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तुर्कहिया में शुद्ध पेय जल भी मयस्सर नहीं

Tue, 11 Sep 2018 11:57 PM IST
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:57 PM IST
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तुर्कहिया में शुद्ध पेय जल भी मयस्सर नहीं
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तुर्कहिया में शुद्ध पेयजल भी मयस्सर नहीं
चार हजार की आबादी में महज चार सौ कनेक्शन
मजबूरी में दूषित जल पी रहे हैं तुर्कहिया के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। लोगों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए भले ही सरकारी धन पानी की तरह खर्च किया जा रहा हो, लेकिन शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। शहर के वार्डों में जनजागरूकता धड़ाम है। जिम्मेदारों के दावों की हकीकत जानने इन दिनों टीम अमर उजाला वार्डों की पड़ताल कर रही है। इसमें तुर्कहिया वार्ड की सडक़, बिजली समस्या को उजागर करने के बाद पेयजल की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
तुर्कहिया वार्ड की आबादी लगभग चार हजार की है। जिम्मेदारों की मानें तो यहां चार सौ घरों को वाटर सप्लाई दी गई है। सवाल उठना लाजिमी है कि इतनी आबादी पर सिर्फ चार सौ कनेक्शन क्यों। वार्ड के लोगों से जानकारी ली गई तो वे खुलकर बोले। सभी ने कहा कि चुनाव नजदीक आने पर राजनेता सबकी सुध लेने पहुंचते हैं। बड़े-बड़े वादे करते हैं। लेकिन चुनाव बाद वार्ड में अपनी शक्ल तक नहीं दिखाते। मोहल्ले की सुमन व मीरा देवी ने बताया कि शुद्ध पेयजल की किल्लत तो है ही, लेकिन किया क्या जाए। मजबूरी में तो हैंडपंप ही सहारा है। अलीमुल्लाह ने कहा कि वाटर सप्लाई का कनेक्शन न होने से हैंडपंप से ही पानी पीते हैं, पूरा परिवार इसी के जल पर निर्भर है। अंकित श्रीवास्तव ने कहा कि वाटर सप्लाई के लिए कई बार जिम्मेदारों से आवेदन किया लेकिन कोई सुनवाई ही नहीं हुई।
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50 रुपये हुआ जलकर
वर्ष 1998 में आवासीय 30 रुपये व व्यावसायिक 75 रुपये की दर से जल कर की वसूली की जाती थी। जो वर्तमान में 50 रुपये आवासीय व 100 रुपये व्यावसायिक कर दी गई है। बावजूद इसके अधिकांश घरों तक टोटी का पानी नहीं पहुंच सका है।
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जलजनित रोगों का भय
शुद्ध पेयजल न मिलने से लोगों में जलजनित बीमारियों का भय बना रहता है। कई तो इसके शिकार भी हो चुके हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी के अनुसार दूषित जल पीने से लोगों में डायरिया, पीलिया, किडनी सहित अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

अधिशासी अभियंता जल निगम की सुनिए
पेयजल की समस्या को लेकर जब अधिशासी अभियंता जल निगम विश्वेश्वर प्रसाद से बात की गई तो उनका कहना था कि जल्द ही पेयजल की समस्या दूर हो जाएगी। 25 किलोमीटर वाटर सप्लाई पाइप लाइन बिछाने की स्वीकृति मिल गई है। अब काम चालू होगा। जो घर छूट गए हैं, उसमें कनेक्शन किया जाएगा।


अधिशासी अधिकारी ने कहा
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी मणिभूषण त्रिपाठी से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि पालिका क्षेत्र में 17 हजार 610 भवन हैं। दस हजार घरों को वाटर सप्लाई दी गई है। त्रिपाठी ने कहा कि प्रतिदिन 21 एमएलडी पानी की खपत हो रही है।
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