{"_id":"614f84828ebc3e01f86c6efd","slug":"vice-chancellor-angry-uproar-over-bharat-mata-ki-jai-slogan-in-office-bareilly-news-bly460827049","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्यालय में ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने पर कुलपति नाराज, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्यालय में ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने पर कुलपति नाराज, हंगामा
सार
ज्ञापन देने पहुंचे थे विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता, एक छात्र कुलपति के गनर की बंदूक की बट सिर पर लगने से घायल
विज्ञापन
प्रदर्शन करते छात्र।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छात्रों ने लगाया मारपीट का आरोप, घंटा भर किया प्रदर्शन
विज्ञापन
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में ज्ञापन देने पहुंचे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं के ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने पर कु़लपति नाराज हो गए। आरोप है कि उनके गनर ने छात्रों को बाहर निकालते हुए एक छात्र के सिर पर गन की बट मार दी जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद गुस्साए छात्र नेताओं ने भवन के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया और क रीब घंटे भर प्रदर्शन करते रहे।
शनिवार को विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता परीक्षा नियंत्रक को पांच सूत्रीय ज्ञापन देने पहुंचे थे। इसमें बीएससी के रिजल्ट में हुई गड़बडी़ ठीक कराने, एलएलबी और एलएलएम के प्रवेश की तिथि आगे बढ़ने, कॉलेज में वसूले जा रहे विलंब शुल्क को बंद करने, विश्वविद्यालय के छात्रावास जाने वाले रास्ते में लाइट लगवाने की मांगें थीं। परीक्षा नियंत्रक ने मांगों को पूरा करने में असमर्थता जताई तो छात्र नारेबाजी करते हुए कुलपति से मिलने पहुुंचे। वहां पहुंचकर नारेबाजी की तो स्टाफ ने शांत रहने को कहा। छात्रों ने बगैर मुलाकात वापस जाने से इनकार कर दिया।
कार्यालय के बाहर नारेबाजी की जानकारी जब कुलपति को हुई तो उन्होंने कुछ छात्रों को मिलने के लिए बुलाया। वे अंदर जाते हुए ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने लगे। छात्रों का कहना है कि कुलपति ने इस पर नाराजगी जताते हुए गनर से सभी को बाहर निकालने के निर्देश दे दिए। इसके बाद स्टाफ और गनर छात्रों को बाहर निकालने लगे तो धक्कामुक्की होने लगी। आरोप है कि एक छात्र के सिर पर बंदूक की बट मारकर घायल कर दिया गया।
विज्ञापन
शनिवार को विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता परीक्षा नियंत्रक को पांच सूत्रीय ज्ञापन देने पहुंचे थे। इसमें बीएससी के रिजल्ट में हुई गड़बडी़ ठीक कराने, एलएलबी और एलएलएम के प्रवेश की तिथि आगे बढ़ने, कॉलेज में वसूले जा रहे विलंब शुल्क को बंद करने, विश्वविद्यालय के छात्रावास जाने वाले रास्ते में लाइट लगवाने की मांगें थीं। परीक्षा नियंत्रक ने मांगों को पूरा करने में असमर्थता जताई तो छात्र नारेबाजी करते हुए कुलपति से मिलने पहुुंचे। वहां पहुंचकर नारेबाजी की तो स्टाफ ने शांत रहने को कहा। छात्रों ने बगैर मुलाकात वापस जाने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
कार्यालय के बाहर नारेबाजी की जानकारी जब कुलपति को हुई तो उन्होंने कुछ छात्रों को मिलने के लिए बुलाया। वे अंदर जाते हुए ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने लगे। छात्रों का कहना है कि कुलपति ने इस पर नाराजगी जताते हुए गनर से सभी को बाहर निकालने के निर्देश दे दिए। इसके बाद स्टाफ और गनर छात्रों को बाहर निकालने लगे तो धक्कामुक्की होने लगी। आरोप है कि एक छात्र के सिर पर बंदूक की बट मारकर घायल कर दिया गया।
विज्ञापन
प्रशासनिक भवन पर जड़ा ताला तो मिला आश्वासन
विश्वविद्यालय स्टाफ की बदसलूकी के विरोध में कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। वह कार्यालय के बाहर निकले और जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन पर ताला लगाकर धरना प्रदर्शन करने लगे। ताला लगाने से नाराज स्टाफ से उनकी फिर धक्का मुक्की होने लगी। मामला बढ़ता देख कुलसचिव कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने बाहर आए और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।चार दिन में मांगे पूरी न होने पर होगा उग्र आंदोलन
विद्यार्थी परिषद के विभाग संगठन मंत्री अमित भारद्वाज और कार्यकर्ताओं ने कुलसचिव से वार्ता में अगले चार दिन में मांगों को पूरा करने का समय दिया है। मांगे पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान प्रदेश सह मंत्री गौरव यादव, विभाग संयोजक अनिल, महानगर मंत्री हर्ष अग्रवाल, महानगर कार्यकारिणी सदस्य श्रेयांश बाजपेई, शिवम सक्सेना, आदित्य सक्सेना, प्रशांत, अमन, शिमोन, अर्पित आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।जब छात्र कार्यालय में आए, उस दौरान ऑनलाइन मीटिंग चल रही थी। उनसे शांत रहने को कहा लेकिन वे हंगामा करने लगे। उनके सभी आरोप निराधार हैं। छात्रहित में तीन मांगों पर उचित कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। अनुशासनहीनता पर कार्रवाई भी होगी। - प्रो. केपी सिंह, कुलपति रुहेलखंड विश्वविद्यालय