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बूढ़ी हथिनियों की लीद बेअसर, हाथी फिर बहके
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बरेली/मीरगंज। दुनका से नरखेड़ा गौटिया से उत्तर दिशा में बढ़ रहे हाथियों ने अचानक शुक्रवार को फिर चकमा देकर अपना रास्ता बदल दिया। दो दिन में तीन किलोमीटर तक सही दिशा में बढ़ने के बाद यू टर्न मारते हुए हाथी पश्चिम की ओर दस किलोमीटर बढ़े तो वन विभाग के अधिकारियों की धड़कनें भी बढ़ने लगीं। हाथियों की इसी रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ने के अनुमान के आधार पर अधिकारी अब शनिवार की दोपहर तक उनके रामपुर पहुंचने की संभावना जता रहे हैं। अधिकारियों का यह भी कहना है कि बारिश की वजह से हाथी हथिनियों की लीद और पेशाब की गंध नहीं सूंघ पा रहे हैं। हथिनियों का बूढ़ा होना भी अधिकारियों का यह फार्मूला फेल होने की वजह माना जा रहा है।
गुरुवार को नरखेड़ा में उत्पात मचाकर एक किसान को घायल चुके हाथियों को उत्तर दिशा में भेजने के लिए रास्ते में हथिनियों की लीद और पेशाब डालने की योजना कारगर साबित नहीं हुई। शुक्रवार को दोनों हाथी सुबह दस किलोमीटर पश्चिम में मीरगंज के गांव मंडनपुर पहुंच गए। मंडनपुर के आफताब की बाग में पहुंचे हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। बाग की रखवाली कर रहे लोगों ने हाथियों को देखा तो तत्काल फोन कर मीरगंज पुलिस और वन विभाग के अधिकारीयों को सूचना दी। कुछ देर बाद पहुंचे पुलिस और वन विभाग की टीम ने लोगों को वहां से हटकर घर जाने की चेतावनी दी। जिसके बाद टीम ने दुधवा से लाई गई तीनों हथिनियों को परचई गांव के एक स्कूल में खड़ा कर दिया। टीम की मंशा थी कि लीद सूंघने में असमर्थ रहे हाथी हथिनियों को देखकर उनकी तरफ बढ़ेंगे, जहां उन्हें ट्रैंक्युलाइज किया जा सकेगा, लेकिन हाथियों ने उनकी यह योजना भी कामयाब नहीं होने दी।
मंडनपुर की ओर बढ़े हाथी तो सहमे अफसर
बाग में उत्पात मचाकर पेड़ तोड़े, बिजली का खंभा भी गिराया
मंडनपुर पहुंचे हाथियों ने बाग में कई पेड़ों को तोड़ दिया। इससे काफी तादाद में बाग में आम की फसल को नुकसान पहुंचा। पास में लगे बिजली के खंभे को भी सूंड से लपेटकर उखाड़ने की कोशिश की। खंभा नहीं उखड़ा तो उसे टक्कर मारकर एक ओर झुका दिया। बाग में उत्पात मचाने के बाद दोनों हाथी मंडनपुर गांव की ओर बढ़ने लगे तो पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले से आई हांका टीम ने मशाल जलाकर उन्हें वापस लौटाया। हाथियों को गांव में घुसने से रोकने के लिए वन विभाग की टीम के अलावा भारी तादाद में पीएसी और पुलिस फोर्स मौजूद रही। वहीं, आसपास के कई गांवों के लोग भी मंडनपुर पहुंच गए। हालांकि पुलिस और पीएसी ने लोगों को हाथियों से तीन सौ मीटर से ज्यादा नजदीक नहीं जाने दिया। उन्हें फोटो खींचने से भी रोक दिया।
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कंटीले तारों में उलझकर कर्मचारी जख्मी
गांव की ओर बढ़ रहे हाथियों को रोकने के लिए हांका टीमों ने मशाल जलाकर खदेड़ने लगे। तभी हाथी बेकाबू हो गए और हांका टीम की ओर दौड़ पड़े। हांका टीम पीछे की ओर बढ़ी तो इसी दौरान एक गन्ने के खेत में लगे कंटीली तारों में उलझकर एक कर्मचारी जख्मी हो गया। शरीर पर खरोंचे और हाथ में गहरा जख्म होने पर तत्काल उसे मीरगंज के एक अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया।
