फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   UP Board was expensive studies

यूपी बोर्ड ने महंगी कर दी पढ़ाई

Sat, 07 May 2016 01:33 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Sat, 07 May 2016 01:33 AM IST
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ाते हुए सभी तरह की परीक्षा फीस ढाई से तीन गुना तक बढ़ा दी है। सरकार ने यह फैसला यूपी बोर्ड को आर्थिक संकट से उबारने की दृष्टि से लिया है । जिसको लेकर छात्र और अभिभावकों तथा शिक्षक संघों में नाराजगी है। इनका तर्क है कि एक तरफ प्रदेश सरकार यूपी बोर्ड के स्कूलों में छात्राओं के लिए इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई मुफ्त कर रही है। दूसरी ओर बोर्ड परीक्षा फीस बढ़ाकर सरकारी शिक्षा के व्यवसायीकरण का संकेत दिया है। 
विज्ञापन

पिछले सात साल से यूपी बोर्ड ने परीक्षा शुल्क में किसी भी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं की थी लेकिन इस बार ढाई गुना से लेकर पांच गुना तक बढ़ोत्तरी की गई है। बोर्ड के स्तर से की गई यह बढ़ोत्तरी छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को रास नहीं आ रही है। शिक्षक संघ शर्मा (गुट) ने इस बढ़ोत्तरी के खिलाफ विधान परिषद और उसके बाहर आंदोलन करने की घोषणा की है। संघ की ओर से इस बारे में आंदोलन की रणनीति अगले सप्ताह तक जारी हो जाएगी।
विज्ञापन

ये है बढ़ोत्तरी
-कक्षा नौ और ग्यारह में पंजीकरण राशि 20 के स्थान पर 50 रुपये। इसमें से 10 रुपये कालेज के लिए। 20-20 रुपये राजकीय कोष और बोर्ड को मिलेंगे । पहले 20 रुपये सिर्फ बोर्ड को ही मिला करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

-हाईस्कूल बोर्ड की संस्थागत परीक्षा शुल्क 80 के स्थान पर 200 रुपये। प्राइवेट के लिए 100 के स्थान पर 300 रूपये।
 -इंटरमीडिएट में संस्थागत के  लिए शुल्क 90 के स्थान पर 220 और प्राइवेट के लिए 150 के स्थान पर 400 रुपये। इंटरमीडिएट कृषि भाग एक और दो दोनों में 80 के स्थान पर 220 रुपये। इसी में प्राइवेट के लिए 150 के स्थान पर 400 रुपये। डिप्लीकेट मार्कशीट के लिए 20 के स्थान पर 100 रुपये। परीक्षा पास होने के पांच साल के दौरान प्रमाणपत्र के 20 के स्थान पर 200 रुपये। 

‘बोर्ड परीक्षा शुल्क में बढ़ोत्तरी जरूरी हो गई थी, क्योंकि खर्चे नहीं निकल पा रहे थे। 80 या 90 रुपये तो मूल्यांकन की राशि से काफी कम है। क्योंकि 10 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर 120 रुपये खर्च होते हैं। अन्य खर्चे अलग रहे।’ संजय मिश्रा शिक्षक विधायक बरेली


‘यह बढ़ोत्तरी छात्र और अभिभावक दोनों के लिए कष्टकारी है। इससे सरकार की कथनी और करनी में अंतर दिखा है। क्योंकि एक तरफ इंटर तक निशुल्क शिक्षा की बात कही जा रही है, दूसरी ओर कई गुना शुल्क बढ़ोत्तरी। इसके खिलाफ शिक्षक संघ सदन के अंदर और बाहर आंदोलन करेगा।’ जगवीर किशोर जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष, एवं विधायक शिक्षक संघ, शर्मा गुट)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed