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किसानों को आगाह करें.. नए कृषि कानून उनके डेथ वारंट
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बैठक में भाग लेने जाते सपाई।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सपा की मंडलीय कार्यशाला के पहले दिन प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को कृषि कानूनों का अध्ययन कर गांव-गांव जाने का दिया निर्देश
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बरेली। समाजवादी पार्टी की मंडलीय कार्यशाला के पहले दिन प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार होने का निर्देश दिया। नए कृषि कानूनों पर फोकस करते हुए उन्होंने कहा कि ये कानून किसानों के लिए डेथ वारंट से कम नहीं हैं। कार्यकर्ता इन कानूनों का गहराई से अध्ययन करें और गांव-गांव जाकर किसानों को बताएं कि किस तरह सत्तारूढ़ पार्टी ने उनके हितों को देश के कुछ कॉरपोरेटर घरानों के हाथों में गिरवी रखने की साजिश रची है।
पीलीभीत बाईपास पर हवेली मैरिज लॉन में शुरू हुई सपा की कार्यशाला में पहले दिन ढाई हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। तीन सत्रों की कार्यशाला के पहले सत्र को संबोधित करते हुए सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि हमें चुनाव लड़ने के लिए तरीके बदलने होंगे। हमें अब जनता को सिर्फ पार्टी की नीतियों की ही जानकारी नहीं देनी है बल्कि यह भी बताना होगा कि बंटवारे की राजनीति करते हुए कैसे सत्तारूढ़ दल देश को गर्त में ले जा रहा है। भाजपा का सहारा लेकर देश के कुछ बड़े कारपोरेट घराने दिन ब दिन मजबूत हो रहे हैं। ऐसे ही चलता रहा तो देश एक दिन इन्हीं के हाथों में चला जाएगा और फिर लोकतंत्र का बचा रहना मुश्किल हो जाएगा। उन्हाेंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें देश-प्रदेश के किसानों को केंद्र सरकार के कृषि कानूनों की असलियत बतानी होगी। कार्यकर्ता इसका अध्ययन करें और गांव-गांव जाकर किसानों को सरल भाषा में बताएं। यदि किसान कोई सवाल करते हैं तो उनका जवाब भी दें। कार्यकर्ताओं को खुद को भी मजबूत करना होगा और वे खुद तभी मजबूत होंगे जब उनका बूथ मजबूत होगा। यहां से सीखकर जाने के बाद बूथ पर टीम को प्रशिक्षण की बारीकियां समझानी होंगी।
दूसरे सत्र में समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. बी पांडेय ने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया के प्रयोग में सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता विवादित मामलों से बचते हुए स्थानीय मुद्दों को उठाएं। ऐसे कई मुद्दे हैं जो सीधे तौर पर जनता को प्रभावित कर रहे हैं लेकिन सरकार उन पर ध्यान नहीं दे रही है। हमें जनहित के ऐसे मुद्दों का पार्टी हित में प्रयोग करना है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की आईटी सेल झूठ को सच बताकर प्रचारित करने में माहिर है। हमें उसका भी ग्राउंड चेक कर जनता के सामने असलियत लानी होगी। ऐसे किसी भी मामले में कार्यकर्ता और पदाधिकारी खुद मौके पर जाएं और सच सामने लाएं।
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तीसरे और अंतिम सत्र में प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के साथ अपने चुनाव से जुड़े अनुभव साझा किए। बूथ प्रबंधन की जानकारी देते हुए कहा गया कि कार्यकर्ता आपसी गुटबाजी को बिल्कुल खत्म कर दें। कोई मनमुटाव हो तो उसे पार्टी हित में भूल जाएं वर्ना पार्टी भविष्य में सख्त कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
