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हवा को प्रदूषण मुक्त करने को पानी का छिड़काव होगा
बरेली।
Updated Fri, 17 Nov 2017 03:35 AM IST
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दिल्ली की तरह हवा को सांस लेने लायक बनाने के लिए योगी का बरेली समेत प्रदेश के सभी शहरों में पानी का छिड़काव कराने का फरमान डीएम के पास आया है। फायर टेंडरों के जरिए प्रदूषण से आम आदमी को राहत दिलाने को सड़कों, पेड़, पौधों पर पानी का छिड़काव होना है। अग्निशमन अधिकारियों को सीएम के इस आदेश पर फौरन अमल करने की हिदायत दी गई है। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को ही प्रमुख सचिव, गोपान, कारागर, वीजा पासपोर्ट एवं सतर्कता विभाग के जरिए सीएम का आदेश मिला है। शुक्रवार को सभी अग्निशमन अधिकारियों को भिजवाकर पानी का छिड़काव कराया जाएगा।
पिछले दिनों सर्दी के दस्तक देते ही अचानक कोहरे और स्मॉक ने फिजा की बदल दी थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एयर मॉनीटरिंग प्रोग्राम में शहर की हवा की जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। एसपीएम की मात्रा 100 से 200 के बीच होनी चाहिए, लेकिन यह 290 से 585 के बीच है। शहामतगंज और सिविल लाइंस की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी। हवा में प्रदूषण की वजह से लोगों ने सुबह को टहलने निकलना बंद कर दिया था। सांस के रोगियों का तो घर से ेनिकलना मुश्किल था। फिलहाल प्रदूषण कुछ कम है, लेकिन हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं है। हवाओं में अभी भी प्रदूषण बहुत है। सड़कों से उड़ने वाली धूल भी हवा को प्रदूषित कर रही है।
पिछले दिनों सर्दी के दस्तक देते ही अचानक कोहरे और स्मॉक ने फिजा की बदल दी थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एयर मॉनीटरिंग प्रोग्राम में शहर की हवा की जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। एसपीएम की मात्रा 100 से 200 के बीच होनी चाहिए, लेकिन यह 290 से 585 के बीच है। शहामतगंज और सिविल लाइंस की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी। हवा में प्रदूषण की वजह से लोगों ने सुबह को टहलने निकलना बंद कर दिया था। सांस के रोगियों का तो घर से ेनिकलना मुश्किल था। फिलहाल प्रदूषण कुछ कम है, लेकिन हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं है। हवाओं में अभी भी प्रदूषण बहुत है। सड़कों से उड़ने वाली धूल भी हवा को प्रदूषित कर रही है।
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