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बिना मान्यताप वाले 200 स्कूलों को दी गई नोटिस
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:10 PM IST
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बस्ती। वैसे तो जिले में बिना मान्यता के चलने वाले स्कूलों की संख्या का पता नहीं, मगर विभाग ने दो सौ उन स्कूलों को नोटिस जारी किया, जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह बताया कि मान्यता लेने के लिए 30 अगस्त तक समय दिया गया, उसके बाद जांच कराई जाएगी और अगर कोई विद्यालय बिना मान्यता के पकड़ा जाएगा, तो उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। समय से जुर्माना अदा न करने वाले स्कूलों को प्रतिदिन दस हजार रुपये के दर से अगल से जुर्माना देना होगा।
शासन और प्रशासन सहित विभाग के लिए बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन का रोक पाना हमेशा से बड़ी चुनौती रही है। जुलाई आते ही हर बार बिना मान्यता वाले स्कूलों के विरुद्घ कार्रवाई करने और उनका संचालन बंद करने का फरमान सुनाया जाता है, मगर कार्रवाई एक के विरुद्घ नहीं हो पाती। स्कूल का संचालन बंद करने को कौन कहे, किसी स्कूल पर जुर्माना तक नहीं लगाया गया। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों और बीएसए कार्यालय में मान्यता की फाइल देखने वालों को दोषी माना जाता है। शहर हो या ग्रामीण हर क्षेत्र में बड़ी संख्या में बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन होते दिखाई दे सकता है। नाम न छापने पर एक स्कूल के प्रबंधक ने कहा कि जब तक महिना वसूली बंद नहीं होगी, कुछ भी नहीं हो सकता। इस प्रबंधक की माने तो इस मामले में बीएसए कार्यालय और खंड शिक्षा अधिकारियों को पूरी तरह ईमानदार होना पड़ेगा। तभी जाकर सरकार की मंशा पूरी होगी। कांवेंट शिक्षा देने के नाम पर जिस तरह से अभिभावकों का शोषण हो रहा है, और बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहे हैं, उसके लिए काफी हद शिक्षा व्यवस्था को जिम्मेदार माना जा रहा है। रिकार्ड गवाह है कि इस मामले में पिछले दो साल से एक भी बिना मान्यता वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई नही हुई। हांलाकि नवागत बीएसए इस मामले में गंभीर अवश्य दिखाई दे रहे हैं, मगर वह अपने मकसद में कितना सफल होंगे इस पर संशय की स्थित हैं।
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शासन और प्रशासन सहित विभाग के लिए बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन का रोक पाना हमेशा से बड़ी चुनौती रही है। जुलाई आते ही हर बार बिना मान्यता वाले स्कूलों के विरुद्घ कार्रवाई करने और उनका संचालन बंद करने का फरमान सुनाया जाता है, मगर कार्रवाई एक के विरुद्घ नहीं हो पाती। स्कूल का संचालन बंद करने को कौन कहे, किसी स्कूल पर जुर्माना तक नहीं लगाया गया। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों और बीएसए कार्यालय में मान्यता की फाइल देखने वालों को दोषी माना जाता है। शहर हो या ग्रामीण हर क्षेत्र में बड़ी संख्या में बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन होते दिखाई दे सकता है। नाम न छापने पर एक स्कूल के प्रबंधक ने कहा कि जब तक महिना वसूली बंद नहीं होगी, कुछ भी नहीं हो सकता। इस प्रबंधक की माने तो इस मामले में बीएसए कार्यालय और खंड शिक्षा अधिकारियों को पूरी तरह ईमानदार होना पड़ेगा। तभी जाकर सरकार की मंशा पूरी होगी। कांवेंट शिक्षा देने के नाम पर जिस तरह से अभिभावकों का शोषण हो रहा है, और बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहे हैं, उसके लिए काफी हद शिक्षा व्यवस्था को जिम्मेदार माना जा रहा है। रिकार्ड गवाह है कि इस मामले में पिछले दो साल से एक भी बिना मान्यता वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई नही हुई। हांलाकि नवागत बीएसए इस मामले में गंभीर अवश्य दिखाई दे रहे हैं, मगर वह अपने मकसद में कितना सफल होंगे इस पर संशय की स्थित हैं।
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