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Bareilly News: सड़क पर थम गए वाहन, धड़ाधड़ बंद हुए घरों के दरवाजे
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बरेली। बवाल के दौरान के दौरान पीलीभीत रोड पर एक घंटे तक दबंगों का कब्जा रहा। खुलेआम फायरिंग से दहशत फैल गई। लोगों ने देखा कि राजीव गुट की भीड़ पर पिता-पुत्र अपने कुछ लोगों के साथ भारी पड़ गए।
सड़क पर संजयनगर निवासी रोहित ठाकुर और सटोरिया संजय खुलेआम फायरिंग करते देखे गए। आदित्य उपाध्याय ने फायरिंग कर रहे राजीव राणा पक्ष के लड़कों को कार से कुचलने की कोशिश की। रोहित व संजय कार के नीचे दब गए। कार भी गड्ढे में पलट गई। इसके बाद आदित्य व उसका बेटा पकड़ गए। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गोलियां चला रहे हैं और खुद का बचाव कर रहे हैं।
शहर में पहली बार इस तरह का माहौल देखकर सहमे राहगीर इधर-उधर छिप गए। राहगीरो ने वीडियो बनाया तो उनसे भी अभद्रता की गई। आसपास के लोगों ने घरों के दरवाजे बंद कर लिए।
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आरोपी बोले- हमारी रगों में भी पुलिस का खून
आरोपी आदित्य और उसका बेटा इतने गुस्से में थे कि गिरफ्तारी के वक्त पुलिस से भी उलझ गए। थाने में उनकी दोनाली लाइसेंसी पौनिया भी जब्त कर ली गई। आदित्य ने बताया कि वह कमजोर नहीं है। उसके पिता और मां दोनों ही पुलिस में थे। उसकी रगों में पुलिस का खून है तो अपनी जमीन पर कब्जा कैसे हो जाने देते? इसलिए उन्होंने पूरी ताकत से विरोध किया।
बवाली सभासद नहीं मिला, कार खींच लाई एसओजी
फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी माना जा रहा कृष्णपाल यादव उर्फ केपी यादव कस्बा रिठौरा के मोहल्ला खाता से लगातार दूसरी बार सभासद है। गोलीकांड में नामजद होने के बाद शनिवार को एसओजी दिनभर उसकी तलाश करती रही, पर वह हाथ नहीं आया। देर-रात पुलिस आरोपी की कार को लाकर हाफिजगंज थाने में खड़ी करवा दी। ब्यूरो
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सड़क पर संजयनगर निवासी रोहित ठाकुर और सटोरिया संजय खुलेआम फायरिंग करते देखे गए। आदित्य उपाध्याय ने फायरिंग कर रहे राजीव राणा पक्ष के लड़कों को कार से कुचलने की कोशिश की। रोहित व संजय कार के नीचे दब गए। कार भी गड्ढे में पलट गई। इसके बाद आदित्य व उसका बेटा पकड़ गए। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गोलियां चला रहे हैं और खुद का बचाव कर रहे हैं।
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शहर में पहली बार इस तरह का माहौल देखकर सहमे राहगीर इधर-उधर छिप गए। राहगीरो ने वीडियो बनाया तो उनसे भी अभद्रता की गई। आसपास के लोगों ने घरों के दरवाजे बंद कर लिए।
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आरोपी बोले- हमारी रगों में भी पुलिस का खून
आरोपी आदित्य और उसका बेटा इतने गुस्से में थे कि गिरफ्तारी के वक्त पुलिस से भी उलझ गए। थाने में उनकी दोनाली लाइसेंसी पौनिया भी जब्त कर ली गई। आदित्य ने बताया कि वह कमजोर नहीं है। उसके पिता और मां दोनों ही पुलिस में थे। उसकी रगों में पुलिस का खून है तो अपनी जमीन पर कब्जा कैसे हो जाने देते? इसलिए उन्होंने पूरी ताकत से विरोध किया।
बवाली सभासद नहीं मिला, कार खींच लाई एसओजी
फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी माना जा रहा कृष्णपाल यादव उर्फ केपी यादव कस्बा रिठौरा के मोहल्ला खाता से लगातार दूसरी बार सभासद है। गोलीकांड में नामजद होने के बाद शनिवार को एसओजी दिनभर उसकी तलाश करती रही, पर वह हाथ नहीं आया। देर-रात पुलिस आरोपी की कार को लाकर हाफिजगंज थाने में खड़ी करवा दी। ब्यूरो