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Bareilly News: वन महोत्सव आज से, रोपने के लिए नर्सरियों में 62 लाख पौधे तैयार
Mon, 01 Jul 2024 06:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 01 Jul 2024 06:22 AM IST
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बरेली। एक से सात जुलाई तक मनाए जाने वाले वन महोत्सव के दौरान जिले में 42.72 लाख पौधे रोपे जाएंगे। वन विभाग की 28 नर्सरियों में 62 लाख पौधे तैयार हैं। आम लोग भी नर्सरियों से फल और छायादार पौधे ले सकेंगे। वन विभाग समेत 27 विभागों को पौधरोपण का लक्ष्य दिया गया है। सबसे ज्यादा 21,50,000 पौधे ग्राम्य विकास विभाग रोपेगा। वन विभाग 6,36,900 पौधों का रोपण करेगा।
वन महोत्सव के लिए तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। मित्र वन विकसित करने के लिए उत्तराखंड की सीमा पर बहेड़ी के गांव नौली में ग्राम सभा की एक हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। यहां अशोक और बुरांश के 1,600 पौधे रोपे जाएंगे। पौधों के पेड़ बनने तक दोनों राज्य मिलकर देखभाल करेंगे। पौधे रोपने के लिए गड्ढों की खोदाई का काम रविवार को भी किया गया। महोत्सव के दौरान विरासत वाटिका, वेटलैंड संरक्षण, मित्र वन, मिशन छाया, एक मार्ग-एक प्रजाति, एक वृक्ष मां के नाम कार्यक्रम चलाए जाएंगे। मंडल के चार जिलों में संरक्षण के लिए 12 वेडलैंड भी चिह्नित किए गए हैं।
डीएफओ दीक्षा भंडारी ने बताया कि रोपे गए पौधों की देखभाल हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा। वन विभाग जिन पौधों को रोपेगा उनकी जिओ टैगिंग भी कराई जाएगी।
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विरासत वृक्ष वाटिका अभियान को तेज किया जाएगा
महोत्सव के दौरान विरासत वृक्ष वाटिका अभियान का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। प्लास्टिक का इस्तेमाल रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। जिन स्थानों पर विकास योजनाओं के दौरान पेड़ों का काटा गया है वहां सड़कों कि किनारे ज्यादा संख्या में छायादार पौधे रोपे जाएंगे।
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जागरुकता के लिए नुक्कड़ नाटक, प्रभात फेरी व प्रतियोगिताएं
वन संरक्षण व पौधरोपण के लिए जागरुकता बढ़ाने के मकसद से सप्ताह भर नुक्कड़ नाटक, प्रभात फेरी व विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को तुलसी के पौधे बांटे जाएंगे। स्कूल कॉलेजों में चित्रकला, वाल-विवाद, निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन भी कराया जाएगा। इस दौरान पर्यावरण और वन संरक्षण को लेकर भी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन पर भी जोर रहेगा।
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विभागवार पौधरोपण का लक्ष्य
वन विभाग- 6,36,900
ग्राम्य विकास विभाग- 21,50,000
उद्यान विभाग- 2,66,000
पंचायतीराज विभाग- 2,19,000
राजस्व विभाग-1,81,000
कृषि विभाग- 4,30,000
पर्यावरण विभाग-82,000
आवास विकास विभाग-6,000
नगर विकास विभाग- 92,000
लोक निर्माण विभाग- 14,000
जलशक्ति विभाग- 15,000
रेशन विभाग- 25,000
पशुपालन विभाग- 8,000
सहकारिता विभाग-9,520
उद्योग विभाग-11,000
ऊर्जा विभाग-6,580
माध्यमिक शिक्षा-13,000
बेसिक शिक्षा- 21,000
प्राविधिक शिक्षा- 6,000
उच्च शिक्षा- 24,000
श्रम विभाग- 3,600
स्वास्थ्य विभाग- 12,000
परिवहन विभाग- 3,400
रेलवे- 15,000
रक्षा विभाग- 6,000
पुलिस विभाग- 7,980
औद्योगिक विकास- 9,000
कुल-42,72,780
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वन महोत्सव के लिए तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। मित्र वन विकसित करने के लिए उत्तराखंड की सीमा पर बहेड़ी के गांव नौली में ग्राम सभा की एक हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। यहां अशोक और बुरांश के 1,600 पौधे रोपे जाएंगे। पौधों के पेड़ बनने तक दोनों राज्य मिलकर देखभाल करेंगे। पौधे रोपने के लिए गड्ढों की खोदाई का काम रविवार को भी किया गया। महोत्सव के दौरान विरासत वाटिका, वेटलैंड संरक्षण, मित्र वन, मिशन छाया, एक मार्ग-एक प्रजाति, एक वृक्ष मां के नाम कार्यक्रम चलाए जाएंगे। मंडल के चार जिलों में संरक्षण के लिए 12 वेडलैंड भी चिह्नित किए गए हैं।
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डीएफओ दीक्षा भंडारी ने बताया कि रोपे गए पौधों की देखभाल हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा। वन विभाग जिन पौधों को रोपेगा उनकी जिओ टैगिंग भी कराई जाएगी।
विरासत वृक्ष वाटिका अभियान को तेज किया जाएगा
महोत्सव के दौरान विरासत वृक्ष वाटिका अभियान का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। प्लास्टिक का इस्तेमाल रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। जिन स्थानों पर विकास योजनाओं के दौरान पेड़ों का काटा गया है वहां सड़कों कि किनारे ज्यादा संख्या में छायादार पौधे रोपे जाएंगे।
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जागरुकता के लिए नुक्कड़ नाटक, प्रभात फेरी व प्रतियोगिताएं
वन संरक्षण व पौधरोपण के लिए जागरुकता बढ़ाने के मकसद से सप्ताह भर नुक्कड़ नाटक, प्रभात फेरी व विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को तुलसी के पौधे बांटे जाएंगे। स्कूल कॉलेजों में चित्रकला, वाल-विवाद, निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन भी कराया जाएगा। इस दौरान पर्यावरण और वन संरक्षण को लेकर भी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन पर भी जोर रहेगा।
विभागवार पौधरोपण का लक्ष्य
वन विभाग- 6,36,900
ग्राम्य विकास विभाग- 21,50,000
उद्यान विभाग- 2,66,000
पंचायतीराज विभाग- 2,19,000
राजस्व विभाग-1,81,000
कृषि विभाग- 4,30,000
पर्यावरण विभाग-82,000
आवास विकास विभाग-6,000
नगर विकास विभाग- 92,000
लोक निर्माण विभाग- 14,000
जलशक्ति विभाग- 15,000
रेशन विभाग- 25,000
पशुपालन विभाग- 8,000
सहकारिता विभाग-9,520
उद्योग विभाग-11,000
ऊर्जा विभाग-6,580
माध्यमिक शिक्षा-13,000
बेसिक शिक्षा- 21,000
प्राविधिक शिक्षा- 6,000
उच्च शिक्षा- 24,000
श्रम विभाग- 3,600
स्वास्थ्य विभाग- 12,000
परिवहन विभाग- 3,400
रेलवे- 15,000
रक्षा विभाग- 6,000
पुलिस विभाग- 7,980
औद्योगिक विकास- 9,000
कुल-42,72,780