Bareilly News: परिवार नियोजन में कॉपर टी, पीपीसीयूआईडी पर महिलाओं को ज्यादा भरोसा
बरेली में परिवार नियोजन के लिए महिलाओं का भरोसा कॉपर टी और पीपीआईसीयूडी पर बढ़ा है। इन साधनों का प्रयोग लक्ष्य के सापेक्ष सौ फीसदी से भी ज्यादा है।
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बरेली में परिवार नियोजन के लिए महिलाओं का भरोसा कॉपर टी और पोस्टपार्टम इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (पीपीआईसीयूडी) पर बढ़ा है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार इन साधनों का प्रयोग लक्ष्य के सापेक्ष सौ फीसदी से भी ज्यादा है, जबकि नसबंदी और अंतरा का प्रयोग सीमित है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025-26 में अंतरा इंजेक्शन का वार्षिक लक्ष्य 41,385 है। इसके सापेक्ष अब तक 31,987 महिलाओं ने इस साधन को अपनाया। नसबंदी के लक्ष्य 4,673 के सापेक्ष 2,641 (महिला 2631, पुरुष आठ) ने ऑपरेशन कराया। जबकि पीपीसीयूआईडी लक्ष्य 14,140 के सापेक्ष 17,502 महिलाओं ने इसे इस्तेमाल किया। जो 124 फीसदी है। 18,832 कॉपर टी का सौ फीसदी का लक्ष्य पूरा है। इससे पूर्व 2024-25 में भी महिलाओं ने पीपीसीयूआईडी पर भरोसा जताया था। अंतरा इंजेक्शन का प्रयोग लक्ष्य से दो सौ फीसदी अधिक हुआ था।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक परिवार नियोजन के कई सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प निशुल्क उपलब्ध हैं। इनका प्रयोग स्वैच्छिक है। जो सुलभ प्रतीत हो रहा है उसका प्रयोग अधिक है। स्थायी विधि नसबंदी के लिए जागरूकता मुहिम चल रही है। कुछ पुरुष भी आगे आ रहे हैं।
गर्भनिरोधक समेत प्रजनन क्षमता वापसी का विकल्प
विशेषज्ञ के मुताबिक पीपीसीयूआईडी, कॉपर-टी का इस्तेमाल बढ़ने की अहम वजह है कि इन साधनों का प्रयोग प्रसव के 48 घंटे बाद ही कर सकते हैं। लंबे समय तक प्रभावी हैं। वहीं, भविष्य में जरूरत पर इसे निकलवाने के तुरंत बाद प्रजनन क्षमता सामान्य हो जाती है। दोनों आधुनिक गर्भ निरोधक के सबसे भरोसेमंद, सुरक्षित तरीकों में से एक है। इनमें कोई हार्मोन नहीं होता। न ही साइड इफेक्ट होते हैं।
जिले की आठ पीएचसी, सौ उपकेंद्र निष्क्रिय
लक्ष्य हासिल करने में स्थिति संतोषजनक है, लेकिन फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम की रिपोर्ट के तहत बरेली की आठ पीएचसी और सौ स्वास्थ्य उपकेंद्र पर परिवार नियोजन के साधन ही नहीं मंगाए। रिपोर्ट के तहत अन्य कई केंद्रों पर एक बार परिवार नियोजन के साधन पहुंचे, दोबारा नहीं मंगाए। जबकि वेयर हाउस पर सामग्री भरपूर है। लापरवाही से महिलाएं साधनों के प्रयोग से दूर हैं।
प्रभारी एडी हेल्थ डॉ. तेजपाल ने बताया कि परिवार नियोजन के प्रति लोग जागरूक हैं। साधन का इस्तेमाल स्वैच्छिक है। पोर्टल पर रिपोर्टिंग की अनदेखी से रिकॉर्ड प्रभावित हुआ। जिसे सीएमओ ने सीएचओ और चिकित्साधिकारियों से अपडेट करा रहे हैं। कहीं खामी है तो दुरुस्त कराएंगे।