{"_id":"5ecd7c518ebc3e906700be67","slug":"workers-snatch-water-bottles-placed-on-the-platform-bareilly-news-bly4070675170","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रमिकों ने प्लेटफार्म पर रखीं पानी की बोतलें छीनीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रमिकों ने प्लेटफार्म पर रखीं पानी की बोतलें छीनीं
विज्ञापन
प्लेटफार्म पर रखीं बोतलें उठाकर वापस कोच में जाते श्रमिक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रेन रुकते ही कई कोच के श्रमिक प्लेटफार्म पर उतर आए, मच गई अफरातफरी
विज्ञापन
बरेली। श्रमिक स्पेशल ट्रेन के रुकते ही प्यास से तड़फ रहे कई कोच के श्रमिक प्लेटफार्म पर उतर आए। उन्होंने ट्राली पर रखीं पानी की बोतलें लूट लीं। इस दौरान जंक्शन पर थोड़ी देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। आरपीएफ और जीआरपी ने श्रमिकों को किसी तरह कोच में बैठाया। उधर, पूछताछ आफिस से भी श्रमिकों को अपने-अपने कोचों में बैठने की अपील की जाती रही।
जंक्शन पर दोपहर पौने दो बजे दिल्ली से देवरिया सदर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची। यहां श्रमिकों को आईआरसीटीसी, समाजसेवी संस्था और आरएसएस द्वारा खाना और पानी दिया जाना था। बताते हैं कि श्रमिक भीषण गर्मी में तप रहे थे और प्यासे भी थे। वह पानी की मांग कर रहे थे जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसी दौरान श्रमिकों की नजर स्टेशन मास्टर आफिस के सामने पार्सल ट्राली पर रखी पानी की बोतलों पर पड़ी। पानी की बोतलें देखते ही कोचों से श्रमिक उतरने लगे, जिसके हत्थे जिनकी बोतलें लगीं वह उन्हें लेकर कोच की ओर भागने लगा, जिसे देख आरपीएफ और जीआरपी उनकी ओर दौड़ी। हालांकि तब तक पानी की बोतलों से भरी ट्राली खाली हो चुकी थी। सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ते देख आरपीएफ और जीआरपी ने उन्हें शांत करते हुए उन्हें उनके कोचों में बैठाया और फिर खाना बांटा। स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि इस ट्रेन से पचास श्रमिक उतरे, जिनकी थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें रोडवेज की बसों से घर भेज दिया गया।
विज्ञापन
जंक्शन पर दोपहर पौने दो बजे दिल्ली से देवरिया सदर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची। यहां श्रमिकों को आईआरसीटीसी, समाजसेवी संस्था और आरएसएस द्वारा खाना और पानी दिया जाना था। बताते हैं कि श्रमिक भीषण गर्मी में तप रहे थे और प्यासे भी थे। वह पानी की मांग कर रहे थे जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसी दौरान श्रमिकों की नजर स्टेशन मास्टर आफिस के सामने पार्सल ट्राली पर रखी पानी की बोतलों पर पड़ी। पानी की बोतलें देखते ही कोचों से श्रमिक उतरने लगे, जिसके हत्थे जिनकी बोतलें लगीं वह उन्हें लेकर कोच की ओर भागने लगा, जिसे देख आरपीएफ और जीआरपी उनकी ओर दौड़ी। हालांकि तब तक पानी की बोतलों से भरी ट्राली खाली हो चुकी थी। सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ते देख आरपीएफ और जीआरपी ने उन्हें शांत करते हुए उन्हें उनके कोचों में बैठाया और फिर खाना बांटा। स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि इस ट्रेन से पचास श्रमिक उतरे, जिनकी थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें रोडवेज की बसों से घर भेज दिया गया।
विज्ञापन
एसडीएम ने फोन पर रोडवेज के एआरएम को चेताया
सुबह लुधियाना से आई ट्रेन से श्रमिक उतर गए। उस समय वहां केवल दो रोडवेज बसें ही थीं। दोपहर दो बजे कोई भी बस नहीं आई। जंक्शन पर मौजूद एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने तहसील टीम से बसों के बारे में पूछा तो सभी बगले झांकने लगे। इसके बाद उन्होंने रुहेलखंड डिपो के एआरएम भुवनेश कुमार को फोन पर लापरवाही होने पर बर्खास्त करने की चेतावनी दी और फोन काट दिया। फोन करने के पांच मिनट में ही भुवनेश कुमार वहां पहुंच गए। थोड़ी देर में करीब 25 रोडवेज बसें जंक्शन पहुंच गईं।
विज्ञापन