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अनाज उठान में फंसा कोटेदारों के मांग का पेंच 16-55-57
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कोटेदारों की मांग में फंसी अनाज की उठान
मांगों के समर्थन में फरवरी का अनाज नहीं उठा रहे कोटेदार
कोटेदारों की मांग को पूर्ति विभाग ने शासन के संज्ञान में डाला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गरीबों के फरवरी के अनाज उठान पर संकट है। कोटेदारों ने मांगों के समर्थन में उठान दिक्कत फंसा दी है। इसके चलते मंगलवार तक कहीं भी उठान नहीं हुई है। इन स्थितियों के चलते कोटा दुकान से फरवरी का वितरण संकट में पड़ सकता है, जिससे गरीबों के घर का चूल्हा प्रभावित होगा। हालांकि, पूर्ति विभाग ने कोटेदारों की मांग को शासन के संज्ञान में डाल दिया है, मगर अब तक उस पर कोई निर्णय न होने से स्थिति बिगड़ रही है।
जिले मेें ई-पॉस मशीन लगने के बाद से कोटेदार 25-30 हजार मानदेय देने, वर्ष 2001 से अब तक के कमीशन व भाड़ा सहित सभी बकाया भुगतान करने तथा गोदाम से तौल कर अनाज दिए जाने की मांग कर रहे हैं। अब तक सामान्य रूप से चल रही मांग ने नया मोड़ ले लिया है। कोटेदारों ने मांग पूरी होने तक अनाज उठाने से मना कर दिए हैं। ऐसे में जिले में अब तक कहीं किसी गोदाम से पीडीएस का एक दाना अनाज भी नहीं उठा है, जबकि अब तक अधिकांश उठान हो जाती है। इन स्थितियों के चलते आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार परेशान हैं। वे लगातार कोटेदारों से बातचीत तो कर रहे हैं मगर संगठन के दबाव में कोटेदार उनकी एक भी सुनने को तैयार नहीं हैं।
विभागीय जिम्मेदारों की मानें तो कोटेदारों की मांग पर शासन स्तर पर भी कार्रवाई की औपचारिकताएं शुरू कर दी गई हैं, मगर उनकी मांगों को पूरा करने में तमाम कार्रवाई की जाती है। ऐसे में इसमें समय लगेगा। कोटेदारों की मानें तो शासन से लगायत प्रशासन तक कोटेदारों की मांग को लगातार उपेक्षा करता रहा है। ऐसे में अब तभी बात बन सकेगी जब संगठन के पदाधिकारियों को यह भरोसा हो जाए कि उनकी मांग पूरी हो जाएगी।
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जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्र ने कहा कि कोटेदारों की मांग को शासन स्तर से सुलझाया जाना है। शासन के संज्ञान में सब कुछ है। कोटेदारों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि इस माह वे राशन उठा लें, जिससे गरीबों को उनके हिस्से का अनाज मिल जाए।
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मांगों के समर्थन में फरवरी का अनाज नहीं उठा रहे कोटेदार
कोटेदारों की मांग को पूर्ति विभाग ने शासन के संज्ञान में डाला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गरीबों के फरवरी के अनाज उठान पर संकट है। कोटेदारों ने मांगों के समर्थन में उठान दिक्कत फंसा दी है। इसके चलते मंगलवार तक कहीं भी उठान नहीं हुई है। इन स्थितियों के चलते कोटा दुकान से फरवरी का वितरण संकट में पड़ सकता है, जिससे गरीबों के घर का चूल्हा प्रभावित होगा। हालांकि, पूर्ति विभाग ने कोटेदारों की मांग को शासन के संज्ञान में डाल दिया है, मगर अब तक उस पर कोई निर्णय न होने से स्थिति बिगड़ रही है।
जिले मेें ई-पॉस मशीन लगने के बाद से कोटेदार 25-30 हजार मानदेय देने, वर्ष 2001 से अब तक के कमीशन व भाड़ा सहित सभी बकाया भुगतान करने तथा गोदाम से तौल कर अनाज दिए जाने की मांग कर रहे हैं। अब तक सामान्य रूप से चल रही मांग ने नया मोड़ ले लिया है। कोटेदारों ने मांग पूरी होने तक अनाज उठाने से मना कर दिए हैं। ऐसे में जिले में अब तक कहीं किसी गोदाम से पीडीएस का एक दाना अनाज भी नहीं उठा है, जबकि अब तक अधिकांश उठान हो जाती है। इन स्थितियों के चलते आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार परेशान हैं। वे लगातार कोटेदारों से बातचीत तो कर रहे हैं मगर संगठन के दबाव में कोटेदार उनकी एक भी सुनने को तैयार नहीं हैं।
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विभागीय जिम्मेदारों की मानें तो कोटेदारों की मांग पर शासन स्तर पर भी कार्रवाई की औपचारिकताएं शुरू कर दी गई हैं, मगर उनकी मांगों को पूरा करने में तमाम कार्रवाई की जाती है। ऐसे में इसमें समय लगेगा। कोटेदारों की मानें तो शासन से लगायत प्रशासन तक कोटेदारों की मांग को लगातार उपेक्षा करता रहा है। ऐसे में अब तभी बात बन सकेगी जब संगठन के पदाधिकारियों को यह भरोसा हो जाए कि उनकी मांग पूरी हो जाएगी।
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जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्र ने कहा कि कोटेदारों की मांग को शासन स्तर से सुलझाया जाना है। शासन के संज्ञान में सब कुछ है। कोटेदारों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि इस माह वे राशन उठा लें, जिससे गरीबों को उनके हिस्से का अनाज मिल जाए।