेश का गांव की आपूर्ति में बिजली विभाग खिल्ली उड़ा रहा है। 18 घंटे आदेश की जगह आठ घंटे भी बमुश्किल आपूर्ति मिल रही है। मुंडेरवा विद्युत उपकेन्द्र से छह फीडर को सप्लाई होती है। इस फीडर से एक सप्ताह से अधिकतम छह घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। दिन में तार बदलने के नाम पर आपूर्ति ठप रहती है और शाम को बस्ती से बिजली न मिलने की बात कर जिम्मेदार पल्ला झाड ले रहे हैं। सोमवार से मंगलवार के बीच 48 घंटे में तीन से चार घंटे ही सप्लाई मिल रही है। बारिश न होने और बिजली न मिलने से किसानों को धान की सिंचाई में दिक्कतें हो रही हैं। महंगे डीजल से सिंचाई करने को बाध्य हो रहे हैं। सभाजीत भट्ट, सच्चिदा नन्द त्रिपाठी, व्यापारी नेता पवन चौधरी, गिरिजेश कसौधन, गोरख शुक्ल, शिवम भट्ट, नन्हे पान्डेय आदि का कहना है कि एक सप्ताह से दिन में दो-तीन घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। इससे व्यापारी और किसान दोनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन उपभोक्ताओं का कहना है कि मुंडेरवा उपकेंद्र पर जेई आज तक रहते ही नहीं हैं। जबकि जेई बीपी सिंह का फोन भी नहीं उठता।
महसों प्रतिनिधि के मुताबिक पिछले कई दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती चल रही है। इसकी शिकायत कई बार लोगों ने महसों उपकेंद्र पर की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उपभोक्ताओं का कहना है कि 18 घंटे में मात्र चार घंटे ही बिजली मिल रही हैं। वहीं, मंगलवार को महादेवा विधायक रवि सोनकर से भी इसकी शिकायत की गई। विधायक ने बिजली महकमे के अभियंता निसार अहमद से फोन से बात की। आश्वासन दिया कि मंगलवार शाम तक व्यवस्था सुधर जाएगी। इस दौरान राजन पाल, विकास पाल, पिंटू गुप्ता, ऋषभ पाल, अमित श्रीवास्तव, राजन श्रीवास्तव, इस्राइल प्रधान प्रतिनिधि राजेश पाल, राहुल पाल आदि उपस्थित रहे।
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मुंडेरवा/महसों।
प्रदेश शासन का बिजली मामले में आदेश बेमतलब सिद्ध हो रहा है। मुंडेरवा, महसों, बभनान, वाल्टरगंज, विक्रमजोत आदि क्षेत्रों में अंधाधुंध कटौती से लोगों में गुस्सा है।
योगी सरकार के आदेश का गांव की आपूर्ति में बिजली विभाग खिल्ली उड़ा रहा है। 18 घंटे आदेश की जगह आठ घंटे भी बमुश्किल आपूर्ति मिल रही है। मुंडेरवा विद्युत उपकेन्द्र से छह फीडर को सप्लाई होती है। इस फीडर से एक सप्ताह से अधिकतम छह घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। दिन में तार बदलने के नाम पर आपूर्ति ठप रहती है और शाम को बस्ती से बिजली न मिलने की बात कर जिम्मेदार पल्ला झाड ले रहे हैं। सोमवार से मंगलवार के बीच 48 घंटे में तीन से चार घंटे ही सप्लाई मिल रही है। बारिश न होने और बिजली न मिलने से किसानों को धान की सिंचाई में दिक्कतें हो रही हैं। महंगे डीजल से सिंचाई करने को बाध्य हो रहे हैं। सभाजीत भट्ट, सच्चिदा नन्द त्रिपाठी, व्यापारी नेता पवन चौधरी, गिरिजेश कसौधन, गोरख शुक्ल, शिवम भट्ट, नन्हे पान्डेय आदि का कहना है कि एक सप्ताह से दिन में दो-तीन घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। इससे व्यापारी और किसान दोनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन उपभोक्ताओं का कहना है कि मुंडेरवा उपकेंद्र पर जेई आज तक रहते ही नहीं हैं। जबकि जेई बीपी सिंह का फोन भी नहीं उठता।
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महसों प्रतिनिधि के मुताबिक पिछले कई दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती चल रही है। इसकी शिकायत कई बार लोगों ने महसों उपकेंद्र पर की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उपभोक्ताओं का कहना है कि 18 घंटे में मात्र चार घंटे ही बिजली मिल रही हैं। वहीं, मंगलवार को महादेवा विधायक रवि सोनकर से भी इसकी शिकायत की गई। विधायक ने बिजली महकमे के अभियंता निसार अहमद से फोन से बात की। आश्वासन दिया कि मंगलवार शाम तक व्यवस्था सुधर जाएगी। इस दौरान राजन पाल, विकास पाल, पिंटू गुप्ता, ऋषभ पाल, अमित श्रीवास्तव, राजन श्रीवास्तव, इस्राइल प्रधान प्रतिनिधि राजेश पाल, राहुल पाल आदि उपस्थित रहे।
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