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विश्वविद्यालय की शिक्षण व्यवस्था में होगा सुधार, तय हुईं जिम्मेदारियां
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MJP Rohilkhand university
कार्य परिषद की मंजूरी के बाद कुलपति ने बनाए कई निदेशक और समन्वयक
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय में शिक्षण व्यवस्था में सुधार, शोध को बढ़ावा देने, आय में बढ़ोत्तरी आदि के लिए कई नए निदेशालय और विभाग शुरू करने की अनुमति दी थी। अगले शैक्षिक सत्र में इन्हें शुरू करने के लिए कुलपति ने जिम्मेदारियां तय कर दी हैं।
इसके तहत परामर्श प्रकोष्ठ का समन्वयक प्रबंधन विभाग की प्रो. तूलिका सक्सेना को बनाया गया है। अंतरराष्ट्रीय संबंध निदेशालय के लिए सीएसआईटी विभाग के प्रो. एसएस बेदी को निदेशक, स्टूडेंट्स एक्सपेरीमेंटल लर्निंग प्रोग्राम के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग के डॉ. ओपी उपाध्याय को समन्वयक नामित किया है। महिला अध्ययन में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए अंग्रेजी विभाग की प्रो. सुमित्रा कुकरेती को समन्वयक बनाया गया है। कृत्रिम बुद्घिमत्ता केंद्र के समन्वयक सीएसआईटी विभाग के डॉ. ब्रजेश कुमार बने हैं। पूर्व छात्र परिषद की स्थापना के लिए पादप विज्ञान विभाग के डॉ. आलोक श्रीवास्तव को सचिव नामित किया है। बौद्घिक संपदा अधिकार प्रकोष्ठ को स्थापित करने के लिए सीएसआईटी विभाग के प्रो. एसएस बेदी को प्रभारी बनाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग विभाग के सह आचार्य डॉ. देश दीपक को ग्रास रूट इनोवेशन सेंटर शुरू करने के लिए प्रभारी नामित किया है। सामाजिक और कॉरपोरेट संबंध सेल की स्थापना के लिए पादप विज्ञान के प्रो. संजय गर्ग को निदेशक बनाया गया है। बहुभाषी उत्कृष्टता केंद्र शुरू करने के लिए मानविकी विभाग की प्रो. आशा चौबे को समन्वयक नामित किया है। इसी तरह शोध निदेशालय के भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. सुधीर कुमार को निदेशक और भौतिक विज्ञान बरेली कॉलेज के एसोसिएट प्रोफसर डॉ. अनवीश अग्रवाल व विश्वविद्यालय के ईआई विभाग के डॉ. संजीव त्यागी को सह निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके तहत परामर्श प्रकोष्ठ का समन्वयक प्रबंधन विभाग की प्रो. तूलिका सक्सेना को बनाया गया है। अंतरराष्ट्रीय संबंध निदेशालय के लिए सीएसआईटी विभाग के प्रो. एसएस बेदी को निदेशक, स्टूडेंट्स एक्सपेरीमेंटल लर्निंग प्रोग्राम के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग के डॉ. ओपी उपाध्याय को समन्वयक नामित किया है। महिला अध्ययन में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए अंग्रेजी विभाग की प्रो. सुमित्रा कुकरेती को समन्वयक बनाया गया है। कृत्रिम बुद्घिमत्ता केंद्र के समन्वयक सीएसआईटी विभाग के डॉ. ब्रजेश कुमार बने हैं। पूर्व छात्र परिषद की स्थापना के लिए पादप विज्ञान विभाग के डॉ. आलोक श्रीवास्तव को सचिव नामित किया है। बौद्घिक संपदा अधिकार प्रकोष्ठ को स्थापित करने के लिए सीएसआईटी विभाग के प्रो. एसएस बेदी को प्रभारी बनाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग विभाग के सह आचार्य डॉ. देश दीपक को ग्रास रूट इनोवेशन सेंटर शुरू करने के लिए प्रभारी नामित किया है। सामाजिक और कॉरपोरेट संबंध सेल की स्थापना के लिए पादप विज्ञान के प्रो. संजय गर्ग को निदेशक बनाया गया है। बहुभाषी उत्कृष्टता केंद्र शुरू करने के लिए मानविकी विभाग की प्रो. आशा चौबे को समन्वयक नामित किया है। इसी तरह शोध निदेशालय के भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. सुधीर कुमार को निदेशक और भौतिक विज्ञान बरेली कॉलेज के एसोसिएट प्रोफसर डॉ. अनवीश अग्रवाल व विश्वविद्यालय के ईआई विभाग के डॉ. संजीव त्यागी को सह निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।
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