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उर्स के मंच से आतंकवाद का खुला विरोध
बरेली
Updated Wed, 09 Dec 2015 01:27 AM IST
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बरेली। उर्स-ए-रजवी के मंच से मंगलवार को आतंकवाद का खुल कर विरोध किया गया। फतवे का अधिकार रखने वाले कई उलमा ने साफ तौर पर इसके खात्मे की अपील करते हुए कहा कि आतंकवादी मुसलमान नहीं हैं। वे यहूदी हैं, जो मुस्लिम नाम से आतंक फैलाकर इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं।
आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी के कुल के लिए इस्लामिया इंटर कालेज के मैदान में दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मौलाना अहसन रजा खां कादरी की सदारत में जलसा आयोजित किया गया। राज्यसभा सदस्य मौलाना गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि आतंकवाद के नाम मुसलमानों को बदनाम किया जा रहा है। यह सब अमेरिका और इजराइल का खेल है। उन्होंने सवाल उठाया कि आतंकवादी बार-बार बार्डर पार करके कैसे आ जाते हैं, केंद्र सरकार सुन्नियों को इजाजत दे दे तो वह पाकिस्तान के पार्लियामेंट तक घुस कर झंडाफहरा देंगे। उन्होंने कहा कि जिसके दिल में खुदा का खौफ और नबी की मोहब्बत होगी, उसका दहशतगर्दी से नाता हो ही नहीं सकता। आईएस प्रमुख बगदादी यहूदी है, जो अमेरिका के लिए काम करता है।
इसी कड़ी मेें लंदन से आए मौलाना फरोग उल कादरी ने कहा कि आईएस जैसे खूंखार यहूदी आतंकवादी संगठन इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। इसके साथ ही आला हजरत के मिशन और उनके काम की चर्चा करते हुए नोबेल पुरस्कार दिए जाने की मांग उठाई। आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां ने कहा कि आज मुल्क में हमारी नई युवा पीढ़ी को दहशतगर्दी के लिए गुमराह करने की साजिश रची जा रही है, इससे होशियार रहने की जरूरत है। खासतौर से उलमा की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस बात पर नजर रखें कि नौजवान लड़के भटकने न पाएं। हुकूमत भड़काऊ भाषण करने वालों पर रोक लगाए।
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इस मौके पर अमेरिका के सय्यद गुलाम यजदानी, मौलाना मुख्तार बहेड़वी, मौलाना सगीर अहमद जोखनपुरी, मौलाना अर्सलान रजा खां, कारी इकबाल, कारी इरफानुल हक आदि ने आला हजरत की खूबियों और उनके किरदार पर विस्तार से रोशनी डाली। कुल शरीफ की रस्म के बाद मौलाना अहसन रजा खां कादरी और मौलाना तौसीफ रजा खां ने दुआ की। कारी अमानत रसूल ने कुल पढ़ा। इससे पहले नातो मनकबद से जलसे की शुरुआत हुई। टीटीएस के राष्ट्रीय महासचिव मुफ्ती सलीम नूरी ने विषय की जानकारी दी। संचालन यूसुफ रजा संभली ने किया। कुल में लाखों अकीदतमंद जुटे थे, उन पर हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश भी की गई।
हेलीकाप्टर से बरसे फूल जमीन पर गिरे तो उठा कर भर लिए दामन
बरेली। उर्स-ए-रजवी के मौके पर हेलीकाप्टर से दरगाह और जायरीन पर बरसते फूल आंखों में कैद कर देने वाला नजारा था। जो इश्क मोहब्बत-इश्क मोहब्बत की सदाओं के बीच जायरीन में अकीदत और जोश भर रहा था। आला हजरत के आशिकों की भीड़ के लिए हेलीकाप्टर से बरसने वाले फूल अकीदत का तोहफा बन गए। दरगाह की गलियों में बरसते यह फूल जमीन पर गिरे तो भीड़ में खड़ी कुछ महिलाएं भावुक अंदाज में दौड़ कर आगे बढ़ीं और फूल उठा कर चूमते हुए अपने दामन में भर लिए। वहीं इस मंजर को देखने के लिए आस पास के घरों की हर छत भरी नजर आ रही थी।
हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां की ओर से कराई गई थी। इसकी शुरुआत सबसे पहले दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) के साथ आसिफ मियां और नूरी मियां ने हेलीकाप्टर से फूल बरसाए। इसके बाद खुद मौलाना तौकीर रजा खां और उनके बेटे फरमान रजा खां ने फूल बरसाए। इसके बाद हेलीकाप्टर के दस राउंड आकाश में लगे। इसमें बारी बारी से डा. हफीज उर्रहमान, डा. नफीस खां, अफजाल बेग, नदीम खां, रईस रजा, नासिर कुरैशी, हाजी जावेद, आभा सिंह, डा. नीतू मेहरोत्रा, युग मेहरोत्रा, फरहा नरगिस आदि ने भी हेलीकाप्टर से फूल बरसाए।
