{"_id":"62b20fbf74fbaa55915e1437","slug":"varun-gandhi-said-if-the-government-is-so-serious-then-tell-why-one-crore-posts-are-vacant-bareilly-news-bly489025554","type":"story","status":"publish","title_hn":"वरुण बोले ः सरकार इतनी गंभीर तो एक करोड़ पद खाली क्यों","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वरुण बोले ः सरकार इतनी गंभीर तो एक करोड़ पद खाली क्यों
विज्ञापन
पीलीभीत। सांसद वरुण गांधी अग्निपथ योजना को लेकर सरकार पर हमलावर हैं। युवाओं के सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने अपना वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि कभी मुकदमे तो कभी एनओसी न देने की धमकी देकर हम ही संवाद के रास्ते बंद कर रहे हैं। जबकि कोई नई योजना लागू करने से पहले रिक्त पड़े लाखों पदों को भरने का ब्लूप्रिंट छात्रों से साझा करना चाहिए था। यही वक्त की सबसे बड़ी मांग है। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि एक करोड़ पद रिक्त क्यों हैं ? रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त सैनिकों की भर्ती क्यों नहीं हो रही है जबकि उनकी संख्या तो खाली पदों के सापेक्ष न के बराबर ही है।
सांसद ने कहा कि रोज हो रहीं अनेक घोषणाएं असमंजस के साथ आश्चर्यचकित करने वाली हैं। चार वर्षों तक सेवा देने के पश्चात सेना से बाहर निकलने वाले अग्निवीरों के
लिए सरकार के संबंधित मंत्रालयों द्वारा अपने-अपने विभागों में नौकरी देने की बात रोज शाम सामने रखी जा रही है। नौकरी देने की होड़ लगी हुई। अब इसमें बड़े उद्योगपति भी शामिल हो गए हैं। सबने अपनी कंपनियों में अग्निवीरों को नौकरी देने की बात की है। सरकार और उद्यमियों द्वारा किए गए वादे स्वागत के योग्य हैं।
विज्ञापन
नौकरी के इतने विकल्पों और अग्निवीरों की जरूरत जब देश के सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र को है तो अग्निपथ योजना के खिलाफ युवाओं का आंदोलन खत्म हो जाना चाहिए था। सांसद ने कहा कि जब इस संबंध में उन्होंने युवाओं से बातचीत की तो सेवानिवृत्त सैनिकों को नौकरी न दिए जाने का मुद्दा रखते हुए युवाओं ने अवगत कराया कि सरकार की बातें सिर्फ खानापूर्ति हैं।
विज्ञापन
सांसद ने कहा कि रोज हो रहीं अनेक घोषणाएं असमंजस के साथ आश्चर्यचकित करने वाली हैं। चार वर्षों तक सेवा देने के पश्चात सेना से बाहर निकलने वाले अग्निवीरों के
विज्ञापन
लिए सरकार के संबंधित मंत्रालयों द्वारा अपने-अपने विभागों में नौकरी देने की बात रोज शाम सामने रखी जा रही है। नौकरी देने की होड़ लगी हुई। अब इसमें बड़े उद्योगपति भी शामिल हो गए हैं। सबने अपनी कंपनियों में अग्निवीरों को नौकरी देने की बात की है। सरकार और उद्यमियों द्वारा किए गए वादे स्वागत के योग्य हैं।
विज्ञापन
नौकरी के इतने विकल्पों और अग्निवीरों की जरूरत जब देश के सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र को है तो अग्निपथ योजना के खिलाफ युवाओं का आंदोलन खत्म हो जाना चाहिए था। सांसद ने कहा कि जब इस संबंध में उन्होंने युवाओं से बातचीत की तो सेवानिवृत्त सैनिकों को नौकरी न दिए जाने का मुद्दा रखते हुए युवाओं ने अवगत कराया कि सरकार की बातें सिर्फ खानापूर्ति हैं।