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Bareilly News: रोहिलखंड नहर में नहीं आया पानी, 25 हजार किसानों के सामने सिंचाई का संकट

Mon, 22 Dec 2025 02:39 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 22 Dec 2025 02:39 AM IST
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Water does not come in Rohilkhand canal, 25 thousand farmers face irrigation crisis
बहेड़ी। रूपपुर गांव के किसान आकाश चौधरी
बहेड़ी। बारिश के दौरान किच्छा में बह गए कच्चे बांध को देरी से बनाने के कार्य के चलते क्षेत्र के रोहिलखंड नहर में अभी तक पानी नहीं आ पाया है। सिंचाई विभाग के लचर व्यवस्था के चलते 150 गांवों के 25 हजार किसानों के सामने फसलों की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।
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रोहिलखंड नहर, जो किच्छा बैराज से होकर रूपपुर, रम्पुरा, मंडनपुर, परोही, डांडिया समेत 150 गांव की जमीन को सींचती है। 2021 में आई बाढ़ में किच्छा डैम के दो फाटक टूट गए थे। इन दोनों दरवाजों से बहेड़ी क्षेत्र की नहरों को पानी मिलता था। उसके बाद से इन नहरों को पानी देने के लिए कच्चा बांध बनाकर सिंचाई करने का काम किया जाने लगा। इस बार 14 अगस्त को आई बारिश में कच्चा बांध भी बह गया। उसके बनाने का काम सिंचाई विभाग ने देरी से शुरू किया, जिसके चलते नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया।
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क्षेत्र के किसान गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए नहर में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। इस वक्त तराई की इस बेल्ट में गेहूं की सिंचाई का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। दरअसल, तराई की इस बेल्ट में हर एक फसल को समय से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। इस वजह से किसान वर्षों से अगेती फसलों की बुवाई भी करते हैं। किसानों का कहना है कि नहर में समय से पानी नहीं मिला तो गेहूं के उत्पादन पर इसका विपरीत असर पड़ेगा। मौजूदा समय में पड़ने वाली ठंड और पाले के बीच गेहूं की फसल की प्रथम सिंचाई की जरूरत है। इससे गेहूं की फसल का उत्पादन अच्छा होता है। संवाद
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समय से पानी नहीं मिला तो फसलों पर पड़ेगा प्रभाव
1.मंडनपुर गांव के किसान चौधरी नरेंद्र सिंह कहते हैं कि वर्ष 2021 के बाद से इस नहर ने सिंचाई के लिए परेशान कर दिया है। समय से कभी भी नहर में पानी नहीं मिलता है। अगर किसान बोरिंग ट्यूबवेल से सिंचाई करता है तो लागत तीन गुना बढ़ जाती है। अगर समय से पानी नहीं मिला तो फिर कैसे सिंचाई होगी।
2. रूपपुर गांव के किसान आकाश सिंह कहते हैं कि इस वक्त नहर में पानी की सख्त जरूरत है। सिंचाई विभाग के अधिकारी कह रहे हैं। डैम में काम चल रहा है। अगर समय से पानी नहीं आया तो फिर गेहूं की फसल खराब होना तय है।

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किच्छा बैराज में 2021 में दो फाटक टूट गए थे। उसके बाद से कच्चा बांध बनाकर सिंचाई के लिए पानी मुहैया कराया जाता है। अन्य सभी नहरों में पानी कई दिन पूर्व छोड़ा जा चुका है। इस नहर में दो दिन के अंदर पानी छोड़ दिया जाएगा।
- अनीस अहमद, जेई, रोहिलखंड नहर खंड, बहेड़ी

बहेड़ी। रूपपुर गांव के  किसान आकाश चौधरी

बहेड़ी। रूपपुर गांव के किसान आकाश चौधरी

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