{"_id":"5df3e8f48ebc3e87b070635f","slug":"weather-bareilly-news-bly3878641159","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्द हवाओं ने बढ़ाए दिल और दिमाग के मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्द हवाओं ने बढ़ाए दिल और दिमाग के मरीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बरसात के साथ ही बढ़ी ठंड से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में इन बीमारियों से संबंधित नौ मरीज भर्ती किए गए।
ठंड बढ़ने से ब्लड प्रेशर और मधुमेह के मरीजों को हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों के मुताबिक ठंड में रक्त नलिकाएं सिकुड़ने से हृदय को शरीर में रक्त आपूर्ति में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में नलिकाओं में कोलस्ट्रॉल का जमाव होने से रक्त संचार में दिक्कत होती है, जिससे हार्ट अटैक और हार्ट फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. वागीश वैश्य ने बताया कि शुक्रवार को ऐसे नौ मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। उन्हें भर्ती करके उपचार शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि ठंड में रक्त नलिकाएं सिकुड़ने से ब्लड शुगर (मधुमेह) के साथ ही ब्लडप्रेशर बढ़ने से दिमाग की नसें फ ट जाती हैं। इस स्थिति को ब्रेन स्ट्रोक कहते हैं, जिसमें व्यक्ति बेहोश हो जाता है और कई बार कोमा में चला जाता है।
ठंड से ऐसे करें बचाव
- शारीरिक श्रम करें, तले-भुने के बजाय हल्का भोजन करें।
- बुजुर्ग तड़के और देर रात घर से न निकलें।
- बाहर निकलें तो गर्म कपड़े अच्छी तरह पहन लें।
- सिर और कान ढंककर रखें।
- धूप निकलने पर टहलने जाएं।
- ब्लडप्रेशर और शुगर की नियमित जांच कराते रहें।
- हृदय रोग और ब्लडप्रेशर के पुराने मरीज डॉक्टर से परामर्श लेकर दवाओं की मात्रा निर्धारित करा लें।
- दिल के मरीज ठंड में यात्रा न करें।
- खानपान में लापरवाही न बरतें।
विज्ञापन
ठंड बढ़ने से ब्लड प्रेशर और मधुमेह के मरीजों को हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों के मुताबिक ठंड में रक्त नलिकाएं सिकुड़ने से हृदय को शरीर में रक्त आपूर्ति में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में नलिकाओं में कोलस्ट्रॉल का जमाव होने से रक्त संचार में दिक्कत होती है, जिससे हार्ट अटैक और हार्ट फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. वागीश वैश्य ने बताया कि शुक्रवार को ऐसे नौ मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। उन्हें भर्ती करके उपचार शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि ठंड में रक्त नलिकाएं सिकुड़ने से ब्लड शुगर (मधुमेह) के साथ ही ब्लडप्रेशर बढ़ने से दिमाग की नसें फ ट जाती हैं। इस स्थिति को ब्रेन स्ट्रोक कहते हैं, जिसमें व्यक्ति बेहोश हो जाता है और कई बार कोमा में चला जाता है।
विज्ञापन
ठंड से ऐसे करें बचाव
- शारीरिक श्रम करें, तले-भुने के बजाय हल्का भोजन करें।
- बुजुर्ग तड़के और देर रात घर से न निकलें।
- बाहर निकलें तो गर्म कपड़े अच्छी तरह पहन लें।
- सिर और कान ढंककर रखें।
- धूप निकलने पर टहलने जाएं।
- ब्लडप्रेशर और शुगर की नियमित जांच कराते रहें।
- हृदय रोग और ब्लडप्रेशर के पुराने मरीज डॉक्टर से परामर्श लेकर दवाओं की मात्रा निर्धारित करा लें।
- दिल के मरीज ठंड में यात्रा न करें।
- खानपान में लापरवाही न बरतें।