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खतरे में पड़ी शिक्षक की नौकरी
Updated Mon, 12 Jun 2017 05:23 PM IST
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बस्ती। सदर ब्लॉक के रानीपुर प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापक रमा सिंह की नौकरी खतरे में पड़ गई है। शासन ने केसरवानी विद्यापीठ आगरा को फर्जी घोषित कर मान्यता रद कर दी है। इस पीठ से प्राप्त सभी डिग्री को निरस्त कर दिया गया है। इसकी रिपोर्ट परिषद के सचिव को बीएसए ने की है।
केसरवानी विद्यापीठ आगरा की मान्यता निरस्त करने के बाद शासन की ओर से इस बात की छानबीन की जा रही है कि इस विद्यापीठ से शिक्षा की डिग्री पाए कितने लोग सरकारी नौकरी में हैं। बीएसए ने बताया कि शासन की मांग पर जब रिपोर्ट सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से ली गई तो सदर ब्लॉक के रानीपुर प्राथमिक विद्यालय में रमा सिंह की जानकारी हुई। रमा सिंह वर्ष 2004 में विशिष्ट बीटीसी की डिग्री पर वर्ष 2005 से सहायक अध्यापक के पद पर कार्य रही हैं। बताया कि सभी बीईओ से इस मामले में प्रमाण-पत्र लिया गया है। प्रदेश शासन ने इस विद्यापीठ के प्रशिक्षित स्नातक और परास्नातक एवं अन्य शिक्षा से संबधित डिग्रियों को अमान्य घोषित किया है। विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि इसकी चपेट में माध्यमिक शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मी भी आ सकते हैं।
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केसरवानी विद्यापीठ आगरा की मान्यता निरस्त करने के बाद शासन की ओर से इस बात की छानबीन की जा रही है कि इस विद्यापीठ से शिक्षा की डिग्री पाए कितने लोग सरकारी नौकरी में हैं। बीएसए ने बताया कि शासन की मांग पर जब रिपोर्ट सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से ली गई तो सदर ब्लॉक के रानीपुर प्राथमिक विद्यालय में रमा सिंह की जानकारी हुई। रमा सिंह वर्ष 2004 में विशिष्ट बीटीसी की डिग्री पर वर्ष 2005 से सहायक अध्यापक के पद पर कार्य रही हैं। बताया कि सभी बीईओ से इस मामले में प्रमाण-पत्र लिया गया है। प्रदेश शासन ने इस विद्यापीठ के प्रशिक्षित स्नातक और परास्नातक एवं अन्य शिक्षा से संबधित डिग्रियों को अमान्य घोषित किया है। विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि इसकी चपेट में माध्यमिक शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मी भी आ सकते हैं।
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