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Bareilly News: व्यापार मंडल के हस्तक्षेप के बाद वाहन छोड़ा
Fri, 04 Sep 2026 12:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:09 AM IST
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बरेली। सोलर हाइब्रिड इनवर्टर पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने और वाहन रोके जाने के मामले में व्यापार मंडल के हस्तक्षेप के बाद राहत मिली है। जीएसटी के सचल दल ने वाहन को छोड़ दिया है।
बृहस्पतिवार को जीएसटी सचल दल की अधिकारी दीप्ति सिंह ने बरेली से मीरगंज जा रहे एक कंपनी के सोलर हाइब्रिड इनवर्टर से भरे वाहन को रोक लिया था। यह माल बरेली के अजय विक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स से मीरगंज के मनीष गारमेंट्स को भेजा जा रहा था। माल का कुल मूल्य 4,71,228 रुपये था, जिस पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया गया था।
आरोप है कि मौके पर सभी वैध बिल और ई-वे बिल प्रस्तुत करने के बावजूद वाहन नहीं छोड़ा गया। इसके बाद व्यापारियों ने भारतीय उद्योग व्यापार मंडल से मदद ली। प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश अग्रवाल और प्रदेश संयुक्त महामंत्री अनिल अग्रवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जीएसटी विभाग पहुंचा और अपर आयुक्त ग्रेड-2 आशीष निरंजन से वार्ता की।
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व्यापारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों को नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों की रियायती श्रेणी में रखा गया है, जिस पर पांच प्रतिशत जीएसटी ही लागू होता है। अपर आयुक्त ग्रेड 2 ने तथ्यों और दस्तावेजों से संतुष्ट होकर अधिकारियों को वाहन छोड़ने के निर्देश दिए। वार्ता के दौरान राजकुमार अग्रवाल, अनुज गुप्ता, आयुष गुप्ता, अमन गुप्ता, आयुष अग्रवाल, सुलभ अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
अपर आयुक्त ग्रेड-2 आशीष निरंजन ने बताया कि एक गाड़ी रोकने के संबंध में व्यापार मंडल के पदाधिकारी मिलने आए थे। प्रपत्रों की जांच के बाद गाड़ी को छोड़ दिया गया है।
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बृहस्पतिवार को जीएसटी सचल दल की अधिकारी दीप्ति सिंह ने बरेली से मीरगंज जा रहे एक कंपनी के सोलर हाइब्रिड इनवर्टर से भरे वाहन को रोक लिया था। यह माल बरेली के अजय विक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स से मीरगंज के मनीष गारमेंट्स को भेजा जा रहा था। माल का कुल मूल्य 4,71,228 रुपये था, जिस पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया गया था।
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आरोप है कि मौके पर सभी वैध बिल और ई-वे बिल प्रस्तुत करने के बावजूद वाहन नहीं छोड़ा गया। इसके बाद व्यापारियों ने भारतीय उद्योग व्यापार मंडल से मदद ली। प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश अग्रवाल और प्रदेश संयुक्त महामंत्री अनिल अग्रवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जीएसटी विभाग पहुंचा और अपर आयुक्त ग्रेड-2 आशीष निरंजन से वार्ता की।
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व्यापारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों को नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों की रियायती श्रेणी में रखा गया है, जिस पर पांच प्रतिशत जीएसटी ही लागू होता है। अपर आयुक्त ग्रेड 2 ने तथ्यों और दस्तावेजों से संतुष्ट होकर अधिकारियों को वाहन छोड़ने के निर्देश दिए। वार्ता के दौरान राजकुमार अग्रवाल, अनुज गुप्ता, आयुष गुप्ता, अमन गुप्ता, आयुष अग्रवाल, सुलभ अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
अपर आयुक्त ग्रेड-2 आशीष निरंजन ने बताया कि एक गाड़ी रोकने के संबंध में व्यापार मंडल के पदाधिकारी मिलने आए थे। प्रपत्रों की जांच के बाद गाड़ी को छोड़ दिया गया है।