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Bareilly News: यूपी बोर्ड का डिजिटल प्रहार, अब एप तय करेगा प्रैक्टिकल के नंबर
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परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में ही परीक्षक दर्ज कर पाएंगे अंक
बरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। सभी केंद्रों पर अब प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों की फीडिंग यूपीएमएसपी के विशेष मोबाइल एप से की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य मूल्यांकन प्रणाली में होने वाली किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है।
बोर्ड की ओर से विकसित यह एप अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इसे लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। इसके चलते परीक्षक केवल तभी अंक दर्ज कर पाएंगे, जब तक वह परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में मौजूद होंगे। ड्यूटी पर तैनात परीक्षकों को परीक्षा से पहले एक सुरक्षित लिंक और पासवर्ड प्रदान किया जाएगा। इसकी सहायता से वह एप पर लॉगिन कर विद्यार्थियों के अंक सीधे बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर सकेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अजीत कुमार के अनुसार, बरेली में प्रयोगात्मक परीक्षाओं का पहला चरण 24 जनवरी से एक फरवरी 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस एप में फीडबैक और शिकायत दर्ज करने का विकल्प भी दिया गया है, ताकि किसी भी विसंगति पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। इस डिजिटल पहल से न केवल अंकों की हेराफेरी पर लगाम लगेगी, बल्कि परीक्षा परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। संवाद
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बरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। सभी केंद्रों पर अब प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों की फीडिंग यूपीएमएसपी के विशेष मोबाइल एप से की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य मूल्यांकन प्रणाली में होने वाली किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है।
बोर्ड की ओर से विकसित यह एप अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इसे लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। इसके चलते परीक्षक केवल तभी अंक दर्ज कर पाएंगे, जब तक वह परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में मौजूद होंगे। ड्यूटी पर तैनात परीक्षकों को परीक्षा से पहले एक सुरक्षित लिंक और पासवर्ड प्रदान किया जाएगा। इसकी सहायता से वह एप पर लॉगिन कर विद्यार्थियों के अंक सीधे बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर सकेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अजीत कुमार के अनुसार, बरेली में प्रयोगात्मक परीक्षाओं का पहला चरण 24 जनवरी से एक फरवरी 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा।
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बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस एप में फीडबैक और शिकायत दर्ज करने का विकल्प भी दिया गया है, ताकि किसी भी विसंगति पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। इस डिजिटल पहल से न केवल अंकों की हेराफेरी पर लगाम लगेगी, बल्कि परीक्षा परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। संवाद
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