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Bareilly News: वेंटिलेटर न रक्तकोष, एफआरयू से रेफर हो रहे मरीज

Tue, 06 Jun 2023 01:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jun 2023 01:58 AM IST
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Ventilator no blood cell, patients being referred from FRU
बरेली। स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रसव सेवा मुहैया कराने के दावों पर जीवनरक्षक उपकरणों का अभाव भारी पड़ रहा है। नतीजा, सिजेरियन की जरूरत पड़ने पर परिजन कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहते और निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।
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फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) पर व्यवस्थाओं और प्रसव की पड़ताल अमर उजाला की टीम ने की तो चौंकाने वाली जानकारी मिली। जिले में स्वास्थ्य विभाग की तीन एफआरयू संचालित हैं। इसमें नवाबगंज, फरीदपुर और बहेड़ी सीएचसी शामिल हैं। तीनों केंद्रों पर सिजेरियन प्रसव के दौरान हालत गंभीर होने पर जीवन रक्षक दवाएं तो मौजूद हैं, लेकिन वेंटिलेटर, रक्तकोष आदि की व्यवस्था नहीं है।
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ऐसे में किन्हीं भी वजहों से अगर गर्भवती की हालत गंभीर हुई तो जान जोखिम में पड़ जाती है। इसलिए कई गर्भवतियों को चिकित्साधिकारी रेफर कर देते हैं तो ज्यादातर मामलों में बगैर केंद्र पर पहुंचे नियत तिथि पर परिजन ही गर्भवती को लेकर निजी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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महिला अस्पताल में डॉक्टर कम, बढ़ रहे केस
सीएमएस डॉ. पुष्पलता के मुताबिक एफआरयू से ज्यादातर गंभीर केस ही पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी जांच रिपोर्ट में स्थिति बेहद गंभीर पाई जाती है तो हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। बताया कि अस्पताल में आईसीयू वार्ड न होने की वजह से गंभीर केस को ऑपरेट करने से जान के जोखिम की आशंका रहती है। वहीं, अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। सीएमओ से लगातार चिकित्सक की मांग की जा रही है।

फोटो : चार सिजेरियन प्रसव हुए, दस केस रेफर
तीन में सिर्फ फरीदपुर एफआरयू
पर ही अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध है। मगर कई माह से रेडियोलॉजिस्ट न होने से गर्भवतियों को निजी डायग्नोसिस सेंटर जाना पड़ रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम ने बताया कि कुछ दिन तक एक टेक्नीशियन से जांच कराई, पर तबादले के बाद नई तैनाती नहीं हुई। खराब न हो इसलिए मशीन स्टोर में रख दी है। अस्पताल में सामान्य प्रसव प्रतिमाह करीब 150 हो रहे हैं। मई में 148 प्रसव सामान्य और चार सिजेरियन हुए। 10 गर्भवती रेफर की गईं।

फोटो : 108 हुए सामान्य प्रसव, 12 ऑपरेशन से
नवाबगंज सीएचसी पर एफआरयू की शुरुआत पिछले साल ही हुई थी। शुरुआत में सिजेरियन को लेकर लोग असमंजस में थे, पर अब इसमें तेजी आ रही है, पर उपकरणों के अभाव में गंभीर केस यहां से भी रेफर हो रहे हैं। अस्पताल में दो महिला चिकित्सक और एएनएम, स्टाफ नर्स की तैनाती है। माह भर में 108 सामान्य प्रसव हुए और 12 सिजेरियन। रिकॉर्ड में चार केस महिला अस्पताल रेफर किए जाने की बात है। बताते हैं कि ज्यादातर गंभीर मामलों में गर्भवती निजी अस्पताल का रुख कर लेती हैं।


फोटो : छह सिजेरियन प्रसव हुए, तीन रेफर
तीनोें एफआरयू में बहेड़ी सीएचसी फिलहाल अव्वल है। मगर यहां भी उपकरणों के कमी खल रही है। सीएचसी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले माह यहां 79 सामान्य प्रसव हुए और छह सिजेरियन। तीन केस महिला अस्पताल रेफर किए गए। यहां अल्ट्रासाउंड जांच भी नहीं होती। जांच के लिए पहुंच रही गर्भवतियों को निजी डायग्नोसिस सेंटर रेफर करना पड़ता है। चिकित्साधिकारी के मुताबिक रक्तकोष न होने, हीमोग्लोबिन सामान्य से कम, बीपी या पल्स रेट अधिक होने की स्थिति में रेफर करना मजबूरी है।
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