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Bareilly News: ट्यूब और लकड़ी के सहारे रोजाना नदी पार कर रहे ग्रामीण
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टूयूव के सहारे नदी पार करते फोटो
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रामगंगा पर जानलेवा सफर जारी, जानकारी में होने के बाद भी संज्ञान नहीं ले रहे जिम्मेदार
मीरगंज। क्षेत्र के लभेड़ा पुरोहित, अंबरपुर और ठिरिया गांव के लोग जान हथेली पर रखकर आज भी ट्यूब और लकड़ी के सहारे रोजाना रामगंगा नदी पार कर रहे हैं। जानकारी होने के बावजूद भी जिम्मेदारों को हादसे का इंतजार है।
लभेड़ा पुरोहित, अंबरपुर और ठिरिया के ग्रामीणों ने बताया कि चाहे तपती धूप हो, ठंड की कंपकंपी हो या तेज बहाव, इन्हें हर हाल में नदी पार करनी ही पड़ती है। कई बार ट्यूब उलटने की नौबत आती है। कई बार पानी का तेज बहाव ट्यूब को बहाने लगता है। इस तरह से हर वक्त हादसे का डर सताता रहता है।
चुन्नीलाल की मौत से प्रशासन ने नहीं लिया सबक
कुछ समय पहले लभेड़ा पुरोहित निवासी चुन्नीलाल की रामगंगा पार करते समय डूबकर हुई मौत अभी तक गांव वालों की आंखों से नहीं उतरी,लेकिन अफसोस उस मौत ने भी न नेताओं को जगाया, न प्रशासन को।
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ग्रामीणों ने सुनाई व्यथा
ग्रामीण बताते हैं कि तीन साल पहले उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई से एक नाव बनवाई थी, उम्मीद थी कि शायद हालत सुधरेंगे, मगर वह नाव भी आज जर्जर होकर किनारे पड़ी है। अंबरपुर और लभेड़ा पुरोहित के संतोष शर्मा, विनोद शर्मा, विपिन शर्मा, लेखराज गंगवार, अरविंद, महेश चंद्र, राम सिंह, गंगा सहाय और भरत सिंह सहित कई ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के दिनों में यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है। कई बार बच्चों को स्कूल भेजना भी संभव नहीं होता
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जान जोखिम में डालकर लोग नदी पा कर रहे हैं। इसकी जानकारी मिली है। उच्चाधिकारियों से बातचीत कर समस्या का हल निकाला जाएगा।
-आलोक कुमार सिंह, एसडीएम, मीरगंज
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मीरगंज। क्षेत्र के लभेड़ा पुरोहित, अंबरपुर और ठिरिया गांव के लोग जान हथेली पर रखकर आज भी ट्यूब और लकड़ी के सहारे रोजाना रामगंगा नदी पार कर रहे हैं। जानकारी होने के बावजूद भी जिम्मेदारों को हादसे का इंतजार है।
लभेड़ा पुरोहित, अंबरपुर और ठिरिया के ग्रामीणों ने बताया कि चाहे तपती धूप हो, ठंड की कंपकंपी हो या तेज बहाव, इन्हें हर हाल में नदी पार करनी ही पड़ती है। कई बार ट्यूब उलटने की नौबत आती है। कई बार पानी का तेज बहाव ट्यूब को बहाने लगता है। इस तरह से हर वक्त हादसे का डर सताता रहता है।
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चुन्नीलाल की मौत से प्रशासन ने नहीं लिया सबक
कुछ समय पहले लभेड़ा पुरोहित निवासी चुन्नीलाल की रामगंगा पार करते समय डूबकर हुई मौत अभी तक गांव वालों की आंखों से नहीं उतरी,लेकिन अफसोस उस मौत ने भी न नेताओं को जगाया, न प्रशासन को।
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ग्रामीणों ने सुनाई व्यथा
ग्रामीण बताते हैं कि तीन साल पहले उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई से एक नाव बनवाई थी, उम्मीद थी कि शायद हालत सुधरेंगे, मगर वह नाव भी आज जर्जर होकर किनारे पड़ी है। अंबरपुर और लभेड़ा पुरोहित के संतोष शर्मा, विनोद शर्मा, विपिन शर्मा, लेखराज गंगवार, अरविंद, महेश चंद्र, राम सिंह, गंगा सहाय और भरत सिंह सहित कई ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के दिनों में यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है। कई बार बच्चों को स्कूल भेजना भी संभव नहीं होता
जान जोखिम में डालकर लोग नदी पा कर रहे हैं। इसकी जानकारी मिली है। उच्चाधिकारियों से बातचीत कर समस्या का हल निकाला जाएगा।
-आलोक कुमार सिंह, एसडीएम, मीरगंज