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गैस सब्सिडी में फिर गोलमाल
Updated Mon, 22 Oct 2018 10:38 PM IST
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- फोटो : डेमो
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बस्ती। त्योहारी सीजन में जहां रसोई गैस की मांग बढ़ गई है वहीं उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी की रकम नहीं पहुंचने से गुस्सा भी है। एजेंसियां उपभोक्ताओं को नित नए बहाने भी समझा रही हैं। सब्सिडी रुकने से गोलमाल की भी आशंका बढ़ी है।
जिले में कुल उपभोक्ता 401228 हैं जिनमें 135894 को उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन बांटे गए हैं। कई उपभोक्ताओं के खाते में चार से छह महीने के बाद भी सब्सिडी की रकम नहीं आई। जानकारों का मानना है कि एलपीजी सब्सिडी की रकम तय समय पर न देने से एजेंसियों को बड़ा मुनाफा होता है। लोगों से पूरी रकम लेने के बाद वे उसका उपयोग दूसरे कामों में करते हैं। जिससे सब्सिडी ट्रांसफर में भी देरी हो रही है। रसोई गैस उपभोक्ता संगठन के प्रमुख एडवोकेट केके उपाध्याय के अनुसार जिले में पांच हजार से ज्यादा ऐसे गैस कंज्यूमर हैं, जिनके खाते में महीनों से गैस सब्सिडी नहीं पहुंच रही है। जबकि सारे लोग कई-कई बार एजेंसियों में जाकर आधार और बैंक खातों को लिंक करवा चुके हैं। एजेंसियों में शिकायत कर रहे हैं तो उन्हें बैंक में भेजा जा रहा है। बैंकों से उन्हें दो टूक जवाब मिलता है कि बैंक अपना काम कर चुका है।
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