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दीक्षांत समारोह में मिलेगा वाईफाई का तोहफा
बरेली।
Updated Wed, 27 Sep 2017 02:09 AM IST
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में वाईफाई का लंबा इंतजार छह अक्तूबर को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह पर खत्म हो जाएगा। विश्वविद्यालय में इस दीक्षांत पर वाईफाई सिस्टम का शुभारंभ होने जा रहा है जिसका उद्घाटन राज्यपाल करेेंगे। विश्वविद्यालय ने इसकी तैयारी कर ली है। जो काम बचा है उसको जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को हुई कार्य परिषद की बैठक में भी इसपर मुहर लग गई।
कार्यपरिषद में इसके अलावा पांचाल संग्रहालय के उद्घाटन और बौद्ध अध्ययन केंद्र को भी मंजूरी मिल गई। यह केंद्र प्राचीन इतिहास विभाग में खुलेगा। कार्यपरिषद के सामने विश्वविद्यालय कुलगीत का भी प्रस्ताव रखा गया। रुहेलखंड के इतिहास और संस्कृति को समेेटे इस कुलगीत को भी मंजूरी मिल गई। कार्य परिषद के सामने यह कुलगीत गाकर भी सुनाया गया। विश्वविद्यालय का स्पोर्ट्स स्टेडियम का नाम अब पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्पोर्ट्स कांप्लैक्स होगा। स्टेडियम के नामकरण का प्रस्ताव भी पास हो गया। एनीमल साइंस विभाग की प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता को सरस्वती सम्मान मिलने पर सेवा विस्तार का प्रस्ताव भी पास हो गया। सेवा विस्तार को जारी शासनादेश को विश्वविद्यालय ने अपने परिनियम में शामिल कर लिया। इसको लेकर राजभवन से भी पुरस्कारों की सूची मांगी गई थी। कार्य परिषद के दो नए सदस्या प्रोफेसर एनएन पांडेय और डॉ. अशोक कुमार को शामिल किया गया। इसके अलावा दो मृतक आश्रितों को नौकरी देने का प्रस्ताव भी मंजूरी हो गई।
पांच अक्तूबर तक भी वाइवा हुआ तो मिलेगी पीएचडी उपाधि
इस बार दीक्षांत समारोह में 42 पीएचडी धारकों को उपाधि प्रदान की जाएगी। कार्य परिषद में हालांकि इस बार पर मंथन हुआ कि अब जिनके वाइवा होंगे क्या उनको दीक्षांत में उपाधि दी जाए या नहीं। इसपर निर्णय लिया गया कि पांच अक्तूबर तक भी अगर पीएचडी वाइवा हो जाता है तो उसको दीक्षांत में उपाधि दी जाएगी।
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पहली बार पगड़ी में नजर आएंगे शिक्षक
दीक्षांत समारोह में पहली बार शिक्षक पगड़ी में नजर आएंगे। कार्य परिषद की बैठक में भी इसकी मुहर लग गई। कार्य परिषद, विद्या परिषद के सदस्यों के साथ अन्य समिति के सदस्य भी पगड़ी पहनेंगे। बंद गले का काला कोट पहनने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। अब शिक्षकों में इस बात की चर्चा गरम है कि पगड़ी का रंग क्या होगा, क्योंकि बैठक में यह स्पष्ट नहीं किया गया।
छात्रों के लिए यह है ड्रेस कोड
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए टॉपर्स को ड्रेस कोड के साथ एक पट्टी (उत्तरीय) भी पहननी होगी। टॉपर्स को पट्टी खरीदने की जरूरत नहीं बल्कि यह उनको कैंपस में ही मिल जाएगी, हालांकि उनको इसके लिए दो सौ रुपये बतौर सिक्योरिटी जमा करने होंगे। टॉपर छात्र सफेद शर्ट और गहरे रंग (काला, नीला, ब्राउन या ग्रे) की पैंट पहनेंगे। टॉपर छात्राएं प्लेन सफेद कुर्ता, गहरे रंग (काला, नीला, ब्राउन या ग्रे) की सलवार या सफेद साड़ी जिसमें रंगीन बार्डर होगा पहनेंगी। स्नातक के छात्र नीली, परास्नातक के छात्र पीली और पीएचडी वाले लाल रंग की पट्टी पहनेंगे।
उपाधि शुल्क जमा करना होगा
स्नातक वाले छात्र जिन्होंने उपाधि शुल्क जमा कर दिया है वह शुल्क रसीद लगाकर निशुल्क उपाधि फार्म के साथ जमा करेेंगे। परास्नातक के जिन छात्रों ने उपाधि शुल्क नहीं जमा किया है तथा पीएचडी, डीलिट, डीएससी के अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के कैश काउंटर पर तीन सौ रुपये उपाधि फार्म खरीदकर नामांकन विभाग में सत्यापन कराकर उपाधि विभाग में पांच अक्तूबर तक जमा करेंगे। अगले दिन उनको आठ से दस बजे तक उपाधि उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यपरिषद में इसके अलावा पांचाल संग्रहालय के उद्घाटन और बौद्ध अध्ययन केंद्र को भी मंजूरी मिल गई। यह केंद्र प्राचीन इतिहास विभाग में खुलेगा। कार्यपरिषद के सामने विश्वविद्यालय कुलगीत का भी प्रस्ताव रखा गया। रुहेलखंड के इतिहास और संस्कृति को समेेटे इस कुलगीत को भी मंजूरी मिल गई। कार्य परिषद के सामने यह कुलगीत गाकर भी सुनाया गया। विश्वविद्यालय का स्पोर्ट्स स्टेडियम का नाम अब पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्पोर्ट्स कांप्लैक्स होगा। स्टेडियम के नामकरण का प्रस्ताव भी पास हो गया। एनीमल साइंस विभाग की प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता को सरस्वती सम्मान मिलने पर सेवा विस्तार का प्रस्ताव भी पास हो गया। सेवा विस्तार को जारी शासनादेश को विश्वविद्यालय ने अपने परिनियम में शामिल कर लिया। इसको लेकर राजभवन से भी पुरस्कारों की सूची मांगी गई थी। कार्य परिषद के दो नए सदस्या प्रोफेसर एनएन पांडेय और डॉ. अशोक कुमार को शामिल किया गया। इसके अलावा दो मृतक आश्रितों को नौकरी देने का प्रस्ताव भी मंजूरी हो गई।
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पांच अक्तूबर तक भी वाइवा हुआ तो मिलेगी पीएचडी उपाधि
इस बार दीक्षांत समारोह में 42 पीएचडी धारकों को उपाधि प्रदान की जाएगी। कार्य परिषद में हालांकि इस बार पर मंथन हुआ कि अब जिनके वाइवा होंगे क्या उनको दीक्षांत में उपाधि दी जाए या नहीं। इसपर निर्णय लिया गया कि पांच अक्तूबर तक भी अगर पीएचडी वाइवा हो जाता है तो उसको दीक्षांत में उपाधि दी जाएगी।
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पहली बार पगड़ी में नजर आएंगे शिक्षक
दीक्षांत समारोह में पहली बार शिक्षक पगड़ी में नजर आएंगे। कार्य परिषद की बैठक में भी इसकी मुहर लग गई। कार्य परिषद, विद्या परिषद के सदस्यों के साथ अन्य समिति के सदस्य भी पगड़ी पहनेंगे। बंद गले का काला कोट पहनने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। अब शिक्षकों में इस बात की चर्चा गरम है कि पगड़ी का रंग क्या होगा, क्योंकि बैठक में यह स्पष्ट नहीं किया गया।
छात्रों के लिए यह है ड्रेस कोड
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए टॉपर्स को ड्रेस कोड के साथ एक पट्टी (उत्तरीय) भी पहननी होगी। टॉपर्स को पट्टी खरीदने की जरूरत नहीं बल्कि यह उनको कैंपस में ही मिल जाएगी, हालांकि उनको इसके लिए दो सौ रुपये बतौर सिक्योरिटी जमा करने होंगे। टॉपर छात्र सफेद शर्ट और गहरे रंग (काला, नीला, ब्राउन या ग्रे) की पैंट पहनेंगे। टॉपर छात्राएं प्लेन सफेद कुर्ता, गहरे रंग (काला, नीला, ब्राउन या ग्रे) की सलवार या सफेद साड़ी जिसमें रंगीन बार्डर होगा पहनेंगी। स्नातक के छात्र नीली, परास्नातक के छात्र पीली और पीएचडी वाले लाल रंग की पट्टी पहनेंगे।
उपाधि शुल्क जमा करना होगा
स्नातक वाले छात्र जिन्होंने उपाधि शुल्क जमा कर दिया है वह शुल्क रसीद लगाकर निशुल्क उपाधि फार्म के साथ जमा करेेंगे। परास्नातक के जिन छात्रों ने उपाधि शुल्क नहीं जमा किया है तथा पीएचडी, डीलिट, डीएससी के अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के कैश काउंटर पर तीन सौ रुपये उपाधि फार्म खरीदकर नामांकन विभाग में सत्यापन कराकर उपाधि विभाग में पांच अक्तूबर तक जमा करेंगे। अगले दिन उनको आठ से दस बजे तक उपाधि उपलब्ध कराई जाएगी।