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खास खबर... मतदान को पारदर्शी बनाएगी एम-3 ईवीएम
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:09 AM IST
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खास खबर...
मतदान को पारदर्शी बनाएगी एम-3 ईवीएम
आयोग ने भेजा ईवीएम का 2885 सीयू, 3900 बीयू
लोस चुनाव-2019 में इस बार टेंपर प्रूफ ईवीएम
बंगलूरू के इंजीनियरों का दल ईवीएम की जांच में जुटा
वीरेंद्र पांडेय
बस्ती। लोकसभा चुनाव-2019 के मतदान में ऐसी ईवीएम इस्तेमाल की जाएगी, जिसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता पहले से प्रमाणित होगी। टेंपर प्रूफ तकनीकि से युक्त एम-3 टाइप की वोटिंग मशीन किसी भी तरह की छेड़छाड़ करते ही काम करना बंद देगी। उसी क्षण वोटिंग प्रक्रिया रुक जाएगी। डीएम डॉ. राजशेखर ने बताया कि 25 अक्तूबर तक सभी बीयू और सीयू की जांच पूरी होगी।
मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग ने जिले में लोस चुनाव में मतदान एम-3 टाइप के ईवीएम की पहली खेप आ चुकी है। इसमें 2885 नई कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 3900 बैलट यूनिट (बीयू) शामिल हैं। बीओ-सीयू एम 3 मॉडल की यह मशीनें बंगलूरू के इलेक्ट्रॉनिक कॉरर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड संयंत्र में तैयार हुई हैं। सप्लाई के साथ कंपनी के 10 विशेषज्ञ इंजीनियर्स की टीम भी आई है जो मशीनों को चेक करके ओके करने में जुटी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें सेल्फ डायग्नोसिस युक्त सॉफ्टवेयर हैं जो सिस्टम में आई किसी भी गड़बड़ी की पहचान कर तुरंत डिस्प्ले पर मैसेज देने लगेंगे। कंट्रोल और बैलेट यूनिट एक-दूसरे से जुड़े होंगे। अगर बाहर से मशीन में कंट्रोल या बैलेट यूनिट लगाने की कोशिश की गई तो डिजिटल सिग्नेचर का मिलान करेगी। यदि मिस मैच हुआ तो सिस्टम काम करना बंद कर देगा।
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मतदान को पारदर्शी बनाएगी एम-3 ईवीएम
आयोग ने भेजा ईवीएम का 2885 सीयू, 3900 बीयू
लोस चुनाव-2019 में इस बार टेंपर प्रूफ ईवीएम
बंगलूरू के इंजीनियरों का दल ईवीएम की जांच में जुटा
वीरेंद्र पांडेय
बस्ती। लोकसभा चुनाव-2019 के मतदान में ऐसी ईवीएम इस्तेमाल की जाएगी, जिसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता पहले से प्रमाणित होगी। टेंपर प्रूफ तकनीकि से युक्त एम-3 टाइप की वोटिंग मशीन किसी भी तरह की छेड़छाड़ करते ही काम करना बंद देगी। उसी क्षण वोटिंग प्रक्रिया रुक जाएगी। डीएम डॉ. राजशेखर ने बताया कि 25 अक्तूबर तक सभी बीयू और सीयू की जांच पूरी होगी।
मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग ने जिले में लोस चुनाव में मतदान एम-3 टाइप के ईवीएम की पहली खेप आ चुकी है। इसमें 2885 नई कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 3900 बैलट यूनिट (बीयू) शामिल हैं। बीओ-सीयू एम 3 मॉडल की यह मशीनें बंगलूरू के इलेक्ट्रॉनिक कॉरर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड संयंत्र में तैयार हुई हैं। सप्लाई के साथ कंपनी के 10 विशेषज्ञ इंजीनियर्स की टीम भी आई है जो मशीनों को चेक करके ओके करने में जुटी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें सेल्फ डायग्नोसिस युक्त सॉफ्टवेयर हैं जो सिस्टम में आई किसी भी गड़बड़ी की पहचान कर तुरंत डिस्प्ले पर मैसेज देने लगेंगे। कंट्रोल और बैलेट यूनिट एक-दूसरे से जुड़े होंगे। अगर बाहर से मशीन में कंट्रोल या बैलेट यूनिट लगाने की कोशिश की गई तो डिजिटल सिग्नेचर का मिलान करेगी। यदि मिस मैच हुआ तो सिस्टम काम करना बंद कर देगा।
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