{"_id":"62ab987d116ffc3c476a89e6","slug":"youth-on-road-against-agnipath-scheme-bareilly-news-bly488506187","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘अग्निपथ’ के विरोध में तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे युवा, चौकी चौराहा किया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘अग्निपथ’ के विरोध में तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे युवा, चौकी चौराहा किया जाम
विज्ञापन
स्टेशन रोड पर अग्निपथ योजना के विरोध में युवाओ ने चौकी चौराहा पर लेटकर रोड की जाम - अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से सेना में भर्ती के लिए काफी समय से तैयारी कर रहे बेरोजगार युवक खासे नाराज हैं। स्थायी के बजाय महज चार साल की नौकरी, पूर्व की भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने आदि पर आपत्ति जताते हुए बृहस्पतिवार को बड़ी तादाद में ये नौजवान हाथ में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे और चौकी चौराहा जाम कर दिया। हालात को देखते हुए कलक्ट्रेट को छावनी में तब्दील कर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया।
सेना भर्ती की अग्निपथ योजना को लेकर बेरोजगार युवाओं का कहना है कि इस योजना के तहत भर्ती जवानों को सिर्फ चार साल की ही नौकरी मिलेगी। फिर वे सेवानिवृत्त कर दिए जाएंगे। इससे पढ़ाई बाधित हो जाएगी। अन्य भर्तियों की तैयारी नहीं हो सकेगी। तमाम भर्ती की आयुसीमा वे पार कर चुके होंगे। आगे नौकरी मिलना बेहद मुश्किल होगी। नतीजा यह होगा कि उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने तत्काल योजना को वापस लेने की मांग केंद्र सरकार से की है। इसको लेकर बृहस्पतिवार को सैकड़ों युवा तिरंगा लेकर कंपनी गार्डन से पैदल मार्च करते हुए चौकी चौराहे पहुंचे और जाम लगा दिया। कुछ युवा वहीं सड़क पर लेटकर सरकार के विरोध में नारे लगाने लगे। फिर दामोदर स्वरूप सेठ पार्क के पास सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय ने उनसे ज्ञापन मांगा। अभ्यर्थियों ने मौके पर ही हाथ से लिखकर ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
पुलिस ने पकड़ा तो जमीन पर बैठे
दामोदर स्वरूप सेठ पार्क से युवा जंक्शन की ओर बढ़े तो पुलिस को लगा कि वे कलक्ट्रेट जा रहे हैं। इस पर तत्काल कलक्ट्रेट के सभी गेट बंद कर उसे छावनी में तब्दील कर दिया गया। मगर युवा सरकार विरोध नारे लगाते हुए रेल रोकने के लिए स्टेशन की ओर बढ़ने लगे। यह देखकर पुलिस के हाथपांव फूल गए। पुलिस ने पुराने जिला जेल वाले चौराहे पर उन्हें रोक लिया और आगे नहीं बढ़ने दिया। इस पर वे लोग नारेबाजी कर जमीन पर बैठ गए।
विज्ञापन
टेपों में बैठाया तो मची भगदड़
जेल रोड चौराहे के पास पुलिसकर्मी भीड़ तितर बितर करने के लिए प्रदर्शनकारियों को पकड़कर टेंपो-ऑटो में बैठाने लगे। इसके चलते गिरफ्तारी के डर से उन लोगों में भगदड़ मच गई। हालांकि कई युवाओं को पुलिस ने पकड़ भी लिया। मगर कोई कार्रवाई किए बिना ही उन्हें चौपुला, पटेल चौक, सुभाषनगर आदि रोड पर ले जाकर छोड़ दिया।
सेना भर्ती कार्यालय के रवैये पर बिफरे अभ्यर्थी
अभ्यर्थियों के मुताबिक अग्निपथ योजना के विरोध में बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे वह छावनी क्षेत्र स्थित आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस (एआरओ) पहुंचे। यहां पर कार्यालय के स्टाफ ने जानकारी देने में असमर्थता जताते हुए सहयोग से इनकार कर दिया। भीड़ बढ़ने पर सेना की क्विक रेस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) मौके पर बुला ली। अभ्यर्थियों के आक्रामक होने पर पहुंची क्यूआरटी ने उन्हें और आक्रोशित कर दिया। वहां से वे दामोदार स्वरूप सेठ पार्क पहुंचे। यहां पर धरना से मना किए जाने पर चौकी चौराहा पहुंचकर चक्का जाम करने की कोशिश की।
फिजिकल, मेडिकल पास, लिखित परीक्षा निरस्त
