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बरेली कॉलेज में फिर हंगामा, प्राचार्य से नोकझोंक
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प्राचार्य से नोकझोंक करते सपाछात्र सभा के कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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प्राचार्य कक्ष में सछास और बाहर अभाविप कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
सछास ने की कर्मचारियों से मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
अभाविप ने कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग उठाई
बरेली। बरेली कॉलेज में कर्मचारियों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं के बीच चल रही रार थमने का नाम नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार को स्थगित परास्नातक प्रवेश प्रक्रिया के लिए बरेली कॉलेज खुला तो छात्रनेताओं ने एक बार फिर हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि, पुलिस फोर्स मौजूद होने से विरोध का दायरा सीमित रहा। सछास कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों से मारपीट के आरोपी विद्यार्थियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर प्राचार्य कक्ष में हंगामा किया। उनकी प्राचार्य से तीखी नोकझोंक भी हुई।
उधर, प्राचार्य कक्ष के बाहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। उनकी मांग थी कि विद्यार्थियों से अभद्रता करने और जानबूझकर प्रवेश प्रक्रिया में व्यवधान पैदा करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। हंगामे के दौरान काफी देर तक कॉलेज में अफरातफरी की स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से कोई विरोध प्रदर्शन का रुख आक्रामक नहीं हो सका।
बृहस्पतिवार पूर्वाह्न 11 बजे तक कॉलेज में स्थिति सामान्य थी। दूरदराज से बड़ी तादाद में कॉलेज पहुंचे विद्यार्थी प्रवेश के लिए अपने फार्म भरने और जमा करने के लिए दौड़भाग कर रहे थे। इसी बीच सछास के पूर्व जिलाध्यक्ष हृदयेश यादव के नेतृत्व में 50 से ज्यादा कार्यकर्ता कॉलेज पहुंच गए और प्राचार्य कक्ष में घुसकर नारेबाजी करने लगे। सछास कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों से मारपीट करने वाले छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न कराए जाने पर नाराजगी जताते हुए प्राचार्य से पुलिस को नामजद तहरीर देने की मांग की।
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प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने बगैर पहचान किए जल्दबाजी में मुकदमा दर्ज कराने से निर्दोष छात्रों का भविष्य दांव पर लगने की बात कही तो सछास कार्यकर्ता कार्यालय में ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान उनकी करीब आधे घंटे तक प्राचार्य से तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद प्राचार्य को तीन दिन का समय देकर सभी वहां से चले गए। उधर, 11:30 बजे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी प्राचार्य कक्ष के बाहर इकट्ठे हो गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। कुछ देर बाद कार्यकर्ता कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को भ्रष्ट बताते हुए कहा कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ जानबूझकर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पुलिस फोर्स पहुंचने से नहीं हो सका बवाल
कर्मचारियों के मुताबिक 21 अक्तूबर को कॉलेज खुलने पर छात्र संगठनों की ओर से हंगामा किए जाने की आशंका थी। लिहाजा, प्राचार्य और चीफ प्रॉक्टर ने सुबह ही पुलिस बुला ली थी। उनके मुताबिक, अगर पुलिस मौजूद न होती तो स्थिति पहले से भी ज्यादा खराब हो सकती थी। छात्र संगठनों के भी आपस में भिड़ने की आशंका थी। प्राचार्य ने आगे भी पुलिस फोर्स के मौजूद रहने के लिए अफसरों से अनुरोध किया है।
शिक्षक और कर्मचारियों की बैठक आज
छात्रों के बवाल पर कार्रवाई और कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए शुक्रवार को बरेली कॉलेज में कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक संघ और स्थायी, अस्थायी कर्मचारी संगठन की बैठक होगी। प्राचार्य के मुताबिक, बैठक के दौरान जो भी फैसला छात्र और कॉलेज हित में लिया जाएगा, उसी के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत शुरू
कॉलेज के खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों की वजह से हंगामा, मारपीट और प्राचार्य कार्यालय में उपद्रव करने वाले छात्रों की पहचान में अड़चन बताई जा रही है। लिहाजा, चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा के लिखे पत्र का संज्ञान लेकर कॉलेज प्रशासन ने बृहस्पतिवार को खराब पड़े कैमरों की मरम्मत और नए कैमरों से कॉलेज का हर कोना लैस करने की कवायद शुरू कर दी है। प्राचार्य कक्ष में मॉनीटर लगाकर निगरानी की व्यवस्था भी कर दी गई है।
