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UP: तबाही मचा रही शारदा...देवहा किनारे बसे 30 गांवों में बाढ़ का खतरा, निचले इलाकों में आया पानी; परेशानी बढ़ी

Tue, 02 Sep 2025 01:55 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 02 Sep 2025 01:55 PM IST
सार

पीलीभीत के निचले इलाकों में देवहा और खकरा नदी का पानी घुस गया है। शारदा नदी 10 से अधिक गांवों में तबाही मचा रही है। 

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water of Devha and Khakra rivers entered lower areas of Pilibhit Sharda is wreaking havoc in villages
पीलीभीत में बाढ़ का खतरा बढ़ा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीलीभीत में बाढ़ और बारिश से शहर के हालत बिगड़ते जा रहे हैं। बारिश से तो जलभराव हो ही रहा है, इसके साथ ही देवहा और खकरा नदी का पानी भी शहर के निचले इलाकों में घुस गया है। कई मोहल्लों में नदियों का पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 
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उधर, शारदा नदी 10 से अधिक गांवों में तबाही मचा रही है। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त व्यक्त कर दिया है। देवहा और शारदा नदी उफान पर है। सोमवार की देर रात देवहा नदी का पानी चंदोई और कई अन्य इलाकों में घुस गया। 
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खकरा नदी का पानी केजीएन कालोनी में घुस गया। कचहरी के पास टनकपुर हाईवे पर भी पानी पहुंच गया है। लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, हजारा और शास्त्रीनगर आदि गांवों में शारदा नदी का पानी तबाही मचा रहा है। लोग घरों की छत और अन्य ऊंचे स्थानों पर पनाह लिए हैं।
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देवहा के किनारे बसे 30 गांवों में बाढ़ का खतरा
बीसलपुर में भी लगातार हो रही बारिश के चलते देवहा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी किनारे बसे 30 से अधिक गांवों में बाढ़ की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। गांवों के लोग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

तहसील क्षेत्र में नौ बाढ़ चौकियां स्थापित
राजस्व विभाग ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए तहसील क्षेत्र में नौ बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। वहां कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। तहसील परिसर में बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी 24 घंटे संचालित हो रहा है, जिसकी जिम्मेदारी नायब तहसीलदार अवधेश कुमार को सौंपी गई है।

 

SDM ने किया बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा
एसडीएम नागेंद्र पांडेय ने संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर लोगों को सतर्क किया है। गांवों के लोगों का कहना है कि हर साल देवहा नदी में बाढ़ आने से भारी नुकसान होता है, लेकिन बाढ़ रोकथाम के लिए स्थाई उपाय नहीं किए जा रहे। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारी भी तभी सक्रिय होते हैं, जब पानी गांवों की ओर बढ़ जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि रेत के बोरों से किया जाने वाला बचाव कार्य नाममात्र का होता है। स्थायी समाधान जरूरी है। देवहा नदी की जद में मुड़िया कुंडरी, मुड़िया हुलास, भौरुआ, राजुपुर, शेखीपुर, शाहबाजपुर, रमपुरा, नगरिया, फतेहपुर, कर्रखेड़ा, हीरापुर, अर्जुनपुर, खांडेपुर, चौखंडी, बरसिया, कंधरापुर सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।

 

एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडेय ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। तहसील परिसर स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय है। सभी कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है और नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से की स्थायी समाधान की मांग
अहिरवाडा गांव में हर साल बाढ़ से भारी नुकसान होता है, इसलिए प्रशासन को स्थायी उपाय करने चाहिए। अब जलस्तर बढ़ने खतरा फिर बढ़ गया है। - सुदेश मौर्य, अहिरवाडा

कंधरापुर गांव देवहा नदी से सटा हुआ है। जलस्तर बढ़ते ही पानी गांव में घुसने लगता है। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का आशंका बढ़ गई है। -संजीव कुमार, कंधरापुर


कई मार्गों पर आया देवहा नदी का बाढ़ का पानी
देवहा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ का पानी कई प्रमुख मार्गों पर भी पहुंच गया है। इस वजह से उन मार्गों का यातायात ठप हो गया है। प्रशासन ने जलभराव वाले मार्गों पर यातायात रोकने के लिए लाल झंडियां लगवा दी गईं हैं। 

 

बाढ़ का यह पानी भैंसटा लालपुर, कितना पुर, नवदिया, सितारगंज, नवदिया भगत, ढुकसी, हीरा पुर दुही, चौसर हर दो पट्टी, शेखापुर और मुड़िया कुंडरी आदि गांवों के पास से गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर आ गया है।

 

बाढ़ ने खेतों की फसलों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। एसडीएम नागेंद्र पांडेय और तहसीलदार हबीबुर रहमान ने जलमग्न हुए मार्गों का निरीक्षण किया और उन मार्गों का यातायात रोकने के लिए लाल झंडियां लगवा दीं। अधिकारियों ने नदियों के किनारे स्थित गांव के लोगों को सतर्क रहने का सुझाव दिया है।

 

लोगों ने घरों का जरूरी सामान छतों पर रख लिया है। एसडीएम ने बताया कि जिन मार्गों पर बाढ़ का पानी आ गया है उन मार्गों पर यातायात बंद करने के लिए लेखपालों से लाल झंडियां लगवा दी गई है।
 
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