UP News: इलाज के लिए रुपये निकालने आई बुखार पीड़ित महिला, बैंक में मौत; परिजन बोले- टालमटोल करता रहा स्टाफ
बदायूं के गांव दहगवां शेखूपुरा निवासी प्रेमवती को कई दिनों से बुखार आ रहा था। संयुक्त खाता होने के कारण परिजन बृहस्पतिवार को उन्हें लेकर रुपये निकले बैंक पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि बैंककर्मी रुपये देने में दो घंटे तक टालमटोल करते रहे। बीमार प्रेमवती की बैंक में ही मौत हो गई।
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बदायूं के थाना जरीफनगर क्षेत्र में बुखार पीड़ित महिला की बैंक में मौत हो गई। वह बृहस्पतिवार को इलाज के लिए बैंक से रुपये निकाले के लिए पहुंची थी। आरोप है कि बैंककर्मी संयुक्त खाता होने के चलते रुपये देने में टालमटोल करते रहे। बीमार महिला के दो घंटे बैंक में बीत गए। इससे महिला की हालत अधिक बिगड़ती गई और बैंक में ही दम तोड़ दिया। परिजनों ने बैंककर्मियों पर रुपये नहीं देने का आरोप लगाया है। बता दें कि बुखार जिले में लगातार कहर बरपा रहा है। अब तक जिले में बुखार के चलते 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
गांव दहगवां शेखूपुरा निवासी प्रेमवती (55) को बीते कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उन्हें उपचार के लिए बरेली के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। जहां से महिला की हालत गंभीर देखकर दिल्ली रेफर कर दिया। दिल्ली ले जाने से पहले परिजन बीमार प्रेमवती के खाते से बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे दरगवां स्थित स्टेट बैंक से रुपये निकालने के लिए पहुंचे।
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आरोप है कि दो घंटे तक बैंककर्मी रुपये देने के नाम पर परेशान करते रहे। जबकि परिवार के लोग बीमार होने की बात कहते हुए जल्द रुपये देने की गुहार लगाते रहे। दो घंटे बैंक में रहने के कारण बुखार से तप रही प्रेमवती की हालत बिगड़ गई और बैंक के अंदर ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। वहीं बैंक मैनेजर अमित कटियार ने बताया कि महिला का ज्वाइंट खाता था। महिला अधिक बीमार होने की वजह से कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। इसलिए भुगतान नहीं किया गया।
बुखार से अब तक इन लोगों की हुई मौत
दातागंज क्षेत्र के गांव गलौथी में मलेरिया संक्रमित महिला ज्ञान देवी की 16 अगस्त को बुखार से मौत हो गई थी। इसी गांव में रहने वाले पहलवान की 15 अगस्त को, सुंदर लाल की 18 अगस्त को और ब्रजनंदन की 19 अगस्त को बुखार से मौत हो गई थी।
बिनावर क्षेत्र के गांव भगवानपुर में पांच सितंबर को छात्रा परी, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव लखनपुर में 10 सितंबर को जितेंद्र की बुखार की चपेट में आकर जान चली गई थी। गांव उल्ला नौना में बुखार से दो सितंबर से पांच सितंबर तक चार लोगों की मौत बुखार से हो गई थी। दहगवां निवासी पवन वार्ष्णेय के छह साल के बेटे अथर्व की मौत हुई है। खुनक निवासी मुस्कान भी बुखार से पांच दिन पहले मौत हो गई थी।