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लॉकडाउन में बेरोजगार हुए किरायेदार ने ही ट्रांसपोर्टर के घर में डलवाई थी डकैती
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घटना का खुलासा करते एसएसपी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
ट्रांसपोर्टर की दुकान में करता था कपड़े का कारोबार, सात बदमाश गिरफ्तार
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बदमाशों से 46 हजार रुपये, 15 तोला सोना और दो मोबाइल बरामद
बरेली। फतेहगंज पश्चिमी में ट्रांसपोर्टर के घर डकैती की स्क्रिप्ट खुद ट्रांसपोर्टर के किराएदार ने ही लिखी थी। पुलिस ने किराएदार समेत घटना में शामिल कुल सात बदमाशों को गिरफ्तार करके वारदात का खुलासा कर दिया है। इनके कब्जे से पुलिस ने लूटी गई रकम से 46 हजार रुपये, 15 तोला सोना, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल हुई इनोवा कार भी बरामद की है। डकैती की पटकथा लिखने वाला अजीम ट्रांसपोर्टर की दुकान में कपड़े की दुकान करता था। लॉकडाउन में कामधंधा बंद हुआ तो उसने अपनी ही तरह बेरोजगार हुए अपने बाकी साथियों को मिलाकर घटना की साजिश रची और अंजाम दे डाला। डकैती को दूसरा रूप देने के लिए घर में घुसते ही लुटेरों ने ट्रांसपोर्टर से कहा था कि, तुम्हारा बेटा हमारी बेटी को ले आया है, उसे बुलाओ।
पुलिस लाइन में वारदात का खुलासा करते हुए एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि चार जुलाई को ट्रांसपोर्टर गोविंद गुप्ता के घर पड़ी डकैती का खाका उनके किराएदार अजीम ने ही खींचा था। उसे ट्रांसपोर्टर के पूरे घर के बारे में ठीक से जानकारी थी। लॉकडाउन में अजीम का धंधा चौपट हो चुका था। वह घाटे में चल रहा था तो उसके दिमाग में ट्रांसपोर्टर को लूटने का ख्याल आया। उसने अपने परिचित चक नवादा निवासी शब्बीर और किला थाने के बाजार संदल खा निवासी मकसूद के साथ मिलकर डकैती की योजना तैयार की। इन दोनों ने हरदोई के थाना शाहबाद के गांव उदरनपुर निवासी सूरज उर्फ सौरभ दीक्षित व गौतम शुक्ला के साथ ही शाहजहांपुर के थाना कांट के ददरौल निवासी रूपेश पांडेय व पुष्पराज उर्फ गब्बर को प्लान में शामिल किया। अजीम के साथ मौके पर पहुंचे बदमाशों ने एक दिन पहले रेकी की। यह लोग किराए की इनोवा से आए और साढ़े सात बजे शाम को आकर कस्बे में घूमते रहे। इसके बाद पहचाने जाने के डर से अजीम दूर हो गया। शब्बीर और मकसूद भी उससे मिलने आते रहते थे। इसलिए पहचान न हो, इसलिए गाड़ी में बैठे रहे। बाकी चारों बदमाशों ने गोविंद गुप्ता के घर में घुसकर घटना कर दी।
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एसएसपी ने बताया कि खुले गेट से बदमाश अंदर घुसे और गोविंद गुप्ता से कहा कि तुम्हारा बेटा हमारी बहन को ले आया है। बदमाशों ने ऐसा करके उनका ध्यान भटकाने की कोशिश की ताकि वह इसे सीधे लूट का मामला समझकर शोर न मचाएं। बाहर बाजार में काफी भीड़ थी। बदमाश कुछ घंटे यहां बिताकर माल लेकर ऐसे वक्त जाना चाहते थे, जब बाजार बंद हो जाए और किसी के चीखने से भी कोई फर्क न पड़े। दूसरा वह व्यापारी से ऐसा कहकर पुलिस तक संदेश देना चाहते थे कि इसी तर्ज पर वारदातें करने वाले गैंग ने घटना की है। एसएसपी ने बताया कि उन्होंने दूसरे जिलों में सक्रिय इस तरह से वारदात करने वाले गैंग के सदस्यों की डिटेल निकलवाई तो पता लगा कि सब जेल में हैं। तब पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी।
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एसएसपी ने बताया कि बदमाशों से पुलिस ने 46 हजार रुपये, 15 तोला सोने के जेवर, 80 ग्राम चांदी, लूटे दो मोबाइल, चार तमंचे और घटना में इस्तेमाल हुई इनोवा कार बरामद की है। बताया कि बदमाशों ने बाकी सारा माल बरामद करा दिया पर लूटी गई 1.32 नकदी में से बाकी रकम खर्च कर दी। वारदात के बाद बदमाश पहले शाहजहांपुर गए और फिर दिल्ली जाकर इन्हीं रुपयों से मस्ती की। एसएसपी ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम की पीठ भी थपथपाई। उन्होंने टीम को 15 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की। एडीजी व डीआईजी स्तर से भी टीम को पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई है।
शब्बीर और रूपेश अस्पताल से भेजे जेल
बीती रात पुलिस ने शब्बीर और रूपेश को रबड़ फैक्टरी में हुई मुठभेड़ में घायल बताया था। दोनों ही जमीन में दबा जेवर निकलवाने गए थे और माल में छिपे तमंचे से फायर कर सिपाही दिलशाद को घायल कर दिया। पुलिस के मुताबिक दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। अस्पताल से दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया। बाकी पांच बदमाश प्रेसवार्ता में पेश करने के बाद कोर्ट भेजे गए।
