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Basti News: 1.25 करोड़ खर्च फिर भी नहीं बुझ सकी ग्रामीणों की प्यास

Tue, 03 Feb 2026 01:00 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 03 Feb 2026 01:00 AM IST
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1.25 crore rupees spent but the villagers' thirst could not be quenched
कलवरी मुस्तकहम गांव में ओवरहेड टैंक संवाद
बहादुरपुर (बस्ती)। पेयजल परियोजना पर 1.25 करोड़ रुपये खर्च करने के ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझ सकी। 16 वर्ष बाद पूर्व ओवरहेड टैंक और ट्यूबवेल का निर्माण कराया गया और 22 किलो मीटर लंबी पाइपलाइन भी बिछाई गई मगर टोंटियों तक एक बूंद भी पानी नहीं पहुंच सका। ऐसे में कलवारी मुस्तहकम ग्राम पंचायत के लोग इंडिया मार्क हैंडपंप या फिर देसी नल के पानी का प्रयोग करने को मजबूर हैं।
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बता दें कि जिले की दूसरी सबसे बड़ी ग्राम पंचायत की श्रेणी में शामिल बहादुरपुर ब्लाॅक के कलवारी मुस्तहकम ग्राम पंचायत के छोटे-बड़े करीब 50 पुरवा के बाशिंदों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2009-10 में 1.25 करोड़ रुपये खर्च कर ओवरहेड टैंक और ट्यूबवेल का निर्माण कराया गया था। 22 किमी. पाइपलाइन भी बिछाई गई है। जैसे-तैसे निर्माण कार्य पूर्ण कराकर परियोजना को हैंडओवर कर दिया गया। मगर ग्रामीणों का शुद्ध पेयजल का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। परियोजना के हैंडओवर होने पर सप्लाई शुरू की तो गई मगर पाइपलाइन और टोंटी में पानी ही नहीं पहुंचा। ऐसे में यहां के बाशिंदों को इंडिया मार्क हैंडपंप या फिर देसी नल के पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2008-09 में क्षेत्र में कई लोग जल जनित रोग से ग्रसित हो गए थे। इसके बाद यहां पेयजल परियोजना पर पहल शुरू हुई। 2011 की जनगणना के अनुसार ग्राम पंचायत की आबादी लगभग साढ़े छह हजार थी जो अब बढ़कर लगभग 10 हजार हो गई है, लेकिन ग्रामीणों को शुद्ध पेेयजल नसीब नहीं होे सका। वहीं अधिकारियों का कहना है कि पानी सप्लाई में सबसे बड़ी बाधा बनी लुंबनी-दुद्धी मार्ग और राम जानकी मार्ग चौड़ीकरण, इसके कारण मुख्य पाइप पूरी तहत क्षतिग्रस्त हो गई थी।
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उन पाइपों को सही कराने में भी समय लगा, इस समय कुछ पुरवे में सप्लाई सुचारू रूप से चल रही है। लगातार क्षतिग्रस्त पाइपों को सही कराकर ग्रामीणों को निर्बाध सप्लाई का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में जेई अजीत सिंह ने बताया कि ग्रामीणों के घरों में लगे सभी टोंटी तक पानी पहुंचे इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा। पाइप के लीकेज सही कर शीघ्र ही सभी के टोंटी तक पानी पहुंचाया जाएगा। यहां करीब हजार से अधिक कनेक्शन हैं।
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ग्रामीण बोले- पानी मिला नहीं पाइपलाइन बिछाने के लिए तोड़ दीं सड़के
जलनिगम स्वच्छ पेयजल तो उपलब्ध नहीं करा पाया अलबत्ता पाइपलाइन बिछाने के लिए गांव की सड़कों को जगह जगह खोद और तोड़ कर खराब जरूर कर दिया। सड़क टूटने से सांसत होती है। पेयजल के लिए हैंडपंप का प्रयोग करना पड़ता है या फिर डिब्बा बंद पानी मंगवाना मजबूरी है।
-संतोष कुमार गुड्डू सिंह, कलवारी मुस्तकहम
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जलनिगम की ओर से हर घर नल से जल देने के लिए टोटी तो लगा दिया गया है किंतु उसमें पानी का इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा है। परियोजनाओं पर लाखों खर्च होने के बाद पानी नहीं मिलना विभागीय उदासीनता का प्रमाण है। देसी नल व इंडिया मार्क हैंडपंप ही पेयजल के लिए सहारा बन रहा है।
-दिवाकर विक्रम सिंह, कलवारी मुस्तकहम
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय कलवारी मुस्तहकम के सामने घर है। पानी के लिए टोटी लगाया गया है किन्तु कभी भी पानी नहीं आया। वाटर प्लांट वालों से डिब्बे का पानी लेकर काम चला रहे हैं। अधिकांश ग्रामीण देसी नल का प्रयोग कर रहे हैं। ऐसी परियोजना सिर्फ कागजी साबित हो रही है।
मनोज जायसवाल, कलवारी मुस्तकहम
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पानी पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा टोटी लगाया गया है किन्तु कभी भी सप्लाई नहीं मिला। पानी मिल सके इसके लिए जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत कर चुके हैं, बाजवूद पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। शिकायतों का निस्तारण सप्लाई संचालित होने की रिपोर्ट लगाकर कर देते हैं।
सुरेश सिंह, कलवारी मुस्तकहम
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- स्वच्छ पानी मिले इसके लिए कई बार ग्रामीणों के साथ शिकायत की गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। शिकायतों को का निराकरण नहीं किया जाता, आश्वसन मिलता है। जलनिगम ग्राम पंचायत के सभी पुरवों तक पानी पंहुचाने में विफल रहा है। इससे लोग परेशान हैं। देसी नल का प्रयोग कर रहे।

दिनेश चन्द्र जायसवाल, प्रधान, कलवारी मुस्तकहम
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पुराने पूर्ण परियोजनाओं में जहां जलापूर्ति की समस्या आ रही है, वहां जांच कराई जाएगी। संबंधित जेई को निर्देश दिए जाएंगे कि जो खामियां हैं उसे दूर करते हुए सप्लाई बहाल कराएं। स्वच्छ जल ग्रामीणों को मिले, ऐसा प्रयास है।
इं. योगेंद्र प्रसाद, एक्सईएन, जलनिगम, ग्रामीण
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