UP Nikay Chunav 2023: बरेली नगर निगम का चुनावी इतिहास, जानिए कौन सी पार्टी, कितनी बार जीती
बरेली की राजनीति में चिकित्सक अच्छा प्रभाव रखते हैं। मौजूदा समय में जिले के नौ में से चार विधायक पेशे से चिकित्सक हैं। वहीं बरेली नगर निगम का चुनावी इतिहास भी दिलचस्प है।
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बरेली नगर निगम सीट सामान्य रहने से शहर में राजनीतिक दलों में कोई खास हलचल नहीं दिख रही है, मगर दावेदार सक्रिय हो गए हैं। शहर में सभी राजनीतिक दलों से कई डॉक्टर दावेदार हैं। कुछ आवेदन कर चुके हैं तो कुछ अपने समीकरण बैठाने में जुटे हैं। बरेली की राजनीति में चिकित्सक अच्छा प्रभाव रखते हैं। मौजूदा समय में जिले के नौ में से चार विधायक पेशे से चिकित्सक हैं।
नगर निगम के 32 साल के इतिहास में भाजपा को तीन, सपा को दो और कांग्रेस को एक बार जीत मिली है। बसपा के हिस्से यह सीट कभी नहीं आई। 1989 में मेयर की जगह नगर प्रमुख का पद था और भाजपा के राजकुमार अग्रवाल ने जीत हासिल की थी। 1995 में यह सीट अन्य पिछड़ा वर्ग के खाते में गई तो भाजपा के सुभाष पटेल नगर प्रमुख बने।
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वर्ष 2000 में नगर प्रमुख की जगह इसका नाम मेयर हो गया। उसी दौरान ओबीसी सीट से डॉ. आईएस तोमर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़े और जीते। बाद में वह सपा में शामिल हो गए। 2005-06 में सामान्य वर्ग की महिला सीट हुई तो कांग्रेस की सुप्रिया ऐरन ने जीत हासिल की। 2012 में सीट सामान्य हुई और सपा से डॉ. आईएस तोमर चुनाव जीते। 2017 में भाजपा ने उमेश गौतम को चुनाव लड़ाया और उन्होंने जीत हासिल की।
वोटों का गणित
नगर निगम क्षेत्र में 8.32 लाख मतदाता हैं। इसमें करीब एक लाख मतदाता नए हैं। युवाओं की संख्या करीब दो लाख है और सामान्य वर्ग के मतदाता लगभग तीन लाख के आसपास हैं। ओबीसी और एससी वर्ग के मतदाता भी करीब तीन लाख हैं। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी दो लाख के आसपास है।
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भाजपा जिलाध्यक्ष पवन शर्मा ने कहा कि चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हैं। प्रत्येक बूथ और पन्ना प्रमुख तक संगठन मजबूत है। इस बार भाजपा नगर निगम, सभी पालिका और नगर पंचायत की सीटों पर परचम लहराएगी। हम इतिहास रचने का काम करेंगे।
'मुकाबला दिलचस्प होगा'
सपा के निवर्तमान महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि मुकाबला दिलचस्प होगा, हमारी पार्टी चौंकाने वाला जिताऊ और टिकाऊ प्रत्याशी लाएगी। हमारा नारा है, अबकी बार 60 के पार और कार्यकर्ता इसमें पूरी तरह लगे हैं। जनता के मुद्दों को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे।
बसपा जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह ने कहा कि बसपा सभी सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी। प्रत्येक वार्ड और सेक्टर कमेटियां सर्व समाज को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। अब तक 113 आवेदन मिल चुके हैं। इस चुनाव में बसपा सबसे अच्छा प्रदर्शन करेगी।
'आशाओं के अनुरूप आरक्षण'
कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अजय शुक्ला ने कहा कि हमारी आशाओं के अनुरूप आरक्षण जारी हुआ है। जनता जान चुकी है कि भाजपा को सिर्फ कांग्रेस ही टक्कर दे सकती है। संगठन स्तर पर हमारे सभी कार्यकर्ता, पदाधिकारी मजबूती से काम कर रहे हैं।
सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने कहा कि आंकड़ों के अनुसार आरक्षण सही नहीं होगा तो आपत्ति करेंगे। सपा चुनाव के लिए तैयार है। इस बार मेयर भी हमारा होगा। शहर में बैकवर्ड की संख्या ज्यादा है। नगर पालिकाओं और पंचायतों में भी हमारी जीत होगी।