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हाईटेंशन लाइन के झूलते तारों की चपेट में आकर मजदूर की मौत
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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भुता। हाईटेंशन लाइन के झूल रहे जर्जर तारों की चपेट में आकर मजदूर की मौत हो गई। मजदूर ट्रॉली पर चढ़कर घूरा भर रहा था। इसी दौरान नीचे तक लटक रहे तारों की चपेट में आ गया। घटना को लेकर मोहल्लेवालों ने पावर कारपोरेशन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई शिकायत करने के बाद भी कर्मचारियों ने तार कसने की जहमत नहीं उठाई।
मूलरूप से पीलीभीत के थाना दियोरिया के गांव मधवापुर निवासी जोगेंद्र पिछले एक साल से भुता में अपनी ससुराल में रहकर मजदूरी करते थे। सोमवार को उन्होंने बेस्ट कॉलोनी में गोबर का घूरा खेत में डालने का ठेका लिया था। सुबह करीब 11 बजे जोगेंद्र, राजू, रतनलाल और रमेश के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली में घूरा भर रहे थे। ट्रॉली के ऊपर से 11000 केवी की लाइन गुजर रही थी, जिसके तार काफी नीचे तक झूल रहे हैं। जोगेंद्र ट्रॉली के ऊपर चढ़कर घूरे को दबाते समय अचानक झूल रहे तारों की चपेट में आ गए। करंट की चपेट में आकर वह गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। जोगेंद्र की अचानक हुई मौत से वहां काम कर रहे मजदूरों में हड़कंप मच गया। मजदूरों ने घटना की सूचना उनके घर पर दी। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पत्नी की ओर से तहरीर लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कस्बावासियों का आरोप है कि कई बार वह तार कसने के लिए कर्मचारियों से कह चुके हैं, लेकिन इसकी लगातार अनदेखी की जाती रही, जोकि सोमवार को हादसे की वजह बन गया।
पति की मौत की खबर मिलते ही बेसुध हुई पत्नी
जोगेंद्र की पत्नी गीता के भाई और पिता की साल भर पहले मौत हो गई थी। घर में मां अकेली बची तो वह पति के साथ मायके आकर रहने लगी। उनके तीन छोटे बच्चे हैं। जोगेंद्र ही पूरे परिवार को खर्च उठाते थे। भूमिहीन होने के कारण मजदूरी करके परिवार का पेट पाल रहे थे। जोगेंद्र की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। अचानक हुई पति की मौत की खबर गीता को मिली तो वह सुधबुध खो बैठी। रिश्तेदारों ने बमुश्किल उसे संभाला।
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मूलरूप से पीलीभीत के थाना दियोरिया के गांव मधवापुर निवासी जोगेंद्र पिछले एक साल से भुता में अपनी ससुराल में रहकर मजदूरी करते थे। सोमवार को उन्होंने बेस्ट कॉलोनी में गोबर का घूरा खेत में डालने का ठेका लिया था। सुबह करीब 11 बजे जोगेंद्र, राजू, रतनलाल और रमेश के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली में घूरा भर रहे थे। ट्रॉली के ऊपर से 11000 केवी की लाइन गुजर रही थी, जिसके तार काफी नीचे तक झूल रहे हैं। जोगेंद्र ट्रॉली के ऊपर चढ़कर घूरे को दबाते समय अचानक झूल रहे तारों की चपेट में आ गए। करंट की चपेट में आकर वह गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। जोगेंद्र की अचानक हुई मौत से वहां काम कर रहे मजदूरों में हड़कंप मच गया। मजदूरों ने घटना की सूचना उनके घर पर दी। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पत्नी की ओर से तहरीर लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कस्बावासियों का आरोप है कि कई बार वह तार कसने के लिए कर्मचारियों से कह चुके हैं, लेकिन इसकी लगातार अनदेखी की जाती रही, जोकि सोमवार को हादसे की वजह बन गया।
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पति की मौत की खबर मिलते ही बेसुध हुई पत्नी
जोगेंद्र की पत्नी गीता के भाई और पिता की साल भर पहले मौत हो गई थी। घर में मां अकेली बची तो वह पति के साथ मायके आकर रहने लगी। उनके तीन छोटे बच्चे हैं। जोगेंद्र ही पूरे परिवार को खर्च उठाते थे। भूमिहीन होने के कारण मजदूरी करके परिवार का पेट पाल रहे थे। जोगेंद्र की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। अचानक हुई पति की मौत की खबर गीता को मिली तो वह सुधबुध खो बैठी। रिश्तेदारों ने बमुश्किल उसे संभाला।
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बिजली घर पर किसी ग्रामीण ने तार ढीले होने की कोई लिखित शिकायत नहीं की न ही मामला मेरे संज्ञान में है। अगर ऐसा है तो लाइन दुरुस्त कराई जाएगी। राजेश कुमार, जेई विद्युत उप केंद्र भुता