सपा की कार्यशाला में कार्यकर्ताओं को सख्ती से मोबाइल फोन लाने की मनाही की गई थी। जो लोग इसके बाद भी फोन लेकर पहुंचे, उन्हें स्विच ऑफ करा दिया गया। इसके अलावा मीडिया से भी दूरी बनाए रखी गई। मीडिया के किसी भी शख्स को कार्यशाला में मौजूद रहकर उसे कवर करने की इजाजत नहीं दी गई। पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया गया था कि कार्यशाला के बारे में मीडिया से बात न करें। इसके बावजूद एक पूर्व विधायक ने मैरिज लॉन के बाहर एक मीडिया संस्थान को बाइट दी तो कुछ नेताओं ने इसका वीडियो बनाकर प्रदेश अध्यक्ष और एमएलसी तक पहुंचा दिया। यह भी कहा कि कुछ वरिष्ठ नेता ही अनुशासन का पालन नहीं कर रहे हैं। कार्यकर्ता भी सोशल मीडिया पर वर्कशाप से जुड़ी पोस्ट डाल रहे हैं।
पीलीभीत बाईपास पर हवेली मैरिज लॉन में शुरू हुई सपा की कार्यशाला में पहले दिन ढाई हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। तीन सत्रों की कार्यशाला के पहले सत्र को संबोधित करते हुए सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि हमें चुनाव लड़ने के लिए तरीके बदलने होंगे। हमें अब जनता को सिर्फ पार्टी की नीतियों की ही जानकारी नहीं देनी है बल्कि यह भी बताना होगा कि बंटवारे की राजनीति करते हुए कैसे सत्तारूढ़ दल देश को गर्त में ले जा रहा है। भाजपा का सहारा लेकर देश के कुछ बड़े कारपोरेट घराने दिन ब दिन मजबूत हो रहे हैं। ऐसे ही चलता रहा तो देश एक दिन इन्हीं के हाथों में चला जाएगा और फिर लोकतंत्र का बचा रहना मुश्किल हो जाएगा। उन्हाेंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें देश-प्रदेश के किसानों को केंद्र सरकार के कृषि कानूनों की असलियत बतानी होगी। कार्यकर्ता इसका अध्ययन करें और गांव-गांव जाकर किसानों को सरल भाषा में बताएं। यदि किसान कोई सवाल करते हैं तो उनका जवाब भी दें। कार्यकर्ताओं को खुद को भी मजबूत करना होगा और वे खुद तभी मजबूत होंगे जब उनका बूथ मजबूत होगा। यहां से सीखकर जाने के बाद बूथ पर टीम को प्रशिक्षण की बारीकियां समझानी होंगी।
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दूसरे सत्र में समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. बी पांडेय ने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया के प्रयोग में सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता विवादित मामलों से बचते हुए स्थानीय मुद्दों को उठाएं। ऐसे कई मुद्दे हैं जो सीधे तौर पर जनता को प्रभावित कर रहे हैं लेकिन सरकार उन पर ध्यान नहीं दे रही है। हमें जनहित के ऐसे मुद्दों का पार्टी हित में प्रयोग करना है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की आईटी सेल झूठ को सच बताकर प्रचारित करने में माहिर है। हमें उसका भी ग्राउंड चेक कर जनता के सामने असलियत लानी होगी। ऐसे किसी भी मामले में कार्यकर्ता और पदाधिकारी खुद मौके पर जाएं और सच सामने लाएं।
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तीसरे और अंतिम सत्र में प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के साथ अपने चुनाव से जुड़े अनुभव साझा किए। बूथ प्रबंधन की जानकारी देते हुए कहा गया कि कार्यकर्ता आपसी गुटबाजी को बिल्कुल खत्म कर दें। कोई मनमुटाव हो तो उसे पार्टी हित में भूल जाएं वर्ना पार्टी भविष्य में सख्त कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
मोबाइल फोन पर पाबंदी, मीडिया से भी दूरी
पूर्व विधायक ने न्यूज चैनल को बाइट दी तो कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष से की शिकायतसपा की कार्यशाला में कार्यकर्ताओं को सख्ती से मोबाइल फोन लाने की मनाही की गई थी। जो लोग इसके बाद भी फोन लेकर पहुंचे, उन्हें स्विच ऑफ करा दिया गया। इसके अलावा मीडिया से भी दूरी बनाए रखी गई। मीडिया के किसी भी शख्स को कार्यशाला में मौजूद रहकर उसे कवर करने की इजाजत नहीं दी गई। पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया गया था कि कार्यशाला के बारे में मीडिया से बात न करें। इसके बावजूद एक पूर्व विधायक ने मैरिज लॉन के बाहर एक मीडिया संस्थान को बाइट दी तो कुछ नेताओं ने इसका वीडियो बनाकर प्रदेश अध्यक्ष और एमएलसी तक पहुंचा दिया। यह भी कहा कि कुछ वरिष्ठ नेता ही अनुशासन का पालन नहीं कर रहे हैं। कार्यकर्ता भी सोशल मीडिया पर वर्कशाप से जुड़ी पोस्ट डाल रहे हैं।