{"_id":"59dbd6be4f1c1b79548b6850","slug":"your-majesty-here-is-the-bluff-of-your-claim","type":"story","status":"publish","title_hn":"महामहिम.. यहां तो आपके दावे की धज्जियां उड़ गईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महामहिम.. यहां तो आपके दावे की धज्जियां उड़ गईं
बरेली
Updated Tue, 10 Oct 2017 01:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आए राज्यपाल राम नाईक ने बीएचयू में छेड़छाड़ की घटनाओं के बारे में सवाल पूछे जाने पर दावा किया था कि उनके राज्य विश्वविद्यालयों में छेड़छाड़ की घटनाएं नहीं होतीं, लेकिन एक ही दिन पहले यहां उनके दावे की धज्जियां उड़ चुकी थीं। यही नहीं दीक्षांत समारोह में आ रहे राज्यपाल की जानकारी में यह घटना न आए, इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जानबूझकर पूरा मामला दबाए रहा। इस बीच आरोपी छात्र फरार हो गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन की जानकारी में यह मामला पांच अक्तूबर को घटना होने के बाद ही आ गया था, लेकिन अगले ही दिन राज्यपाल को दीक्षांत समारोह में आना था लिहाजा विश्वविद्यालय के अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने में लगे रहे। इस बीच आरोपी छात्र को अपने खिलाफ शिकायत होने की भनक लगी तो वह फरार हो गया। अब जरूर विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती मामले को बेहद गंभीर बता रहे हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड का मूवमेंट बढ़ाया जाएगा। ऐसी हरकत करने वाले छात्र को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
दीक्षांत पर ढाई करोड़ खर्च, सुरक्षा व्यवस्था पर कुछ नहीं
पांच अक्तूबर को दीक्षांत की तैयारियां चल रही थी। राज्यपाल आने वाले थे लिहाजा एक दिन पहले से विश्वविद्यालय में सुरक्षा के इंतजाम कर दिए गए थे। ऐसे में छेड़छाड़ की घटना होना विवि की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। यह बात भी महत्वपूर्ण है कि विवि प्रशासन ने दीक्षांत समारोह पर तो ढाई करोड़ रुपये उड़ा दिए पर सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाए। कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के काफी पुराने निर्णय पर अब तक अमल नहीं हो पाया है। विवि में सिर्फ प्रशासनिक भवन में ही कैमरे लगे हैं। पूरे कैंपस में अगर सीसीटीवी होते तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
विज्ञापन
तीन छात्राओं से पहले छेड़छाड़ कर चुका है आरोपी
विभाग के शिक्षकों की माने तो आरोपी छात्र तीन अन्य छात्राओं के साथ भी छेड़छाड़ कर चुका है। हालांकि उन्होंने लिखित में शिकायत नहीं की इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अब शिकायत हुई है जिसपर एक्शन लिया गया। छात्र के बारे में बताया जाता है कि अक्सर ऐसी हरकतें करता है।
दलित छात्रा से जाति सूचक शब्द भी कहने का आरोप
आरोपी छात्र एक छात्र संगठन का पदाधिकारी बताया जाता है। आरोप है कि केंद्रीय पुस्तकालय में जब छात्रा ने विरोध किया तो आरोपी छात्र ने उसको गंदी गंदी गालियां दी और जाति सूचक शब्द कहे। छात्रा एससी वर्ग की है। जाते वक्त उसने छात्रा को धमकाया और कहा कि अगर शिकायत की तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। छात्रा दहशत में आ गई और शिकायत करने के बाद तीन दिन तक हास्टल से बाहर नहीं निकली।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय प्रशासन की जानकारी में यह मामला पांच अक्तूबर को घटना होने के बाद ही आ गया था, लेकिन अगले ही दिन राज्यपाल को दीक्षांत समारोह में आना था लिहाजा विश्वविद्यालय के अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने में लगे रहे। इस बीच आरोपी छात्र को अपने खिलाफ शिकायत होने की भनक लगी तो वह फरार हो गया। अब जरूर विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती मामले को बेहद गंभीर बता रहे हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड का मूवमेंट बढ़ाया जाएगा। ऐसी हरकत करने वाले छात्र को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
दीक्षांत पर ढाई करोड़ खर्च, सुरक्षा व्यवस्था पर कुछ नहीं
पांच अक्तूबर को दीक्षांत की तैयारियां चल रही थी। राज्यपाल आने वाले थे लिहाजा एक दिन पहले से विश्वविद्यालय में सुरक्षा के इंतजाम कर दिए गए थे। ऐसे में छेड़छाड़ की घटना होना विवि की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। यह बात भी महत्वपूर्ण है कि विवि प्रशासन ने दीक्षांत समारोह पर तो ढाई करोड़ रुपये उड़ा दिए पर सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाए। कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के काफी पुराने निर्णय पर अब तक अमल नहीं हो पाया है। विवि में सिर्फ प्रशासनिक भवन में ही कैमरे लगे हैं। पूरे कैंपस में अगर सीसीटीवी होते तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
विज्ञापन
तीन छात्राओं से पहले छेड़छाड़ कर चुका है आरोपी
विभाग के शिक्षकों की माने तो आरोपी छात्र तीन अन्य छात्राओं के साथ भी छेड़छाड़ कर चुका है। हालांकि उन्होंने लिखित में शिकायत नहीं की इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अब शिकायत हुई है जिसपर एक्शन लिया गया। छात्र के बारे में बताया जाता है कि अक्सर ऐसी हरकतें करता है।
दलित छात्रा से जाति सूचक शब्द भी कहने का आरोप
आरोपी छात्र एक छात्र संगठन का पदाधिकारी बताया जाता है। आरोप है कि केंद्रीय पुस्तकालय में जब छात्रा ने विरोध किया तो आरोपी छात्र ने उसको गंदी गंदी गालियां दी और जाति सूचक शब्द कहे। छात्रा एससी वर्ग की है। जाते वक्त उसने छात्रा को धमकाया और कहा कि अगर शिकायत की तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। छात्रा दहशत में आ गई और शिकायत करने के बाद तीन दिन तक हास्टल से बाहर नहीं निकली।