बरेली: झमाझम बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, पॉश कॉलोनियों की सड़कों पर भरा पानी
बरेली में शनिवार को बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। पानी घरों में घुस गया और सड़कों पर बहने लगा। जलभराव से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हुई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली में शनिवार सुबह हुई झमाझम बरसात के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। तेज बारिश से मोहल्लों की सड़कें और नालियां एक जैसी हो गईं, जिससे पानी सड़कों के ऊपर बहने लगा और कई जगहों पर तो लोगों के घरों में भी पानी घुस गया। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, जिले भर में शाम तक 14 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद स्थानीय निवासियों दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इन मोहल्लों में हुआ जलभराव
शहर के मलूकपुर बझरिया, दरगाह आला हजरत मोड़, सौदागरान, बमनपुरी, मलूकपुर जैसे घनी आबादी वाले मोहल्लों में कुछ ही देर की बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सभी मोहल्लों के पानी की निकासी का जरिया टक्कर की पुलिया है, जो कि बेहद संकरी है। पुलिया संकरी होने के कारण पानी का बहाव रुक जाता है, जिसके परिणामस्वरूप सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो जाता है। वहीं, शहर के सीबीगंज, सुभाषनगर और हजियापुर इलाकों में भी जलभराव हो गया। यहां पर भी जलभराव की समस्या से लोगों को सामना करना पड़ा।
वीआईपी इलाके सिविल लाइंस में जर्जर सड़क पर भरा पानी
बारिश ने केवल निचले इलाके ही नहीं, बल्कि शहर के पॉश और वीआईपी इलाकों की बदहाल व्यवस्था को भी दिखा दिया। शहर के वीआईपी इलाके शुमार सिविल लाइंस में सड़कों की हालत बेहद खराब नजर आई। यहां जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण बारिश का पानी भर गया, जिससे आवागमन करने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी।
सिविल लाइंस में हनुमान मंदिर के सामने सड़क की स्थिति सबसे ज्यादा दयनीय है, जहां जर्जर सड़क और गड्ढों में पानी भर जाने से हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि पॉश इलाके में सड़क की यह बदहाली संबंधित विभागों पर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत कराने और जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। वहीं, निगम और पीडब्लूडी की ओर से सावन माह में कराए गए पैच वर्क को भी उखाड़ गए है और बजरी सड़कों पर फैली हुई है।