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उपस्थिति पत्रक पर कॉपी का कोड नंबर दर्ज करना होगा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 26 Jan 2018 01:02 AM IST
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यूपी बोर्ड
- फोटो : SOCIAL MEDIA
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा इस बार नकलविहीन कराने के लिए शासन से लेकर बोर्ड मुख्यालय तक हर संभव कदम उठा रहा है। इस बीच बोर्ड ने 50 जिलों के लिए खास कोडिंग वाली कॉपियां तैयार कराई हैं। एक कदम और बढ़ाते हुए बोर्ड ने परीक्षा कक्ष में उपस्थिति पत्र पर परीक्षार्थियों के हस्ताक्षर के साथ कॉपी का कोड नंबर भी दर्ज करने का फरमान जारी कर दिया है, ताकि कॉपियां बदली न जा सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 30 जनवरी को यूपी बोर्ड की परीक्षा की तैयारी की समीक्षा करेंगे, सो इसके पहले अफसर तैयारी को अंतिम रूप देेने में जुटे हैं। सभी जिलों में कॉपियां और प्रश्नपत्र पहुंच चुके हैं। कॅापियां हर जिले में राजकीय इंटर कॉलेज को बनाए गए संग्रहण केंद्र में सुरक्षित रखी गई हैं, जबकि प्रश्न पत्र चौक चौबंद सुरक्षा के बीच जिलों के कोषागार में डबल लॉक में रखवाए गए हैं। इलाहाबाद समेत बरेली, मेरठ, वाराणसी और गोरखपुर कार्यालयों से जिलों में प्रवेश पत्र भी भेजे जा रहे हैं। परीक्षा नकल विहीन कराने के लिए इस बार 50 केंद्रों पर कोडिंग वाली कॉपियां भेजी गई है, जबकि पिछली बार 31 जिलों में इस तरह की कॉपियां भेजी गईं थी। बावजूद इसके नकल की काफी शिकायतें सामने आई थीं।
इस बार कोडिंग कॉपी भेजने वाले जिलों की संख्या बढ़ाने के साथ बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि परीक्षा कक्ष के अंदर परीक्षार्थी उपस्थिति पत्र पर हस्ताक्षर करने के साथ कॉपी का कोड नंबर भी दर्ज करेंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया है, ताकि नकल करने के लिए कॉपियां बदली न जा सकें और यह पता चल सके कि परीक्षार्थी ने कौन सी कॉपी का इस्तेमाल किया। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि नकल विहीन परीक्षा के लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। जिलों से लेकर मंडल स्तर तक सचल दस्तों का गठन करने के साथ सेक्टर प्रभारी तैनात कर दिए गए हैं।
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नकल माफिया पर नजर रखेगी एलआईयू
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान नकल माफियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी एलआईयू को देने की तैयारी है। पूर्वोत्तर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिले नकल के लिए बदनाम हैं, जहां नकल माफिया बकायदा ठेका लेकर परीक्षा केंद्रों पर नकल कराते हैं। इस बार ऐसा न होने पाए इससिए नकल माफियाओं पर पहले से नजर रखने की योजना बनाई जा रही है। ज्यादातर जिलों में एलआईयू से नकल वाले परीक्षा केंद्रों की जांच भी कराई जा चुकी है। अब छह फरवरी से शुरू हो रही परीक्षा के दौरान एलआईयू की टीम नकल माफियाओं पर नजर रखेगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 30 जनवरी को यूपी बोर्ड की परीक्षा की तैयारी की समीक्षा करेंगे, सो इसके पहले अफसर तैयारी को अंतिम रूप देेने में जुटे हैं। सभी जिलों में कॉपियां और प्रश्नपत्र पहुंच चुके हैं। कॅापियां हर जिले में राजकीय इंटर कॉलेज को बनाए गए संग्रहण केंद्र में सुरक्षित रखी गई हैं, जबकि प्रश्न पत्र चौक चौबंद सुरक्षा के बीच जिलों के कोषागार में डबल लॉक में रखवाए गए हैं। इलाहाबाद समेत बरेली, मेरठ, वाराणसी और गोरखपुर कार्यालयों से जिलों में प्रवेश पत्र भी भेजे जा रहे हैं। परीक्षा नकल विहीन कराने के लिए इस बार 50 केंद्रों पर कोडिंग वाली कॉपियां भेजी गई है, जबकि पिछली बार 31 जिलों में इस तरह की कॉपियां भेजी गईं थी। बावजूद इसके नकल की काफी शिकायतें सामने आई थीं।
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इस बार कोडिंग कॉपी भेजने वाले जिलों की संख्या बढ़ाने के साथ बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि परीक्षा कक्ष के अंदर परीक्षार्थी उपस्थिति पत्र पर हस्ताक्षर करने के साथ कॉपी का कोड नंबर भी दर्ज करेंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया है, ताकि नकल करने के लिए कॉपियां बदली न जा सकें और यह पता चल सके कि परीक्षार्थी ने कौन सी कॉपी का इस्तेमाल किया। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि नकल विहीन परीक्षा के लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। जिलों से लेकर मंडल स्तर तक सचल दस्तों का गठन करने के साथ सेक्टर प्रभारी तैनात कर दिए गए हैं।
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नकल माफिया पर नजर रखेगी एलआईयू
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान नकल माफियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी एलआईयू को देने की तैयारी है। पूर्वोत्तर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिले नकल के लिए बदनाम हैं, जहां नकल माफिया बकायदा ठेका लेकर परीक्षा केंद्रों पर नकल कराते हैं। इस बार ऐसा न होने पाए इससिए नकल माफियाओं पर पहले से नजर रखने की योजना बनाई जा रही है। ज्यादातर जिलों में एलआईयू से नकल वाले परीक्षा केंद्रों की जांच भी कराई जा चुकी है। अब छह फरवरी से शुरू हो रही परीक्षा के दौरान एलआईयू की टीम नकल माफियाओं पर नजर रखेगी।