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भारत-नेपाल सीमा पर डेरा डाले हैं वन्यजीव तस्कर, बनबसा में वन्यजीव तस्करों की गिरफ्तारी से हुई पुष्टि

Fri, 22 Feb 2019 07:35 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुरी खीरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुरी खीरी Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 22 Feb 2019 07:35 PM IST
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wildlife smugglers are Active in India-Nepal border says report
tiger - फोटो : फाइल फोटो

बनबसा में मंगलवार को बाघ की हड्डियों की बरामदगी के साथ वन्यजीव तस्करों की गिरफ्तारी के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई थी। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि वन्यजीव अंगों की सबसे बड़े बाजार चीन, मध्य एशिया और दक्षिण-पूर्व एशियाई देश हैं। वन्यजीव तस्करी में बड़े अंतरराष्ट्रीय गैंग सक्रिय हैं। जिसका नेटवर्क तराई तक फैला हुआ है। यह बड़े तस्कर पेशेवर और स्थानीय शिकारियों के जरिए बाघ, तेंदुआ आदि वन्यजीवों का शिकार कराने के बाद उनकी खाल, दांत, नाखून और हड्डियां आदि नेपाल के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचा देते हैं। जहां इन्हें ऊंची कीमत पर बेचकर तस्कर मालामाल हो रहे हैं।

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डीटीआर के एफडी ने बताया कि चीन, तिब्बत, मध्य एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में बाघ, तेंदुआ और हिरन आदि जानवरों की खालों की पोशाक, पर्स और बाघ की हड्डियों का इस्तेमाल असाध्य रोगों और शक्तिवर्धक दवाएं बनाने में किया जाता है। चीन में बाघ की हड्डियों से टाइगर वाइन नाम से शराब भी बनती है। जो बहुत ही महंगे दामों पर बिकती है। तिब्बत में बाघ और तेंदुए की खालों से बने परिधान पहनना लोग अपनी शान समझते हैं। इसीलिए इनकी बड़ी मांग रहती है।
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नेपाल बना वन्यजीव तस्करों का केंद्र
भारत-नेपाल की सीमाएं खुली होने के कारण तराई के जंगल से वन्यजीव अंगों की तस्करी आसान हो जाती है। तराई के जंगलों में वन्यजीव बहुल होने के कारण तस्करों की गतिविधियों के प्रमुख केंद्र यही है। नेपाल से इन तस्करों को वन्यजीव अंग अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाना आसान होता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करों ने नेपाल को अपना अड्डा बना रखा है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व में और बढ़ी सतर्कता
भारत-नेपाल सीमा पर अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करों की सक्रियता की सूचना पर दुधवा टाइगर रिजर्व में पहले से ही रेड अलर्ट जारी है। बनबसा में वन्यजीव तस्करों के पकड़े जाने के बाद यहां सतर्कता और बढ़ा दी गई है। दुधवा के इनपुट पर प्रधान मुख्य संरक्षक ने उत्तर प्रदेश के संपूर्ण सीमावर्ती जंगल में अलर्ट जारी किया है। इसी अलर्ट के चलते बनबसा में यह बरामदगी हो सकी। 


दुधवा टाइगर रिजर्व को ऐसी सूचना मिली थी कि भारत नेपाल सीमा पर इन दिनों वन्यजीव तस्कर सक्रिय हैं। इसके बाद पूरे दुधवा टाइगर रिजर्व में रेड एलर्ट जारी किया गया था। साथ ही डीटीआर के इनपुट पर प्रदेश के संपूर्ण सीमावर्ती जंगल में अलर्ट जारी किया गया है। वनबसा में बाघ की हड्डियों के साथ तीन तस्करों की गिरफ्तारी से सूचना की पुष्टि हुई है।
- रमेश कुमार पांडेय, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व

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