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उर्स ताजुश्शरिया से देश-दुनिया के 24 लाख लोग ऑनलाइन जुड़े
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असजद मियां बोले- बुजुर्गों का दामन थाम कर चलें तभी होगी जिंदगी की नैया पार
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मुफ्ती अब्दुल मुस्तफा रुदौलवी न कहा- फोटो खिंचाने, छपवाने से परहेज करें मुसलमान
बरेली ताजुश्शरिया हजरत मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) का उर्स रविवार देर रात संपन्न हुआ। देश-दुनिया के 24 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़कर अपनी अकीदत का इजहार किया। इस मौके पर जलसे की आखरी तकरीर को खिताब करते हुए खानकाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन एवं काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी ने कहा कि बुजुर्गों का दामन थाम कर ही हम सबकी जिंदगी की नैया पार लग सकती है। उन्होंने आला हजरत, मुफ्ती आजम हिंद, ताजुश्शरिया और तमाम बुजुर्गों की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए मसलक-ए-आला हजरत पर चलने का आह्वान किया। कहा, दुनिया में जो भी बुराइयां हैं, उन्हें बुजुर्गों की रबिश पर चलकर दूर किया जा सकता है।
इससे पहले मुफ्ती अब्दुल मुस्तफा रुदौलवी ने मसलक-ए-आला हजरत पर विस्तार से रोशनी डाली। ताजुश्शरिया की शख्सियत बयान करते हुए कहा कि दुनिया के 50 प्रभावशाली लोगों में उनका 22वां नंबर था। उन्होंने शरीयत की रोशनी में लोगों को आगाह किया कि वे फोटो खिंचवाने और छपवाने से परहेज करें। इसी तरह मुफ्ती शर्फुद्दीन, मौलाना फैज उल नबी, मौलाना अजीमुद्दीन अजहरी आदि ने भी तकरीर की। आखिर में जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान ने बताया कि ऑनलाइन प्रसारण से हिंदुस्तान सहित लगभग 42 मुल्कों के लोग जुड़े। इसमें सऊदी अरब, इंग्लैंड, अमेरिका, बोस्टन, साउथ अफ्रीका, मॉरीशस, तुर्की आदि मुल्क प्रमुख रहे।
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मुफ्ती अब्दुल मुस्तफा रुदौलवी न कहा- फोटो खिंचाने, छपवाने से परहेज करें मुसलमान बरेली ताजुश्शरिया हजरत मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) का उर्स रविवार देर रात संपन्न हुआ। देश-दुनिया के 24 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़कर अपनी अकीदत का इजहार किया। इस मौके पर जलसे की आखरी तकरीर को खिताब करते हुए खानकाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन एवं काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी ने कहा कि बुजुर्गों का दामन थाम कर ही हम सबकी जिंदगी की नैया पार लग सकती है। उन्होंने आला हजरत, मुफ्ती आजम हिंद, ताजुश्शरिया और तमाम बुजुर्गों की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए मसलक-ए-आला हजरत पर चलने का आह्वान किया। कहा, दुनिया में जो भी बुराइयां हैं, उन्हें बुजुर्गों की रबिश पर चलकर दूर किया जा सकता है।
इससे पहले मुफ्ती अब्दुल मुस्तफा रुदौलवी ने मसलक-ए-आला हजरत पर विस्तार से रोशनी डाली। ताजुश्शरिया की शख्सियत बयान करते हुए कहा कि दुनिया के 50 प्रभावशाली लोगों में उनका 22वां नंबर था। उन्होंने शरीयत की रोशनी में लोगों को आगाह किया कि वे फोटो खिंचवाने और छपवाने से परहेज करें। इसी तरह मुफ्ती शर्फुद्दीन, मौलाना फैज उल नबी, मौलाना अजीमुद्दीन अजहरी आदि ने भी तकरीर की। आखिर में जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान ने बताया कि ऑनलाइन प्रसारण से हिंदुस्तान सहित लगभग 42 मुल्कों के लोग जुड़े। इसमें सऊदी अरब, इंग्लैंड, अमेरिका, बोस्टन, साउथ अफ्रीका, मॉरीशस, तुर्की आदि मुल्क प्रमुख रहे।
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