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13 बंदी 60 दिनों की अंतरिम जमानत पर रिहा
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13 बंदी 60 दिनों की अंतरिम जमानत पर रिहा
बस्ती। कोरोना को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को जेल प्रशासन ने 13 कैदियों को साठ दिनों की अंतरिम जमानत पर देर शाम रिहा कर दिया।
जेल प्रशासन के मुताबिक, जेल से करीब कुल 139 क़ैदियों को दो महीने की अंतरिम जमानत पर छोड़ा जाएगा। जेलर सतीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जो विचाराधीन बंदी सात साल से कम सजा वाले अपराध में बंद हैं, उन्हें दो महीने की अंतरिम जमानत संबंधित कोर्ट से दी जा रही है। बंदियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जिला जज बस्ती और संतकबीरनगर ने उनकी अंतरिम जमानत के आदेश भी दे दिए हैं। जमानत की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है। इसमें उन कैदियों को प्राथमिकता मिल रही है, जो सात साल सजा वाले अपराध में बंद हैं या पूर्व में पैरोल पर छूटने के दौरान उनका आचरण अच्छा रहा। 65 या इससे अधिक उम्र वालों को भी पैरोल मिलेगी।
इस दायरे में गर्भवती या गंभीर रोगों से ग्रसित महिलाएं भी हैं। ऐसे कैदी जो 2020-2021 में अथवा पांच साल के भीतर कभी पेरोल पर छूटे हो, उन्हें भी 60 दिन की पेंडेमिक पैरोल दी जाए। जिनकी अर्जी सरकार के समक्ष लंबित है, 60 दिनों के पैरोल पर रिहाई का फैसला लिया जाएगा। 65 साल से अधिक आयु के महिला-पुरुष कैदियों, 50 साल से अधिक की महिला कैदियों, सजायाफ्ता गर्भवती महिलाओं, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कैदियों को 60 दिन का पैरोल पाने का हकदार माना गया है। जेलर के मुताबिक, जेल में बंद 45 और 60 वर्ष से अधिक उम्र के कैदियों को कोरोना रोधी वैक्सीन भी लगाई जाएगी।
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बस्ती। कोरोना को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को जेल प्रशासन ने 13 कैदियों को साठ दिनों की अंतरिम जमानत पर देर शाम रिहा कर दिया।
जेल प्रशासन के मुताबिक, जेल से करीब कुल 139 क़ैदियों को दो महीने की अंतरिम जमानत पर छोड़ा जाएगा। जेलर सतीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जो विचाराधीन बंदी सात साल से कम सजा वाले अपराध में बंद हैं, उन्हें दो महीने की अंतरिम जमानत संबंधित कोर्ट से दी जा रही है। बंदियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जिला जज बस्ती और संतकबीरनगर ने उनकी अंतरिम जमानत के आदेश भी दे दिए हैं। जमानत की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है। इसमें उन कैदियों को प्राथमिकता मिल रही है, जो सात साल सजा वाले अपराध में बंद हैं या पूर्व में पैरोल पर छूटने के दौरान उनका आचरण अच्छा रहा। 65 या इससे अधिक उम्र वालों को भी पैरोल मिलेगी।
इस दायरे में गर्भवती या गंभीर रोगों से ग्रसित महिलाएं भी हैं। ऐसे कैदी जो 2020-2021 में अथवा पांच साल के भीतर कभी पेरोल पर छूटे हो, उन्हें भी 60 दिन की पेंडेमिक पैरोल दी जाए। जिनकी अर्जी सरकार के समक्ष लंबित है, 60 दिनों के पैरोल पर रिहाई का फैसला लिया जाएगा। 65 साल से अधिक आयु के महिला-पुरुष कैदियों, 50 साल से अधिक की महिला कैदियों, सजायाफ्ता गर्भवती महिलाओं, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कैदियों को 60 दिन का पैरोल पाने का हकदार माना गया है। जेलर के मुताबिक, जेल में बंद 45 और 60 वर्ष से अधिक उम्र के कैदियों को कोरोना रोधी वैक्सीन भी लगाई जाएगी।
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