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सछास ने की कर्मचारियों से मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
अभाविप ने कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग उठाई
बरेली। बरेली कॉलेज में कर्मचारियों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं के बीच चल रही रार थमने का नाम नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार को स्थगित परास्नातक प्रवेश प्रक्रिया के लिए बरेली कॉलेज खुला तो छात्रनेताओं ने एक बार फिर हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि, पुलिस फोर्स मौजूद होने से विरोध का दायरा सीमित रहा। सछास कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों से मारपीट के आरोपी विद्यार्थियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर प्राचार्य कक्ष में हंगामा किया। उनकी प्राचार्य से तीखी नोकझोंक भी हुई।
उधर, प्राचार्य कक्ष के बाहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। उनकी मांग थी कि विद्यार्थियों से अभद्रता करने और जानबूझकर प्रवेश प्रक्रिया में व्यवधान पैदा करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। हंगामे के दौरान काफी देर तक कॉलेज में अफरातफरी की स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से कोई विरोध प्रदर्शन का रुख आक्रामक नहीं हो सका।
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बृहस्पतिवार पूर्वाह्न 11 बजे तक कॉलेज में स्थिति सामान्य थी। दूरदराज से बड़ी तादाद में कॉलेज पहुंचे विद्यार्थी प्रवेश के लिए अपने फार्म भरने और जमा करने के लिए दौड़भाग कर रहे थे। इसी बीच सछास के पूर्व जिलाध्यक्ष हृदयेश यादव के नेतृत्व में 50 से ज्यादा कार्यकर्ता कॉलेज पहुंच गए और प्राचार्य कक्ष में घुसकर नारेबाजी करने लगे। सछास कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों से मारपीट करने वाले छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न कराए जाने पर नाराजगी जताते हुए प्राचार्य से पुलिस को नामजद तहरीर देने की मांग की।
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प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने बगैर पहचान किए जल्दबाजी में मुकदमा दर्ज कराने से निर्दोष छात्रों का भविष्य दांव पर लगने की बात कही तो सछास कार्यकर्ता कार्यालय में ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान उनकी करीब आधे घंटे तक प्राचार्य से तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद प्राचार्य को तीन दिन का समय देकर सभी वहां से चले गए। उधर, 11:30 बजे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी प्राचार्य कक्ष के बाहर इकट्ठे हो गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। कुछ देर बाद कार्यकर्ता कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को भ्रष्ट बताते हुए कहा कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ जानबूझकर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पुलिस फोर्स पहुंचने से नहीं हो सका बवाल
कर्मचारियों के मुताबिक 21 अक्तूबर को कॉलेज खुलने पर छात्र संगठनों की ओर से हंगामा किए जाने की आशंका थी। लिहाजा, प्राचार्य और चीफ प्रॉक्टर ने सुबह ही पुलिस बुला ली थी। उनके मुताबिक, अगर पुलिस मौजूद न होती तो स्थिति पहले से भी ज्यादा खराब हो सकती थी। छात्र संगठनों के भी आपस में भिड़ने की आशंका थी। प्राचार्य ने आगे भी पुलिस फोर्स के मौजूद रहने के लिए अफसरों से अनुरोध किया है।
शिक्षक और कर्मचारियों की बैठक आज
छात्रों के बवाल पर कार्रवाई और कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए शुक्रवार को बरेली कॉलेज में कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक संघ और स्थायी, अस्थायी कर्मचारी संगठन की बैठक होगी। प्राचार्य के मुताबिक, बैठक के दौरान जो भी फैसला छात्र और कॉलेज हित में लिया जाएगा, उसी के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत शुरू
कॉलेज के खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों की वजह से हंगामा, मारपीट और प्राचार्य कार्यालय में उपद्रव करने वाले छात्रों की पहचान में अड़चन बताई जा रही है। लिहाजा, चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा के लिखे पत्र का संज्ञान लेकर कॉलेज प्रशासन ने बृहस्पतिवार को खराब पड़े कैमरों की मरम्मत और नए कैमरों से कॉलेज का हर कोना लैस करने की कवायद शुरू कर दी है। प्राचार्य कक्ष में मॉनीटर लगाकर निगरानी की व्यवस्था भी कर दी गई है।