बारिश की वजह से हाथी लीद और पेशाब का सूूंघ नहीं पा रहे हैं, जिसकी वजह से वे शुक्रवार को दस किलोमीटर पश्चिम दिशा में बढ़ हैं। अगर वे पश्चिम की ओर ही बढ़ेेंगे तो शनिवार को रामपुर में प्रवेश कर जाएंगे। टीम हाथियों को सही दिशा में ले जाने का प्रयास कर रही है।- पीपी सिंह, मुख्य वन संरक्षक, झांसी
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गुरुवार को नरखेड़ा में उत्पात मचाकर एक किसान को घायल चुके हाथियों को उत्तर दिशा में भेजने के लिए रास्ते में हथिनियों की लीद और पेशाब डालने की योजना कारगर साबित नहीं हुई। शुक्रवार को दोनों हाथी सुबह दस किलोमीटर पश्चिम में मीरगंज के गांव मंडनपुर पहुंच गए। मंडनपुर के आफताब की बाग में पहुंचे हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। बाग की रखवाली कर रहे लोगों ने हाथियों को देखा तो तत्काल फोन कर मीरगंज पुलिस और वन विभाग के अधिकारीयों को सूचना दी। कुछ देर बाद पहुंचे पुलिस और वन विभाग की टीम ने लोगों को वहां से हटकर घर जाने की चेतावनी दी। जिसके बाद टीम ने दुधवा से लाई गई तीनों हथिनियों को परचई गांव के एक स्कूल में खड़ा कर दिया। टीम की मंशा थी कि लीद सूंघने में असमर्थ रहे हाथी हथिनियों को देखकर उनकी तरफ बढ़ेंगे, जहां उन्हें ट्रैंक्युलाइज किया जा सकेगा, लेकिन हाथियों ने उनकी यह योजना भी कामयाब नहीं होने दी।
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मंडनपुर की ओर बढ़े हाथी तो सहमे अफसर
बाग में उत्पात मचाकर पेड़ तोड़े, बिजली का खंभा भी गिराया
मंडनपुर पहुंचे हाथियों ने बाग में कई पेड़ों को तोड़ दिया। इससे काफी तादाद में बाग में आम की फसल को नुकसान पहुंचा। पास में लगे बिजली के खंभे को भी सूंड से लपेटकर उखाड़ने की कोशिश की। खंभा नहीं उखड़ा तो उसे टक्कर मारकर एक ओर झुका दिया। बाग में उत्पात मचाने के बाद दोनों हाथी मंडनपुर गांव की ओर बढ़ने लगे तो पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले से आई हांका टीम ने मशाल जलाकर उन्हें वापस लौटाया। हाथियों को गांव में घुसने से रोकने के लिए वन विभाग की टीम के अलावा भारी तादाद में पीएसी और पुलिस फोर्स मौजूद रही। वहीं, आसपास के कई गांवों के लोग भी मंडनपुर पहुंच गए। हालांकि पुलिस और पीएसी ने लोगों को हाथियों से तीन सौ मीटर से ज्यादा नजदीक नहीं जाने दिया। उन्हें फोटो खींचने से भी रोक दिया।
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कंटीले तारों में उलझकर कर्मचारी जख्मी
गांव की ओर बढ़ रहे हाथियों को रोकने के लिए हांका टीमों ने मशाल जलाकर खदेड़ने लगे। तभी हाथी बेकाबू हो गए और हांका टीम की ओर दौड़ पड़े। हांका टीम पीछे की ओर बढ़ी तो इसी दौरान एक गन्ने के खेत में लगे कंटीली तारों में उलझकर एक कर्मचारी जख्मी हो गया। शरीर पर खरोंचे और हाथ में गहरा जख्म होने पर तत्काल उसे मीरगंज के एक अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया।
बारिश की वजह से हाथी लीद और पेशाब का सूूंघ नहीं पा रहे हैं, जिसकी वजह से वे शुक्रवार को दस किलोमीटर पश्चिम दिशा में बढ़ हैं। अगर वे पश्चिम की ओर ही बढ़ेेंगे तो शनिवार को रामपुर में प्रवेश कर जाएंगे। टीम हाथियों को सही दिशा में ले जाने का प्रयास कर रही है।- पीपी सिंह, मुख्य वन संरक्षक, झांसी