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आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी के कुल के लिए इस्लामिया इंटर कालेज के मैदान में दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मौलाना अहसन रजा खां कादरी की सदारत में जलसा आयोजित किया गया। राज्यसभा सदस्य मौलाना गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि आतंकवाद के नाम मुसलमानों को बदनाम किया जा रहा है। यह सब अमेरिका और इजराइल का खेल है। उन्होंने सवाल उठाया कि आतंकवादी बार-बार बार्डर पार करके कैसे आ जाते हैं, केंद्र सरकार सुन्नियों को इजाजत दे दे तो वह पाकिस्तान के पार्लियामेंट तक घुस कर झंडाफहरा देंगे। उन्होंने कहा कि जिसके दिल में खुदा का खौफ और नबी की मोहब्बत होगी, उसका दहशतगर्दी से नाता हो ही नहीं सकता। आईएस प्रमुख बगदादी यहूदी है, जो अमेरिका के लिए काम करता है।
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इसी कड़ी मेें लंदन से आए मौलाना फरोग उल कादरी ने कहा कि आईएस जैसे खूंखार यहूदी आतंकवादी संगठन इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। इसके साथ ही आला हजरत के मिशन और उनके काम की चर्चा करते हुए नोबेल पुरस्कार दिए जाने की मांग उठाई। आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां ने कहा कि आज मुल्क में हमारी नई युवा पीढ़ी को दहशतगर्दी के लिए गुमराह करने की साजिश रची जा रही है, इससे होशियार रहने की जरूरत है। खासतौर से उलमा की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस बात पर नजर रखें कि नौजवान लड़के भटकने न पाएं। हुकूमत भड़काऊ भाषण करने वालों पर रोक लगाए।
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इस मौके पर अमेरिका के सय्यद गुलाम यजदानी, मौलाना मुख्तार बहेड़वी, मौलाना सगीर अहमद जोखनपुरी, मौलाना अर्सलान रजा खां, कारी इकबाल, कारी इरफानुल हक आदि ने आला हजरत की खूबियों और उनके किरदार पर विस्तार से रोशनी डाली। कुल शरीफ की रस्म के बाद मौलाना अहसन रजा खां कादरी और मौलाना तौसीफ रजा खां ने दुआ की। कारी अमानत रसूल ने कुल पढ़ा। इससे पहले नातो मनकबद से जलसे की शुरुआत हुई। टीटीएस के राष्ट्रीय महासचिव मुफ्ती सलीम नूरी ने विषय की जानकारी दी। संचालन यूसुफ रजा संभली ने किया। कुल में लाखों अकीदतमंद जुटे थे, उन पर हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश भी की गई।
हेलीकाप्टर से बरसे फूल जमीन पर गिरे तो उठा कर भर लिए दामन
बरेली। उर्स-ए-रजवी के मौके पर हेलीकाप्टर से दरगाह और जायरीन पर बरसते फूल आंखों में कैद कर देने वाला नजारा था। जो इश्क मोहब्बत-इश्क मोहब्बत की सदाओं के बीच जायरीन में अकीदत और जोश भर रहा था। आला हजरत के आशिकों की भीड़ के लिए हेलीकाप्टर से बरसने वाले फूल अकीदत का तोहफा बन गए। दरगाह की गलियों में बरसते यह फूल जमीन पर गिरे तो भीड़ में खड़ी कुछ महिलाएं भावुक अंदाज में दौड़ कर आगे बढ़ीं और फूल उठा कर चूमते हुए अपने दामन में भर लिए। वहीं इस मंजर को देखने के लिए आस पास के घरों की हर छत भरी नजर आ रही थी।
हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां की ओर से कराई गई थी। इसकी शुरुआत सबसे पहले दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) के साथ आसिफ मियां और नूरी मियां ने हेलीकाप्टर से फूल बरसाए। इसके बाद खुद मौलाना तौकीर रजा खां और उनके बेटे फरमान रजा खां ने फूल बरसाए। इसके बाद हेलीकाप्टर के दस राउंड आकाश में लगे। इसमें बारी बारी से डा. हफीज उर्रहमान, डा. नफीस खां, अफजाल बेग, नदीम खां, रईस रजा, नासिर कुरैशी, हाजी जावेद, आभा सिंह, डा. नीतू मेहरोत्रा, युग मेहरोत्रा, फरहा नरगिस आदि ने भी हेलीकाप्टर से फूल बरसाए।