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Bareilly News: शेरगढ़ में एसएनसीयू से डिस्चार्ज बच्चों का फॉलोअप शून्य

Mon, 24 Jun 2024 05:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2024 05:59 AM IST
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Zero follow up of children discharged from SNCU in Shergarh
बरेली। स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती रहे बच्चे जब तक स्वस्थ न हों, तब तक डिस्चार्ज के बाद भी फॉलोअप के निर्देश हैं। पर शेरगढ़ क्षेत्र में डिस्चार्ज बच्चों का फॉलोअप शून्य है। बिथरी चैनपुर में 38 फीसदी और बरेली शहर में 58 फीसदी बच्चों की ही निगरानी हुई है।
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जिला स्वास्थ्य समिति की रिपोर्ट के अनुसार, बीते माह बरेली शहर के 77 बच्चे एसएनसीयू में भर्ती रहे। डिस्चार्ज के बाद जब परिजनों से संपर्क किया गया ताे नौ फीसदी के नंबर गलत दर्ज थे। कम्युनिटी फॉलोअप 78 फीसदी बच्चों का हुआ। महज 58 फीसदी परिजनों ने ही बच्चों के लिए आशा कार्यकर्ता द्वारा फॉलोअप किए जाने की बात कही।
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वहीं, बिथरी चैनपुर के 47 बच्चे एसएनसीयू से डिस्चार्ज हुए। दो फीसदी मोबाइल नंबर गलत मिले। 61 फीसदी परिजनों ने कम्युनिटी फॉलोअप की जानकारी दी। 64 फीसदी परिजनों ने फॉलोअप न होने की बात कही है।
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जबकि फरीदपुर के 45, क्यारा के 17, मझगवां के 15, मुड़िया नवीबक्श के चार बच्चे डिस्चार्ज हुए। इन सभी के परिजनों ने आशा कार्यकर्ता की ओर से नियमित फॉलोअप की जानकारी दी। शेरगढ़ के एमओआईसी को संबंधित क्षेत्रों की आशा कार्यकर्ता से स्पष्टीकरण लेने के लिए कहा है।

ताकि शिशु मृत्युदर पर लग सके अंकुश
एसएनसीयू में जन्म के बाद जो नवजात गंभीर होते हैं, उन्हें भर्ती किया जाता है। हालत में सुधार होने पर इन्हें डिस्चार्ज कर फॉलोअप से निगरानी होती है। स्थानीय आशा कार्यकर्ता को संबंधित बच्चों के घर पहुंचकर परिजनों से हाल जानना होता है। वहीं, तबीयत में किसी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल इलाज मुहैया कराने की व्यवस्था के निर्देश हैं। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की मृत्युदर कम करना है। ब्यूरो


जिन क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता डिस्चार्ज बच्चों का फॉलोअप नहीं कर रही हैं उचित कार्रवाई की संस्तुति समेत उनकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रतिमाह भेजी जा रही है। दिशा-निर्देश के बावजूद अनदेखी सही नहीं है। - डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, सीएमएस, महिला चिकित्सालय
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