अभ्यर्थी भुवनेश सिंह, पुनीत राठौर, अभिनंदन, संजीव यादव, विपिन, अर्जुन, वेदपाल व अन्य ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग भर्ती केंद्र फतेहगढ़, नासिक, लखनऊ में टेक्निकल, ट्रेडमैन, सैनिक जीडी, लिपिक आदि भर्ती वर्ग को लेकर खुली और कोटा भर्ती में शामिल हुए। फिजिकल, मेडिकल पास कर चुके हैं। इनमें से कई ने दो-दो तो कोई एक खुली भर्ती निकाल चुका है। लिखित परीक्षा शेष है। इसकी तिथि लगातार निरस्त किए जाने पर आपत्ति जताई है। आरोप है दो साल तक सरकार ने कोरोना का बहाना बनाया। अब भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।
प्रदर्शन कर रहे युवाओं को समझाकर शांत कर दिया गया था। उनका ज्ञापन ले लिया गया है। इस मामले में किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
विज्ञापन
सेना भर्ती की अग्निपथ योजना को लेकर बेरोजगार युवाओं का कहना है कि इस योजना के तहत भर्ती जवानों को सिर्फ चार साल की ही नौकरी मिलेगी। फिर वे सेवानिवृत्त कर दिए जाएंगे। इससे पढ़ाई बाधित हो जाएगी। अन्य भर्तियों की तैयारी नहीं हो सकेगी। तमाम भर्ती की आयुसीमा वे पार कर चुके होंगे। आगे नौकरी मिलना बेहद मुश्किल होगी। नतीजा यह होगा कि उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने तत्काल योजना को वापस लेने की मांग केंद्र सरकार से की है। इसको लेकर बृहस्पतिवार को सैकड़ों युवा तिरंगा लेकर कंपनी गार्डन से पैदल मार्च करते हुए चौकी चौराहे पहुंचे और जाम लगा दिया। कुछ युवा वहीं सड़क पर लेटकर सरकार के विरोध में नारे लगाने लगे। फिर दामोदर स्वरूप सेठ पार्क के पास सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय ने उनसे ज्ञापन मांगा। अभ्यर्थियों ने मौके पर ही हाथ से लिखकर ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
विज्ञापन
पुलिस ने पकड़ा तो जमीन पर बैठे
दामोदर स्वरूप सेठ पार्क से युवा जंक्शन की ओर बढ़े तो पुलिस को लगा कि वे कलक्ट्रेट जा रहे हैं। इस पर तत्काल कलक्ट्रेट के सभी गेट बंद कर उसे छावनी में तब्दील कर दिया गया। मगर युवा सरकार विरोध नारे लगाते हुए रेल रोकने के लिए स्टेशन की ओर बढ़ने लगे। यह देखकर पुलिस के हाथपांव फूल गए। पुलिस ने पुराने जिला जेल वाले चौराहे पर उन्हें रोक लिया और आगे नहीं बढ़ने दिया। इस पर वे लोग नारेबाजी कर जमीन पर बैठ गए।
विज्ञापन
टेपों में बैठाया तो मची भगदड़
जेल रोड चौराहे के पास पुलिसकर्मी भीड़ तितर बितर करने के लिए प्रदर्शनकारियों को पकड़कर टेंपो-ऑटो में बैठाने लगे। इसके चलते गिरफ्तारी के डर से उन लोगों में भगदड़ मच गई। हालांकि कई युवाओं को पुलिस ने पकड़ भी लिया। मगर कोई कार्रवाई किए बिना ही उन्हें चौपुला, पटेल चौक, सुभाषनगर आदि रोड पर ले जाकर छोड़ दिया।
सेना भर्ती कार्यालय के रवैये पर बिफरे अभ्यर्थी
अभ्यर्थियों के मुताबिक अग्निपथ योजना के विरोध में बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे वह छावनी क्षेत्र स्थित आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस (एआरओ) पहुंचे। यहां पर कार्यालय के स्टाफ ने जानकारी देने में असमर्थता जताते हुए सहयोग से इनकार कर दिया। भीड़ बढ़ने पर सेना की क्विक रेस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) मौके पर बुला ली। अभ्यर्थियों के आक्रामक होने पर पहुंची क्यूआरटी ने उन्हें और आक्रोशित कर दिया। वहां से वे दामोदार स्वरूप सेठ पार्क पहुंचे। यहां पर धरना से मना किए जाने पर चौकी चौराहा पहुंचकर चक्का जाम करने की कोशिश की।
फिजिकल, मेडिकल पास, लिखित परीक्षा निरस्त
अभ्यर्थी भुवनेश सिंह, पुनीत राठौर, अभिनंदन, संजीव यादव, विपिन, अर्जुन, वेदपाल व अन्य ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग भर्ती केंद्र फतेहगढ़, नासिक, लखनऊ में टेक्निकल, ट्रेडमैन, सैनिक जीडी, लिपिक आदि भर्ती वर्ग को लेकर खुली और कोटा भर्ती में शामिल हुए। फिजिकल, मेडिकल पास कर चुके हैं। इनमें से कई ने दो-दो तो कोई एक खुली भर्ती निकाल चुका है। लिखित परीक्षा शेष है। इसकी तिथि लगातार निरस्त किए जाने पर आपत्ति जताई है। आरोप है दो साल तक सरकार ने कोरोना का बहाना बनाया। अब भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।
प्रदर्शन कर रहे युवाओं को समझाकर शांत कर दिया गया था। उनका ज्ञापन ले लिया गया है। इस मामले में किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी