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Bareilly News: महंगा बताकर जिसका टेंडर किया रद्द, बाद में उसी फर्म को दे दिया दो डिपो काम
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बरेली। रोडवेज बसों की मरम्मत के लिए फर्म के चयन में भी गड़बड़ी सामने आई है। टेंडर प्रक्रिया में चार निजी फर्मों ने हिस्सा लिया। इनमें से ममता इंटरप्राइजेज के टेंडर को स्वीकार कर बाकी तीन के आवेदन रद्द कर दिए गए। ममता इंटरप्राइजेज को बरेली डिपो की बसों की जिम्मेदारी दी गई। शिवा भसीन नाम की जिस फर्म के टेंडर को ज्यादा दरों की वजह से रद्द किया गया था, बाद में उसे पीलीभीत व बदायूं डिपो की बसों की मरम्मत संबंधी कार्यादेश जारी कर दिया गया।
बता दें कि ममता इंटरप्राइजेज के मुकाबले शिवा भसीन नाम की फर्म ने टेंडर में कई कार्यों के लिए दोगुनी दरें तय की थीं। इसके बावजूद उसे दो डिपो की बसों की मरम्मत की जिम्मेदारी दे दी गई। जिस फर्म ने दरें कम दर्शायी थीं, उसको सिर्फ एक डिपो का काम दिया गया। कम दरों पर टेंडर लेने वाली फर्म ममता इंटरप्राइजेज ने भी बिलों में जमकर गड़बड़ी की। ऐसी बसों की भी मरम्मत दर्शा दी, जो डिपो के बेड़े में ही नहीं हैं। वहीं, बदायूं और पीलीभीत डिपो के वर्कशॉप से भी तमाम शिकायतें आ रही हैं।
कार्यदायी फर्मों ने बसों की मरम्मत के लिए जिन कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग पर रखा है, उनमें से ज्यादातर के वेतन से पीएफ की कटौती भी नहीं की जा रही। सुरक्षा के लिहाज से दुर्घटना बीमा भी नहीं कराया गया है।
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टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। ऑनलाइन बिड मांगी गई थीं। जो भी शिकायतें मिल रही हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - धनजी राम, सेवा प्रबंधक
संवाद
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बता दें कि ममता इंटरप्राइजेज के मुकाबले शिवा भसीन नाम की फर्म ने टेंडर में कई कार्यों के लिए दोगुनी दरें तय की थीं। इसके बावजूद उसे दो डिपो की बसों की मरम्मत की जिम्मेदारी दे दी गई। जिस फर्म ने दरें कम दर्शायी थीं, उसको सिर्फ एक डिपो का काम दिया गया। कम दरों पर टेंडर लेने वाली फर्म ममता इंटरप्राइजेज ने भी बिलों में जमकर गड़बड़ी की। ऐसी बसों की भी मरम्मत दर्शा दी, जो डिपो के बेड़े में ही नहीं हैं। वहीं, बदायूं और पीलीभीत डिपो के वर्कशॉप से भी तमाम शिकायतें आ रही हैं।
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कार्यदायी फर्मों ने बसों की मरम्मत के लिए जिन कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग पर रखा है, उनमें से ज्यादातर के वेतन से पीएफ की कटौती भी नहीं की जा रही। सुरक्षा के लिहाज से दुर्घटना बीमा भी नहीं कराया गया है।
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टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। ऑनलाइन बिड मांगी गई थीं। जो भी शिकायतें मिल रही हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - धनजी राम, सेवा प्रबंधक
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