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Bareilly News: छोटे ऋण से महिलाएं भर रहीं उड़ान, संवार रहीं सपने
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बरेली। केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना से बरेली में 22 हजार से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण मिला है। यह योजना रेहड़ी-पटरी व छोटे कारोबार से जुड़ी महिलाओं के लिए सहायक सिद्ध हो रही है।
नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) 2020 से प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडरों को स्वरोजगार ऋण दे रहा है। इस योजना में पहला ऋण 10 हजार रुपये, दूसरा 20 हजार रुपये और तीसरा 50 हजार रुपये का होता है। एक ऋण चुकाने के बाद ही अगला ऋण मिलता है। अब तक कुल 74 हजार 153 ऋण दिए गए हैं। इनमें से 22 हजार 54 ऋण महिलाओं को मिले हैं। ये महिलाएं टेलरिंग या अचार-मुरब्बे बनाने जैसे काम कर रही हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है।
एक नजर आकड़े में :-
लोन टर्म - बैंक से ऋण वितरण - महिला लाभार्थी
10 हजार 51689 15506
20 हजार -19042 5522
50 हजार 3422 1026
केस वन :-
समय पर भुगतान कर मिला दूसरी बार ऋण
सीबीगंज की पिंकी जायसवाल ने तीन साल पहले 10 हजार रुपये की प्रथम चरण का ऋण लिया था। इससे इन्होंने अपनी सिलाई मशीन की मरम्मत की और कुछ जरूरी सामान खरीदा। समय पर ऋण जमा करने पर इनको 20 हजार का ऋण मिल गया। इसमें इन्होंने एक महिला सहायक को काम रखा। अब इनके आमदनी में वृद्धि हो रही है।
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केस टू :-
प्रेमनगर के सीआई पार्क निवासी गुड़िया यादव ने 2022-23 में 10 हजार रुपये का ऋण लेकर टिफिन सर्विस शुरू किया। पहले टिफिन खरीदा और स्वयं से खाना बनाकर लोगों को सप्लाई करती थी। समय पर ऋण जमा करने पर इनको 20 हजार का लोन दिया गया। अब इनकी टिफिन सर्विस 100 डिब्बों की पहुंच गई है।
केस थ्री :
- कालीबाड़ी की रचना गुप्ता ने अचार का व्यापार शुरु करने के लिए 2022-23 में 10 हजार रुपये का ऋण लिया। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसको इन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर बेहतर किया। ऋण जमा करने के बाद इन्होंने 20 हजार का ऋण लिया। अब इनका व्यापार अच्छी ढंग से चल रहा है। महीने का 15 हजार रुपये बचा लेती हैं।
केस फोर :-
हरूनगला निवासी पुष्पा ने 10 हजार रुपये का ऋण लेकर मूंग के दाल की बरी, पापड़ का व्यापार शुरू किया। व्यापार चल पड़ा और इन्होंने बैंक को 10 हजार रुपये जमा कर दिया। फिर 20 हजार रुपये का ऋण जमा करके काम शुरु किया। इस व्यापार में उनको फायदा हो रहा है और अब वह अन्य लोगों को जोड़कर कर व्यापार कर रही हैँ।
वर्जन ...
पीएम स्वनिधि के तहत महिलाओं के आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर बैंकों में ऋण के लिए भेजा जाता है। पात्र होने पर ऋण दिया जाता है। लोन के बाद महिलाएं अच्छा कर रही हैं। - अविनाश सिंह, डीएम
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नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) 2020 से प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडरों को स्वरोजगार ऋण दे रहा है। इस योजना में पहला ऋण 10 हजार रुपये, दूसरा 20 हजार रुपये और तीसरा 50 हजार रुपये का होता है। एक ऋण चुकाने के बाद ही अगला ऋण मिलता है। अब तक कुल 74 हजार 153 ऋण दिए गए हैं। इनमें से 22 हजार 54 ऋण महिलाओं को मिले हैं। ये महिलाएं टेलरिंग या अचार-मुरब्बे बनाने जैसे काम कर रही हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है।
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एक नजर आकड़े में :-
लोन टर्म - बैंक से ऋण वितरण - महिला लाभार्थी
10 हजार 51689 15506
20 हजार -19042 5522
50 हजार 3422 1026
केस वन :-
समय पर भुगतान कर मिला दूसरी बार ऋण
सीबीगंज की पिंकी जायसवाल ने तीन साल पहले 10 हजार रुपये की प्रथम चरण का ऋण लिया था। इससे इन्होंने अपनी सिलाई मशीन की मरम्मत की और कुछ जरूरी सामान खरीदा। समय पर ऋण जमा करने पर इनको 20 हजार का ऋण मिल गया। इसमें इन्होंने एक महिला सहायक को काम रखा। अब इनके आमदनी में वृद्धि हो रही है।
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केस टू :-
प्रेमनगर के सीआई पार्क निवासी गुड़िया यादव ने 2022-23 में 10 हजार रुपये का ऋण लेकर टिफिन सर्विस शुरू किया। पहले टिफिन खरीदा और स्वयं से खाना बनाकर लोगों को सप्लाई करती थी। समय पर ऋण जमा करने पर इनको 20 हजार का लोन दिया गया। अब इनकी टिफिन सर्विस 100 डिब्बों की पहुंच गई है।
केस थ्री :
- कालीबाड़ी की रचना गुप्ता ने अचार का व्यापार शुरु करने के लिए 2022-23 में 10 हजार रुपये का ऋण लिया। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसको इन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर बेहतर किया। ऋण जमा करने के बाद इन्होंने 20 हजार का ऋण लिया। अब इनका व्यापार अच्छी ढंग से चल रहा है। महीने का 15 हजार रुपये बचा लेती हैं।
केस फोर :-
हरूनगला निवासी पुष्पा ने 10 हजार रुपये का ऋण लेकर मूंग के दाल की बरी, पापड़ का व्यापार शुरू किया। व्यापार चल पड़ा और इन्होंने बैंक को 10 हजार रुपये जमा कर दिया। फिर 20 हजार रुपये का ऋण जमा करके काम शुरु किया। इस व्यापार में उनको फायदा हो रहा है और अब वह अन्य लोगों को जोड़कर कर व्यापार कर रही हैँ।
वर्जन ...
पीएम स्वनिधि के तहत महिलाओं के आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर बैंकों में ऋण के लिए भेजा जाता है। पात्र होने पर ऋण दिया जाता है। लोन के बाद महिलाएं अच्छा कर रही हैं। - अविनाश सिंह, डीएम