पीड़ित बरामदगी से खुश नहीं, दो चेन नकली बताईं
पीड़ित गोेविंद गुप्ता को भी एसएसपी ने प्रेसवार्ता में बुलाया था। वहां से वह निकल गए। बाद में पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने सही बदमाश पकड़े हैं, बरामद माल भी उन्हीं का है पर वह कम है। नकदी काफी कम है। उन्होंने देखा तो जेवरों में दो असली चेन गायब हैं और नकली रखी हुई हैं। उन्होंने एसपी क्राइम से इस पर ऐतराज जताया तो उनका कहना था कि बदमाशों ने उन्हें जो बरामद कराया, वह यही है। गुप्ता का कहना था कि पूरा माल न मिलने का अफसोस है।
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बदमाशों से 46 हजार रुपये, 15 तोला सोना और दो मोबाइल बरामद बरेली। फतेहगंज पश्चिमी में ट्रांसपोर्टर के घर डकैती की स्क्रिप्ट खुद ट्रांसपोर्टर के किराएदार ने ही लिखी थी। पुलिस ने किराएदार समेत घटना में शामिल कुल सात बदमाशों को गिरफ्तार करके वारदात का खुलासा कर दिया है। इनके कब्जे से पुलिस ने लूटी गई रकम से 46 हजार रुपये, 15 तोला सोना, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल हुई इनोवा कार भी बरामद की है। डकैती की पटकथा लिखने वाला अजीम ट्रांसपोर्टर की दुकान में कपड़े की दुकान करता था। लॉकडाउन में कामधंधा बंद हुआ तो उसने अपनी ही तरह बेरोजगार हुए अपने बाकी साथियों को मिलाकर घटना की साजिश रची और अंजाम दे डाला। डकैती को दूसरा रूप देने के लिए घर में घुसते ही लुटेरों ने ट्रांसपोर्टर से कहा था कि, तुम्हारा बेटा हमारी बेटी को ले आया है, उसे बुलाओ।
पुलिस लाइन में वारदात का खुलासा करते हुए एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि चार जुलाई को ट्रांसपोर्टर गोविंद गुप्ता के घर पड़ी डकैती का खाका उनके किराएदार अजीम ने ही खींचा था। उसे ट्रांसपोर्टर के पूरे घर के बारे में ठीक से जानकारी थी। लॉकडाउन में अजीम का धंधा चौपट हो चुका था। वह घाटे में चल रहा था तो उसके दिमाग में ट्रांसपोर्टर को लूटने का ख्याल आया। उसने अपने परिचित चक नवादा निवासी शब्बीर और किला थाने के बाजार संदल खा निवासी मकसूद के साथ मिलकर डकैती की योजना तैयार की। इन दोनों ने हरदोई के थाना शाहबाद के गांव उदरनपुर निवासी सूरज उर्फ सौरभ दीक्षित व गौतम शुक्ला के साथ ही शाहजहांपुर के थाना कांट के ददरौल निवासी रूपेश पांडेय व पुष्पराज उर्फ गब्बर को प्लान में शामिल किया। अजीम के साथ मौके पर पहुंचे बदमाशों ने एक दिन पहले रेकी की। यह लोग किराए की इनोवा से आए और साढ़े सात बजे शाम को आकर कस्बे में घूमते रहे। इसके बाद पहचाने जाने के डर से अजीम दूर हो गया। शब्बीर और मकसूद भी उससे मिलने आते रहते थे। इसलिए पहचान न हो, इसलिए गाड़ी में बैठे रहे। बाकी चारों बदमाशों ने गोविंद गुप्ता के घर में घुसकर घटना कर दी।
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एसएसपी ने बताया कि खुले गेट से बदमाश अंदर घुसे और गोविंद गुप्ता से कहा कि तुम्हारा बेटा हमारी बहन को ले आया है। बदमाशों ने ऐसा करके उनका ध्यान भटकाने की कोशिश की ताकि वह इसे सीधे लूट का मामला समझकर शोर न मचाएं। बाहर बाजार में काफी भीड़ थी। बदमाश कुछ घंटे यहां बिताकर माल लेकर ऐसे वक्त जाना चाहते थे, जब बाजार बंद हो जाए और किसी के चीखने से भी कोई फर्क न पड़े। दूसरा वह व्यापारी से ऐसा कहकर पुलिस तक संदेश देना चाहते थे कि इसी तर्ज पर वारदातें करने वाले गैंग ने घटना की है। एसएसपी ने बताया कि उन्होंने दूसरे जिलों में सक्रिय इस तरह से वारदात करने वाले गैंग के सदस्यों की डिटेल निकलवाई तो पता लगा कि सब जेल में हैं। तब पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी।
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एसएसपी ने बताया कि बदमाशों से पुलिस ने 46 हजार रुपये, 15 तोला सोने के जेवर, 80 ग्राम चांदी, लूटे दो मोबाइल, चार तमंचे और घटना में इस्तेमाल हुई इनोवा कार बरामद की है। बताया कि बदमाशों ने बाकी सारा माल बरामद करा दिया पर लूटी गई 1.32 नकदी में से बाकी रकम खर्च कर दी। वारदात के बाद बदमाश पहले शाहजहांपुर गए और फिर दिल्ली जाकर इन्हीं रुपयों से मस्ती की। एसएसपी ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम की पीठ भी थपथपाई। उन्होंने टीम को 15 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की। एडीजी व डीआईजी स्तर से भी टीम को पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई है।