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अब बरेली से भी हो सकेगी मौसम की भविष्यवाणी
बरेली।
Updated Sat, 06 May 2017 01:19 AM IST
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Weather forecast will now be done from Bareilly
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
मौसम की भविष्यवाणी अब बरेली से भी हो सकेगी। कब बारिश होगी और कब आसमान पर काले बादल छाएंगे पता किया जा सकेगा। जिले में मौसम के हर पल का आंकड़ा रिकार्ड किया जा सकेगा। मौसम विभाग की तरफ से बरेली में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने की तैयारी हो गई। वेदर स्टेशन भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के फिजियोलॉजी एंड क्लाइमेटोलॉजी विभाग में खुलेगा। आईवीआरआई ने मौसम विभाग से इसके लिए एमओयू (समझौता) भी साइन कर लिया है। वेदर स्टेशन से मौसम विभाग अपना डाटा विश्लेषण करेगा ही साथ ही इस डाटा का उपयोग आईवीआरआई के वैज्ञानिक भी प्रयोग करेंगे। हाईटेक उपकरणों से वाला यह वेदर स्टेशन लखनऊ मौसम विभाग के तहत कार्य करेगा। यह स्टेशन किस तरह से कार्य करेगा आईवीआरआई के वैज्ञानिक और मौसम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट होगा। अबतक मौसम की जानकारी लखनऊ स्टेशन से ही मिलती है। अब बरेली परिक्षेत्र की जानकारी यहीं से ही मिल सकेगी।
प्रतिदिन 12 मैरामीटर की मिल सकेगी जानकारी
जानकारी के मुताबित ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन पर रोजाना एक दर्जन से ज्यादा पैरामीटर की जानकारी मिल सकेगी। पांच से दस वर्ष का डाटा सुरक्षित किया जा सकता है। स्टेशन की मदद से प्रतिदिन का तापमान, आर्द्रता, हवा का रुख, बारिश, सूर्य की तपन क्षमता, अल्ट्रा वॉयलेट रेज का प्रतिदिन का डाटा एकत्र किया जा सकेगा। स्टेशन की मदद से क्षेत्र में हल्की, तेज या भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावनाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। इसका सबसे अधिक लाभ खेती में मिलेगा। इन आंकड़ों की मदद से क्षेत्र में गर्मी, सर्दी और बारिश का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। स्टेशन सीधे सेटेलाइट से लिंक रहेगा। डाटा की मदद से क्षेत्र, ब्लॉक व जिले के मौसम का आकलन किया जा सकेगा। हालांकि इस स्टेशन से क्या क्या कार्य होंगे बैठक होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मौसम विभाग आटोमेटिक वेदर स्टेशन संस्थान में बनाएगा। इसके लिए एमओयू साइन हो गया है। विभाग की इस लैब में डाटा विश्लेषण का कार्य होगा। इस डाटा का उपयोग हमारे वैज्ञानिक भी कर सकेंगे।
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-डॉ. आरके सिंह, निदेशक आईवीआरआई
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प्रतिदिन 12 मैरामीटर की मिल सकेगी जानकारी
जानकारी के मुताबित ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन पर रोजाना एक दर्जन से ज्यादा पैरामीटर की जानकारी मिल सकेगी। पांच से दस वर्ष का डाटा सुरक्षित किया जा सकता है। स्टेशन की मदद से प्रतिदिन का तापमान, आर्द्रता, हवा का रुख, बारिश, सूर्य की तपन क्षमता, अल्ट्रा वॉयलेट रेज का प्रतिदिन का डाटा एकत्र किया जा सकेगा। स्टेशन की मदद से क्षेत्र में हल्की, तेज या भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावनाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। इसका सबसे अधिक लाभ खेती में मिलेगा। इन आंकड़ों की मदद से क्षेत्र में गर्मी, सर्दी और बारिश का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। स्टेशन सीधे सेटेलाइट से लिंक रहेगा। डाटा की मदद से क्षेत्र, ब्लॉक व जिले के मौसम का आकलन किया जा सकेगा। हालांकि इस स्टेशन से क्या क्या कार्य होंगे बैठक होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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मौसम विभाग आटोमेटिक वेदर स्टेशन संस्थान में बनाएगा। इसके लिए एमओयू साइन हो गया है। विभाग की इस लैब में डाटा विश्लेषण का कार्य होगा। इस डाटा का उपयोग हमारे वैज्ञानिक भी कर सकेंगे।
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-डॉ. आरके सिंह, निदेशक आईवीआरआई