{"_id":"58d814554f1c1be1421a3603","slug":"what-has-the-municipal-corporation-done","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम ने क्या हाल कर दिया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम ने क्या हाल कर दिया
बरेली।
Updated Mon, 27 Mar 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन
What has the Municipal Corporation done?
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम की लापरवाही से पवन विहार और आसपास क्षेत्र के लोग परेशान हैं। यहां का नाला कूड़े और गंदगी से पट चुका है। पानी निकास न होने से इलाके में मच्छर आ रहे हैं और जलभराव की संभावना है। इलाके लोगों ने इस संबंध में मेयर को ज्ञापन भी दिया है, लेकिन अभी तक नाले की सफाई नहीं कराई गई है।
हरुनगला, पवन विहार, गणेश नगर और ग्रीन पार्क के इलाकों को जोड़ता हुआ यह बड़ा नाला जगतपुर के नाले में आकर जुड़ता है। इन सभी इलाकाें का पानी इसमें जाता है। इसके अलावा कटरा चांद खां और पुराना शहर का नाला भी इससे जुड़ा है। पवन विहार के पास से निकलने वाले नाले की हालत इस समय बदहाल है। इलाके के लोगाें का कहना है कि नाले की सफाई काफी समय से नहीं हुई है। 1990 में यह नाला बना है, उसके बाद पहली बार ऐसी स्थिति आई है जब नाले पर ध्यान नहीं दिया गया है।
नाले पर खर्च हो चुके हैं लाखाें
नाला सफाई के नाम पर नगर निगम लाखाें रुपए डकार चुका है। पिछले साल बरसात से पहले शहर के अधिकतर नालों की सफाई के लिए 34 लाख रुपए की कार्ययोजना बनाई गई थी। अधिकतर नालाें पर अतिक्रमण है। ऐसे में नगर निगम कर्मियों ने भी जैसे- तैसे नालों की सफाई कर दी। जिस पवन विहार नाले में गंदगी की बात कही जा रही है बताया जा रहा है कि जून में नगर निगम की ओर से नाले की सफाई कराने के नाम पर खानापूरी की गई थी। कई जगह कूड़ा ऐसे ही छोड़ दिया गया था। इसका असर अब दिख रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरुनगला, पवन विहार, गणेश नगर और ग्रीन पार्क के इलाकों को जोड़ता हुआ यह बड़ा नाला जगतपुर के नाले में आकर जुड़ता है। इन सभी इलाकाें का पानी इसमें जाता है। इसके अलावा कटरा चांद खां और पुराना शहर का नाला भी इससे जुड़ा है। पवन विहार के पास से निकलने वाले नाले की हालत इस समय बदहाल है। इलाके के लोगाें का कहना है कि नाले की सफाई काफी समय से नहीं हुई है। 1990 में यह नाला बना है, उसके बाद पहली बार ऐसी स्थिति आई है जब नाले पर ध्यान नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
नाले पर खर्च हो चुके हैं लाखाें
नाला सफाई के नाम पर नगर निगम लाखाें रुपए डकार चुका है। पिछले साल बरसात से पहले शहर के अधिकतर नालों की सफाई के लिए 34 लाख रुपए की कार्ययोजना बनाई गई थी। अधिकतर नालाें पर अतिक्रमण है। ऐसे में नगर निगम कर्मियों ने भी जैसे- तैसे नालों की सफाई कर दी। जिस पवन विहार नाले में गंदगी की बात कही जा रही है बताया जा रहा है कि जून में नगर निगम की ओर से नाले की सफाई कराने के नाम पर खानापूरी की गई थी। कई जगह कूड़ा ऐसे ही छोड़ दिया गया था। इसका असर अब दिख रहा है।
विज्ञापन