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बरेली: फर्जी आईएएस विप्रा और परिवार पर ठगी की दो और रिपोर्ट, गैंगस्टर की हो सकती है कार्रवाई
Sat, 22 Aug 2026 08:30 PM IST
Mukesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Sat, 22 Aug 2026 08:30 PM IST
सार
बरेली में खुद को फर्जी आईएएस बताकर ठगी करने वाली विप्रा शर्मा और उसके परिवार पर कानूनी शिकंसा कसता जा रहा है। विप्रा और उसके परिवार पर दो और रिपोर्ट दर्ज की गई है। दोनों मामलों में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने का आरोप है।
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आरोपी विप्रा शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली के बारादरी इलाके के गोल्डन ग्रीन पार्क में रहने वाली फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा और उसके परिवार के खिलाफ बारादरी थाने में ठगी की दो और रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। विप्रा और उसके गिरोह पर दर्ज रिपोर्ट की संख्या 40 के पार हो गई है। इन पर गैंगस्टर कार्रवाई हो सकती है।
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सुभाषनगर इलाके में ग्रेटर कैलाश निवासी माधव ने दर्ज कराई रिपोर्ट में जिक्र किया कि 2024 में शिखा पाठक से उसकी मुलाकात हुई थी। शिखा ने बताया कि उसकी बहन विप्रा आईएएस है। वह रुपये लेकर सरकारी नौकरी लगवा देती है। लोअर पीसीएस में नायब तहसीलदार की नौकरी भी लगवा सकती है।
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शिखा ने गोल्डन ग्रीन पार्क में विप्रा के घर मुलाकात कराई। वहां विप्रा और उसके पिता वीरेंद्र ने बातों में लेकर 19,50,200 रुपये झटक लिए। इसमें से चार लाख रुपये नकद और बाकी ऑनलाइन लिए। इसके बाद नायब तहसीलदार के पद पर तैनाती का फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया। बाद में धोखाधड़ी का पता चला।
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दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज
वहीं, ग्रेटर कैलाश कॉलोनी निवासी कौशल्या ने बताया कि शिखा भाई के मेडिकल पर दवाई लेने आती थी। शिखा ने कहा कि उसकी बहन आईएएस है। उसने वीडीओ के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। शिखा ने ग्रीन पार्क स्थित घर पर विप्रा और उसके पिता वीरेंद्र से मिलवाया। इन लोगों ने नौकरी लगवाने के बदले 12,50,000 रुपये ले लिए। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिए। दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
वहीं, ग्रेटर कैलाश कॉलोनी निवासी कौशल्या ने बताया कि शिखा भाई के मेडिकल पर दवाई लेने आती थी। शिखा ने कहा कि उसकी बहन आईएएस है। उसने वीडीओ के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। शिखा ने ग्रीन पार्क स्थित घर पर विप्रा और उसके पिता वीरेंद्र से मिलवाया। इन लोगों ने नौकरी लगवाने के बदले 12,50,000 रुपये ले लिए। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिए। दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
रिश्वत देने के जुर्म में जेल कराने की धमकी दी
नौकरी नहीं लगने पर जब कौशल्या ने रुपये लौटाने को कहा तो विप्रा ने धमकी दी। कहा कि सरकारी अधिकारी को रिश्वत देने के जुर्म में जेल भिजवा दूंगी। समाचारपत्रों में प्रकाशित खबरों से पता चला कि विप्रा और उसके गैंग के लोग ऐसे ही लोगों से ठगी करते हैं।
नौकरी नहीं लगने पर जब कौशल्या ने रुपये लौटाने को कहा तो विप्रा ने धमकी दी। कहा कि सरकारी अधिकारी को रिश्वत देने के जुर्म में जेल भिजवा दूंगी। समाचारपत्रों में प्रकाशित खबरों से पता चला कि विप्रा और उसके गैंग के लोग ऐसे ही लोगों से ठगी करते हैं।
एएसपी शिवम आशुतोष सिंह ने बताया कि विप्रा शर्मा और उसके साथियों के खिलाफ कई मामले दर्ज हो चुके हैं। सभी मामलों में तत्परता से विवेचना करने, नए आरोपियों के चिह्नीकरण और पहले से नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी का निर्देश दिया है। बेरोजगारों से ठगी का कोई आरोपी नहीं बचेगा।