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विवि ने दस गुना कम भरी फीस, अधर में फंसी छात्रवृत्ति
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 29 Mar 2018 06:48 PM IST
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MJP Rohilkhand university
छात्रवृत्ति के लिए शासन को फीस का डाटा भेेजने में एमजेपी रुहलेखंड विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विश्वविद्यालय की तरफ से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंशन(ईआई) की फीस दस गुना कम भेज दी गई। उसका नतीजा यह रहा है कि जिन छात्रों को 75 हजार शुल्क प्रतिपूर्ति मिलनी चाहिए थी उनको महत साढ़े सात हजार ही मिली। गुस्साएं छात्रों ने बुधवार को डीएसब्ल्यू कार्यालय पर काफी हंगामा किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लखनऊ निदेशालय में बात की गई। छात्रों को समझा बुझाकर शांत कराया गया। कई छात्रों का कहना था कि अगर छात्रवृत्ति पूरी नहीं मिली तो उनकी पढ़ाई छूटने की नौबत आ जाएगी।
छात्रवृत्ति का डाटा डीएसब्ल्यू कार्यालय से फीड होकर नोडल अधिकारी के माध्यम से सत्यापित होकर छात्रवृत्ति की वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है। ईआई ब्रांच की बाकी छात्रों की 75 हजार फीस अपलोड की गई जबकि तृतीय वर्ष के छात्रों की फीस 75 हजार की जगह महज 75 सौ अपलोड कर दी गई। नोडल अधिकारी प्रोफेसर पीबी सिंह ने माना कि सत्यापन के दौरान उनसे भूलवंश गलत फीस भेज दी गई। डीएसडब्ल्यू कार्यालय को सही फीस भेजनी चाहिए थी। दो दिन पूर्व समाज कल्याण विभाग ने विश्वविद्यालय के आईटी विभाग को इसका सूचना भेजी। जब चेक किया गया तो विश्वविद्यालय को अपनी गलती का एहसास हुआ। ईआई ब्रांच में 45 में से 36 छात्र ऐसे हैं जो छात्रवृत्ति लेते हैं। इसमें भी कई ऐेसे हैं जो सिर्फ छात्रवृत्ति के सहारे ही पढ़ाई कर रहे हैं। कुलपति के पास भी छात्र गए, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। नोडल अधिकारी ने लखनऊ निदेशालय भी बात की, लेकिन वहां भी मायूसी मिली। अगर छात्रवृत्ति का डाटा सही नहीं होता है तो 31 मार्च के बाद बजट वापस चला जाएगा। बुधवार को छात्र पूरे दिन डीएसब्ल्यू कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते रहे।
भूलवंश ऐसा हुआ है। 75 हजार की जगह 75 सौ फीस गई। लखनऊ निदेशालय बात कर रहे हैं, शायद कोई हल निकल सके।
-प्रोफेसर पीबी सिंह, नोडल अधिकारी छात्रवृत्ति
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छात्रवृत्ति का डाटा डीएसब्ल्यू कार्यालय से फीड होकर नोडल अधिकारी के माध्यम से सत्यापित होकर छात्रवृत्ति की वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है। ईआई ब्रांच की बाकी छात्रों की 75 हजार फीस अपलोड की गई जबकि तृतीय वर्ष के छात्रों की फीस 75 हजार की जगह महज 75 सौ अपलोड कर दी गई। नोडल अधिकारी प्रोफेसर पीबी सिंह ने माना कि सत्यापन के दौरान उनसे भूलवंश गलत फीस भेज दी गई। डीएसडब्ल्यू कार्यालय को सही फीस भेजनी चाहिए थी। दो दिन पूर्व समाज कल्याण विभाग ने विश्वविद्यालय के आईटी विभाग को इसका सूचना भेजी। जब चेक किया गया तो विश्वविद्यालय को अपनी गलती का एहसास हुआ। ईआई ब्रांच में 45 में से 36 छात्र ऐसे हैं जो छात्रवृत्ति लेते हैं। इसमें भी कई ऐेसे हैं जो सिर्फ छात्रवृत्ति के सहारे ही पढ़ाई कर रहे हैं। कुलपति के पास भी छात्र गए, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। नोडल अधिकारी ने लखनऊ निदेशालय भी बात की, लेकिन वहां भी मायूसी मिली। अगर छात्रवृत्ति का डाटा सही नहीं होता है तो 31 मार्च के बाद बजट वापस चला जाएगा। बुधवार को छात्र पूरे दिन डीएसब्ल्यू कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते रहे।
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भूलवंश ऐसा हुआ है। 75 हजार की जगह 75 सौ फीस गई। लखनऊ निदेशालय बात कर रहे हैं, शायद कोई हल निकल सके।
-प्रोफेसर पीबी सिंह, नोडल अधिकारी छात्रवृत्ति