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सिविल एन्क्लेव- हवा में ही होती रहीं उड़ान शुरू करने की घोषणाएं
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सवा अरब के इस प्रोजेक्ट के शुरू होने का साल भर इंतजार करती रही पब्लिक
बरेली। पूरे साल बडे़ नेताओं और अफसरों के दावों के बावजूद सिविल एन्क्लेव से उड़ान सेवाओं के शुरू होने का इंतजार अब तक खत्म नहीं हुआ है। लोकसभा चुनाव से पहले सिविल एन्क्लेव के पहले चरण का काम भी पूरा कर लिया गया था। आचार संहिता लगने के ऐन पहले 10 मार्च को अधूरी तैयारियों के बीच केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और सूबे के नागरिक उड्डयन मंत्री नंदगोपाल नंदी ने बिल्डिंग का उद्घाटन भी कर दिया। इसके बाद उड़ान के लिए सिर्फ तारीख तय हो रही हैं। सिविल एन्क्लेव के लिए पीलीभीत बाईपास रोड पर गांव मुड़िया अहमदनगर में करीब 18.34 हेक्टेयर जमीन 71 करोड़ में खरीदी गई थी। दावा था कि लोकसभा चुनाव से पहले हवाई अड्डे से उड़ान शुरू हो जाएगी। हवाई अड्डे की बिल्डिंग के उद्घाटन के बाद जेट एयरवेज और टर्बो एविएशन कंपनी के अधिकारियों ने यहां सर्वे भी किया, लेकिन तब से अब तक उड़ान के लिए सिर्फ तारीखों ही तय होती रही हैं।
करोड़ों की मशीनें हो रहीं खराब, रखरखाव भी चुनौती
पहले यह तैयारी थी कि फरवरी-मार्च में उड़ान सेवाएं शुरू हो जाएंगी। एएआई (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने इसके लिए अस्थायी यात्री प्रतीक्षालय बनाने के साथ टिकट काउंटर, एक्स-रे मशीन, ट्रॉली सहित कई महंगी मशीनें भी खरीदी थी। इसके बावजूद अब तक हवाई अड्डे से उड़ान शुरू न हो पाने से ये महंगे उपकरण खराब होने शुरू हो गए हैं। एएआई के अधिकारियों को इनका रखरखाव करना भी चुनौती साबित हो रहा है।
जेट एयरवेज के दिवालिया होने से खटाई में पड़ गया प्रोजेक्ट
उड़ान सेवाएं शुरू करने के लिए जेट एयरवेज ने यहां से दिल्ली सहित कई रूट पर विमान उड़ाने का शेड्यूल जारी किया था। किस जगह के लिए कितना टिकट होगा, यह भी तय हो गया था। इस बीच कंपनी के दिवालिया हो जाने से प्रोजेक्ट ठंडा पड़ गया। हालांकि बाद में मुंबई से आकर टर्बो एविएशन कंपनी के अधिकारी भी सर्वे कर चुके हैं लेकिन कंपनी विमान उपलब्ध नहीं करा सकी है।
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बरेली। पूरे साल बडे़ नेताओं और अफसरों के दावों के बावजूद सिविल एन्क्लेव से उड़ान सेवाओं के शुरू होने का इंतजार अब तक खत्म नहीं हुआ है। लोकसभा चुनाव से पहले सिविल एन्क्लेव के पहले चरण का काम भी पूरा कर लिया गया था। आचार संहिता लगने के ऐन पहले 10 मार्च को अधूरी तैयारियों के बीच केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और सूबे के नागरिक उड्डयन मंत्री नंदगोपाल नंदी ने बिल्डिंग का उद्घाटन भी कर दिया। इसके बाद उड़ान के लिए सिर्फ तारीख तय हो रही हैं। सिविल एन्क्लेव के लिए पीलीभीत बाईपास रोड पर गांव मुड़िया अहमदनगर में करीब 18.34 हेक्टेयर जमीन 71 करोड़ में खरीदी गई थी। दावा था कि लोकसभा चुनाव से पहले हवाई अड्डे से उड़ान शुरू हो जाएगी। हवाई अड्डे की बिल्डिंग के उद्घाटन के बाद जेट एयरवेज और टर्बो एविएशन कंपनी के अधिकारियों ने यहां सर्वे भी किया, लेकिन तब से अब तक उड़ान के लिए सिर्फ तारीखों ही तय होती रही हैं।
करोड़ों की मशीनें हो रहीं खराब, रखरखाव भी चुनौती
पहले यह तैयारी थी कि फरवरी-मार्च में उड़ान सेवाएं शुरू हो जाएंगी। एएआई (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने इसके लिए अस्थायी यात्री प्रतीक्षालय बनाने के साथ टिकट काउंटर, एक्स-रे मशीन, ट्रॉली सहित कई महंगी मशीनें भी खरीदी थी। इसके बावजूद अब तक हवाई अड्डे से उड़ान शुरू न हो पाने से ये महंगे उपकरण खराब होने शुरू हो गए हैं। एएआई के अधिकारियों को इनका रखरखाव करना भी चुनौती साबित हो रहा है।
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जेट एयरवेज के दिवालिया होने से खटाई में पड़ गया प्रोजेक्ट
उड़ान सेवाएं शुरू करने के लिए जेट एयरवेज ने यहां से दिल्ली सहित कई रूट पर विमान उड़ाने का शेड्यूल जारी किया था। किस जगह के लिए कितना टिकट होगा, यह भी तय हो गया था। इस बीच कंपनी के दिवालिया हो जाने से प्रोजेक्ट ठंडा पड़ गया। हालांकि बाद में मुंबई से आकर टर्बो एविएशन कंपनी के अधिकारी भी सर्वे कर चुके हैं लेकिन कंपनी विमान उपलब्ध नहीं करा सकी है।
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